परिपत्र सं. 2/2022 : आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 10 के वाक्यांश (10घ) के अंतर्गत दिशानिर्देश
परिपत्र सं.
परिपत्र सं. 2/2022
परिपत्र की तिथि
19/01/2022
दस्तावेज़ अपलोड की तिथि
19/01/2022
2022 की परिपत्र सं. 2
एफ.नं. 370142/61/2021-टीपीएल
भारत सरकार
वित्त मंत्रालय
राजस्व विभाग
(केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड)
दिनांक : 19 जनवरी, 2022
विषय : आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 10 के वाक्यांश (10घ) के अंतर्गत दिशानिर्देश -संबंधित
आयकर अधिनियम, 1961 (अधिनियम) की धारा 10 के वाक्यांश (10घ) को एक जीवनबीमा पॉलिसी के अंतर्गत प्राप्त राशि पर आयकर संबंधी छूट के लिए मुहैया कराया गया है जिसमें कुछ छूट के अनुसार ऐसी पॉलिसी पर बोनस के तौर पर आवंटित की गर्इ ऐसी राशि शामिल है।
2. वित्त अधिनियम, 2021 के माध्यम से चौथे से सातवें परंतुक को शामिल करते हुए अधिनियम की धारा 10 के वाक्यांश (10घ) को संशोधित किया गया है। प्रभावी तिथि 01.02.2021 से, 01.02.2021 को या उसके बाद जारी की गर्इ एक यूनिट लिंक्ड इश्योरेंस पॉलिसी (यूलिप) के अंतर्गत प्राप्त राशि कथित वाक्यांश के अंतर्गत छूट के योग्य नहीं होगी यदि ऐसी पॉलिसी की अवधि के दौरान किसी भी पिछले वर्ष के लिए देययोग्य प्रीमियम की राशि रू. 2,50,000 से अधिक नहीं होती हो। आगे, पांचवां परंतुक मुहैया कराता है कि यदि प्रीमियम एक से अधिक यूलिप के लिए देययोग्य हो जिसे 01.02.2021 को या उसके बाद जारी किया गया हो तो उक्त वाक्यांश के अंतर्गत ऐसी किसी भी पॉलिसी के संबंध में छूट केवल तभी मिलेगी जहां कुल प्रीमियम उन पॉलिसियों की किसी भी अवधि के दौरान किसी भी पिछले वर्ष में रू. 2,50,000 से अधिक न हो।
3. कथित वाक्यांश (10घ) के सातवें परंतुक केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (बोर्ड) को केंद्र सरकार की पिछली मंजूरी के साथ वहां किसी भी प्रकार की परेशानी को दूर करने के लिए आदेश देने का अधिकार देता है जो उक्त वाक्यांश के प्रावधानों को प्रभावी करने का के दौरान पेरशानी का कारण बने। इस परंतुक के अंतर्गत अधिकारों का प्रयोग करते हुए, बोर्ड केंद्र सरकार की पिछली अनुमति के साथ एतद्द्वारा निम्नलिखित दिशानिर्देशों को जारी करते हैं।
4. 01.02.2021 (इसके बाद "योग्य यूलिप" के तौर पर संदर्भित) को या उसके बाद जारी एक या एक से अधिक यूलिप के अंतर्गत पिछले वर्ष (इसके बाद "वर्तमान पिछले वर्ष" के तौर पर संदर्भित) के दौरान बोनस (इसके बाद "प्रतिफल" के तौर पर संदर्भित) के रूप में आवंटित की गर्इ ऐसी राशि सहित प्राप्त राशि उक्त वाक्यांश के अन्य प्रावधानों को पूरा करने के अनुसार अधिनियम की धारा 10 के वाक्यांश (10घ) के अंतर्गत करमुक्त होगी। इसे विभिन्न उदाहरणों की मदद से स्पष्ट किया गया है :-
4.1 स्थिति 1 : वर्तमान पिछले वर्ष के पहले के किसी पिछले वर्ष के दौरान किसी योग्य यूलिप पर निर्धारिती द्वारा कोर्इ प्रतिफल प्राप्त न किया गया हो या प्रतिफल ऐसी योग्य यूलिप पर प्राप्त किया गया हो लेकिन छूट का दावा न किया गया हो। अधिनियम की धारा 10 के वाक्यांश (10घ) के अंतर्गत छूट को निम्नानुसार निर्धारित किया जाएगा :
i. यदि निर्धारिती ने एक योग्य यूलिप के अंतर्गत ही वर्तमान पिछले वर्ष के दौरान प्रतिफल प्राप्त किया हो और ऐसी योग्य यूलिप पर दिया जाने वाले प्रीमियम की राशि ऐसे योग्य यूलिप की अवधि के दौरान ऐसे किसी पिछले वर्ष में रू. 2,50,000 से अधिक न हो, ऐसा प्रतिफल उक्त वाक्यांश (10घ) के अंतर्गत छूट के योग्य होगा
ii. यदि निर्धारिती ने एक योग्य यूलिप के अंतर्गत वर्तमान पिछले वर्ष के दौरान प्रतिफल प्राप्त किया हो और ऐसी योग्य यूलिप पर दिया जाने वाले प्रीमियम की राशि ऐसे योग्य यूलिप की अवधि के दौरान ऐसे किसी पिछले वर्ष में रू. 2,50,000 से अधिक हो, ऐसा प्रतिफल उक्त वाक्यांश (10घ) के अंतर्गत छूट के योग्य नहीं होगा
iii. यदि निर्धारिती ने एक से अधिक योग्य यूलिप के अंतर्गत ही वर्तमान पिछले वर्ष के दौरान प्रतिफल प्राप्त किया हो और ऐसी योग्य यूलिप पर दिया जाने वाले कुल प्रीमियम की राशि ऐसे योग्य यूलिप की अवधि के दौरान ऐसे किसी पिछले वर्ष में रू. 2,50,000 से अधिक न हो, ऐसा प्रतिफल उक्त वाक्यांश (10घ) के अंतर्गत छूट के योग्य होगा
iv. यदि निर्धारिती ने एक से अधिक योग्य यूलिप के अंतर्गत ही वर्तमान पिछले वर्ष के दौरान प्रतिफल प्राप्त किया हो और ऐसी योग्य यूलिप पर दिया जाने वाले कुल प्रीमियम की कुल राशि ऐसे योग्य यूलिप की अवधि के दौरान ऐसे किसी भी पिछले वर्ष में रू. 2,50,000 से अधिक हो, ऐसे योग्य यूलिप के अंतर्गत प्रतिफल उक्त वाक्यांश (10घ) के अंतर्गत छूट के योग्य होगा जहां दिए जाने वाले प्रीमियम की कुल राशि उनकी अवधि के दौरान पिछले किसी भी वर्ष में रू. 2,50,000 से अधिक न हो (उदाहरणों का संदर्भ लें)
4.2 स्थिति 2 : वर्तमान पिछले वर्ष के पहले के किसी पिछले वर्ष के दौरान एक या एक से अधिक योग्य यूलिप पर निर्धारिती द्वारा कोर्इ प्रतिफल प्राप्त किया गया हो और इसे अधिनियम की धारा 10 के वाक्यांश (10घ) के अंतर्गत छूट संबंधी दावा किया गया हो। ऐसी योग्य यूलिप को इस पैराग्राफ में "पुराने यूलिप" के तौर पर संदर्भित किया गया हो और बाद के उदाहरणों और योग्य यूलिप हेतु संदर्भ पुराने यूलिप में शामिल नहीं होंगे। अधिनियम की धारा 10 के वाक्यांश (10घ) के अंतर्गत छूट को निम्नानुसार निर्धारित किया जाएगा :
i. यदि निर्धारिती ने एक योग्य यूलिप के अंतर्गत ही वर्तमान पिछले वर्ष के दौरान प्रतिफल प्राप्त किया हो और ऐसी योग्य यूलिप और पुराने यूलिप पर दिया जाने वाले प्रीमियम की कुल राशि ऐसे योग्य यूलिप की अवधि के दौरान ऐसे किसी पिछले वर्ष में रू. 2,50,000 से अधिक न हो, ऐसा प्रतिफल उक्त वाक्यांश (10घ) के अंतर्गत छूट के योग्य होगा
ii. यदि निर्धारिती ने एक योग्य यूलिप के अंतर्गत ही वर्तमान पिछले वर्ष के दौरान प्रतिफल प्राप्त किया हो और ऐसी योग्य यूलिप और पुराने यूलिप पर दिया जाने वाले प्रीमियम की कुल राशि ऐसे योग्य यूलिप की अवधि के दौरान ऐसे किसी पिछले वर्ष में रू. 2,50,000 से अधिक न हो, ऐसा प्रतिफल उक्त वाक्यांश (10घ) के अंतर्गत छूट के योग्य नही होगा
iii. यदि निर्धारिती ने एक से अधिक योग्य यूलिप के अंतर्गत ही वर्तमान पिछले वर्ष के दौरान प्रतिफल प्राप्त किया हो और ऐसी योग्य यूलिप और पुराने यूलिप पर दिया जाने वाले प्रीमियम की कुल राशि ऐसे योग्य यूलिप की अवधि के दौरान ऐसे किसी पिछले वर्ष में रू. 2,50,000 से अधिक न हो, ऐसा प्रतिफल उक्त वाक्यांश (10घ) के अंतर्गत छूट के योग्य होगा
iv. यदि निर्धारिती ने एक से अधिक योग्य यूलिप के अंतर्गत वर्तमान पिछले वर्ष के दौरान प्रतिफल प्राप्त किया हो और ऐसी योग्य यूलिप और पुराने यूलिप पर दिया जाने वाले कुल प्रीमियम की राशि ऐसे योग्य यूलिप की अवधि के दौरान ऐसे किसी पिछले वर्ष में रू. 2,50,000 से अधिक हो, ऐसे योग्य यूलिप के अंतर्गत प्रतिफल उक्त वाक्यांश (10घ) के अंतर्गत छूट के योग्य होगा जहां पुराने यूलिप की कुल राशि के साथ दिए जाने वाले प्रीमियम की कुल राशि ऐसी किसी योग्य यूलिप की अवधि के दौरान किसी भी पिछले वर्ष में रू. 2,50,000 से अधिक न हो (उदाहरणों का संदर्भ लें)
4.3 उक्त दिशानिर्देशों को निम्नलिखित उदाहरणों की मदद से स्पष्ट किया गया है :
उदाहरण 1 :
निर्धारिती के पास निम्नलिखित पॉलिसी है जो अधिनियम की धारा 10 के वाक्यांश (10घ) में निर्दिष्ट सभी शर्तों को पूरा करता हो (उक्त वाक्यांश के चौथे और पांचवें परंतुक के अंतर्गत दी गर्इ शर्तों को छोड़कर जिसकी प्रयोज्यता को उदाहरण की मदद से स्पष्ट किया जा रहा है)
| यूलिप | ए |
| जारी करने की तिथि | 01.04.2011 |
| वार्षिक प्रीमियम (रू.) | 5,00,000 |
| बीमित राशि (रू.) | 50,00,000 |
| परिपक्वता होने पर 01.11.2021 को प्राप्त प्रतिफल | 60,00,000 |
अधिनियम की धारा 10 के वाक्यांश (10घ) के चौथे परंतुक के अनुसार करदेयता
परिपक्वता पर प्राप्त राशि अधिनियम की धारा 10 के वाक्यांश (10घ) के अंतर्गत करमुक्त होगी चूंकि पॉलिसी को 01.02.2021 से पहले जारी किया गया है और तद्नुसार धारा 10 के कथित वाक्यांश (1) के चौथे और सातवें परंतुक में शामिल किया गया है जिसे वित्त अधिनियम, 2021 द्वारा शामिल किया गया है।
उदाहरण 2 :
निर्धारिती के पास निम्नलिखित पॉलिसी है जो अधिनियम की धारा 10 के वाक्यांश (10घ) में निर्दिष्ट सभी शर्तों को पूरा करता है (उक्त वाक्यांश के चौथे और पांचवें परंतुक के अंतर्गत दी गर्इ शर्तों को छोड़कर जिसकी प्रयोज्यता को उदाहरण की मदद से स्पष्ट किया जा रहा है)। निर्धारिती ने पिछले वर्ष 2031-32 के पहले के पूर्व वर्ष में किसी अन्य यूलिप के अंतर्गत कोर्इ प्रतिफल प्राप्त नही किया है।
| यूलिप | ए |
| जारी करने की तिथि | 01.04.2021 |
| वार्षिक प्रीमियम (रू.) | 5,00,000 |
| बीमित राशि (रू.) | 50,00,000 |
| परिपक्वता होने पर 01.11.2031 को प्राप्त प्रतिफल | 60,00,000 |
अधिनियम की धारा 10 के वाक्यांश (10घ) के चौथे परंतुक के अनुसार करदेयता :
• चौथे परंतुक के प्रावधानों के अनुसार वाक्यांश (10घ) के अंतर्गत प्राप्त प्रतिफल करमुक्त नही होगा चूंकि पॉलिसी पर देययोग्य वार्षिक प्रीमियम रू. 2,50,000 से अधिक है।
उदाहरण 3 :
निर्धारिती के पास निम्नलिखित पॉलिसी है जो अधिनियम की धारा 10 के वाक्यांश (10घ) में निर्दिष्ट सभी शर्तों को पूरा करता है (उक्त वाक्यांश के चौथे और पांचवें परंतुक के अंतर्गत दी गर्इ शर्तों को छोड़कर जिसकी प्रयोज्यता को उदाहरण की मदद से स्पष्ट किया जा रहा है)। निर्धारिती ने पिछले वर्ष 2031-32 के पहले के पूर्व वर्ष में किसी अन्य यूलिप के अंतर्गत कोर्इ प्रतिफल प्राप्त नही किया है।
| यूलिप | ए |
| जारी करने की तिथि | 01.04.2011 |
| वार्षिक प्रीमियम (रू.) | 2,50,000 |
| सम एशोयर्ड | 25,00,000 |
| परिपक्वता होने पर 01.11.2031 को प्राप्त प्रतिफल | 32,00,000 |
अधिनियम की धारा 10 के वाक्यांश (10घ) के चौथे परंतुक के अनुसार करदेयता :
चौथे परंतुक के प्रावधानों के अनुसार वाक्यांश (10घ) के अंतर्गत प्राप्त प्रतिफल करमुक्त होगा चूंकि पॉलिसी पर देययोग्य वार्षिक प्रीमियम रू. 2,50,000 से अधिक है।
उदाहरण 4 :
निर्धारिती के पास निम्नलिखित पॉलिसी है जिसमें से सभी अधिनियम की धारा 10 के वाक्यांश (10घ) में निर्दिष्ट सभी शर्तों को पूरा करता है (उक्त वाक्यांश के चौथे और पांचवें परंतुक के अंतर्गत दी गर्इ शर्तों को छोड़कर जिसकी प्रयोज्यता को उदाहरण की मदद से स्पष्ट किया जा रहा है)। निर्धारिती ने पिछले वर्ष 2031-32 के पहले के पूर्व वर्ष में किसी अन्य यूलिप के अंतर्गत कोर्इ प्रतिफल प्राप्त नहीं किया है।
| यूलिप | ए | बी |
| जारी करने की तिथि | 01.04.2011 | 01.04.2021 |
| वार्षिक प्रीमियम (रू.) | 2,00,000 | 3,00,000 |
| बीमित राशि (रू.) | 20,00,000 | 30,00,000 |
| परिपक्वता होने पर 01.11.2031 को प्राप्त प्रतिफल | 22,00,000 | 35,00,000 |
अधिनियम की धारा 10 के वाक्यांश (10घ) के पांचवें परंतुक के अनुसार करदेयता :
• यूलिप "बी" के अंतर्गत प्राप्त प्रतिफल पांचवें परंतुक के प्रावधानों के अनुसार करमुक्त नहीं होगा चूंकि यूलिप "ए" और यूलिप "बी" के लिए देययोग्य कुल वार्षिक प्रीमियम इन पॉलिसियों की अवधि के दौरान रू. 2,50,000 से अधिक है। हालांकि, यूलिप "ए" के अंतर्गत प्राप्त प्रतिफल वाक्यांश (10घ) के अंतर्गत करमुक्त है चूंकि इसका वार्षिक प्रीमियम पॉलिसी की अवधि के दौरान किसी भी वर्ष में रू. 2,50,000 से अधिक नहीं है।
उदाहरण 5 :
निर्धारिती के पास निम्नलिखित पॉलिसी है जिसमें से सभी अधिनियम की धारा 10 के वाक्यांश (10घ) में निर्दिष्ट सभी शर्तों को पूरा करता है (उक्त वाक्यांश के चौथे और पांचवें परंतुक के अंतर्गत दी गर्इ शर्तों को छोड़कर जिसकी प्रयोज्यता को उदाहरण की मदद से स्पष्ट किया जा रहा है)। निर्धारिती ने पिछले वर्ष 2031-32 के पहले के पूर्व वर्ष में किसी अन्य यूलिप के अंतर्गत कोर्इ प्रतिफल प्राप्त नहीं किया है।
| यूलिप | ए | बी | सी |
| जारी करने की तिथि | 01.4.2011 | 01.04.2021 | 01.04.2021 |
| वार्षिक प्रीमियम (रू.) | 1,00,000 | 1,50,000 | 3,00,000 |
| बीमित राशि (रू.) | 10,00,000 | 15,00,000 | 30,00,000 |
| परिपक्वता होने पर 01.11.2031 को प्राप्त प्रतिफल | 12,00,000 | 18,00,000 | 34,00,000 |
अधिनियम की धारा 10 के वाक्यांश (10घ) के पांचवें परंतुक के अनुसार करदेयता :
• यूलिप "सी" के अंतर्गत प्राप्त प्रतिफल पांचवें परंतुक के प्रावधानों के अनुसार करमुक्त नहीं होगा चूंकि यूलिप "ए" और यूलिप "बी" यूलिप "सी" के लिए देययोग्य कुल वार्षिक प्रीमियम इन पॉलिसियों की अवधि के दौरान रू. 2,50,000 से अधिक है।
• हालांकि, यूलिप "ए" और यूलिप "बी" के अंतर्गत प्राप्त प्रतिफल वाक्यांश (10घ) के अंतर्गत करमुक्त है चूंकि इन वार्षिक प्रीमियमों के लिए कुल वार्षिक प्रीमियम दोनों पॉलिसियों की अवधि के दौरान किसी भी वर्ष में रू. 2,50,000 से अधिक न है।
उदाहरण 6 :
निर्धारिती के पास निम्नलिखित पॉलिसी है जिसमें से सभी अधिनियम की धारा 10 के वाक्यांश (10घ) में निर्दिष्ट सभी शर्तों को पूरा करता है (उक्त वाक्यांश के चौथे और पांचवें परंतुक के अंतर्गत दी गर्इ शर्तों को छोड़कर जिसकी प्रयोज्यता को उदाहरण की मदद से स्पष्ट किया जा रहा है)। निर्धारिती ने पिछले वर्ष 2030-31 के पहले के पूर्व वर्ष में किसी अन्य योग्य यूलिप के अंतर्गत कोर्इ प्रतिफल प्राप्त नही किया है।
| यूलिप | एक्स | ए | बी | सी |
| जारी करने की तिथि | 01.4.2020 | 01.04.2021 | 01.04.2021 | 01.04.2021 |
| वार्षिक प्रीमियम (रू.) | 2,50,000 | 1,00,000 | 1,50,000 | 3,00,000 |
| बीमित राशि (रू.) | 25,00,000 | 10,00,000 | 15,00,000 | 30,00,000 |
| परिपक्वता होने पर 01.11.2030 को प्राप्त प्रतिफल | 30,00,000 | |||
| परिपक्वता होने पर 01.11.2031 को प्राप्त प्रतिफल | 12,00,000 | 18,00,000 | 34,00,000 |
अधिनियम की धारा 10 के वाक्यांश (10घ) के पांचवें परंतुक के अनुसार करदेयता :
• यूलिप "एक्स" के अंतर्गत प्राप्त प्रतिफल वाक्यांश (10घ) के अनुसार करमुक्त होगा चूंकि पॉलिसी को 01.02.2021 को या उससे पहले जारी किया गया है और यह हाल ही में प्रस्तुत किए गए प्रावधानों के द्वारा शामिल नहीं है।
• यूलिप "सी" के अंतर्गत प्राप्त प्रतिफल वाक्यांश (10घ) के अंतर्गत पांचवें परंतुक के प्रावधानों के अनुसार करमुक्त नहीं होगा चूंकि यूलिप "ए" और यूलिप "बी" यूलिप "सी" के लिए देययोग्य कुल वार्षिक प्रीमियम इन पॉलिसियों की अवधि के दौरान रू. 2,50,000 से अधिक है।
• हालांकि, यूलिप "ए" और यूलिप "बी" के अंतर्गत प्राप्त प्रतिफल वाक्यांश (10घ) के अंतर्गत करमुक्त है चूंकि इन दोनों पॉलिसियों के लिए दिया जाने वाला कुल वार्षिक प्रीमियम इन दोनों पॉलिसयों की शर्तों के दौरान किसी भी वर्ष में रू. 2,50,000 से अधिक नहीं है।
उदाहरण 7 :
निर्धारिती के पास निम्नलिखित पॉलिसी है जिसमें से सभी अधिनियम की धारा 10 के वाक्यांश (10घ) में निर्दिष्ट सभी शर्तों को पूरा करता है (उक्त वाक्यांश के चौथे और पांचवें परंतुक के अंतर्गत दी गर्इ शर्तों को छोड़कर जिसकी प्रयोज्यता को उदाहरण की मदद से स्पष्ट किया जा रहा है)। निर्धारिती ने पिछले वर्ष 2031-32 के पहले के पूर्व वर्ष में किसी अन्य योग्य यूलिप के अंतर्गत कोर्इ प्रतिफल प्राप्त नहीं किया है।
| यूलिप | एक्स | ए | बी | सी |
| जारी करने की तिथि | 01.04.2020 | 01.04.2022 | 01.04.2022 | 01.04.2022 |
| वार्षिक प्रीमियम (रू.) | 2,00,000 | 1,00,000 | 1,50,000 | 3,00,000 |
| बीमित राशि (रू.) | 20,00,000 | 10,00,000 | 15,00,000 | 30,00,000 |
| परिपक्वता होने पर 01.11.2031 को प्राप्त प्रतिफल | 25,00,000 | |||
| परिपक्वता होने पर 01.11.2032 को प्राप्त प्रतिफल | 12,00,000 | 18,00,000 | 34,00,000 |
अधिनियम की धारा 10 के वाक्यांश (10घ) के पांचवें परंतुक के अनुसार करदेयता :
• यूलिप "एक्स" के अंतर्गत प्राप्त प्रतिफल वाक्यांश (10घ) के अंतर्गत पिछले वर्ष 2031-32 के लिए करमुक्त होगा चूंकि वार्षिक प्रीमियम रू. 2,50,000 से अधिक नहीं है।
• यूलिप "ए", यूलिप "बी" और यूलिप "सी" के अंतर्गत प्राप्त प्रतिफल पांचवें परंतुक के प्रावधानों के अनुसार वाक्यांश (10घ) के अंतर्गत करमुक्त नहीं होगा चूंकि इन तीन यूलिपों और यूलिप "एक्स" के लिए देययोग्य कुल वार्षिक प्रीमियम पिछले वर्ष 2022-23 से 2031-32 के लिए रू. 2,50,000 से अधिक है जो इन पॉलिसयों की अवधि के अंतर्गत आता है। यूलिप "ए" के अंतर्गत प्रतिफल उक्त वाक्यांश के अंतर्गत छूट के योग्य नहीं होगा चूंकि यूलिप "एक्स" और यूलिप "ए" के कुल वार्षिक प्रीमियम रू. 2,50,000 से अधिक है।
उदाहरण 8 :
निर्धारिती के पास निम्नलिखित पॉलिसी है जिसमें से सभी अधिनियम की धारा 10 के वाक्यांश (10घ) में निर्दिष्ट सभी शर्तों को पूरा करता है (उक्त वाक्यांश के चौथे और पांचवें परंतुक के अंतर्गत दी गर्इ शर्तों को छोड़कर जिसकी प्रयोज्यता को उदाहरण की मदद से स्पष्ट किया जा रहा है)। निर्धारिती ने पिछले वर्ष 2031-32 के पहले के पूर्व वर्ष में किसी अन्य योग्य यूलिप के अंतर्गत कोर्इ प्रतिफल प्राप्त नही किया है।
| यूलिप | एक्स | ए | बी | सी |
| जारी करने की तिथि | 01.04.2021 | 01.04.2022 | 01.04.2022 | 01.04.2022 |
| वार्षिक प्रीमियम (रू.) | 1,00,000 | 1,00,000 | 1,50,000 | 3,00,000 |
| बीमित राशि (रू.) | 10,00,000 | 10,00,000 | 15,00,000 | 30,00,000 |
| परिपक्वता होने पर 01.11.2031 को प्राप्त प्रतिफल | 12,00,000 | |||
| परिपक्वता होने पर 01.11.2032 को प्राप्त प्रतिफल | 12,00,000 | 18,00,000 | 34,00,000 |
अधिनियम की धारा 10 के वाक्यांश (10घ) के पांचवें परंतुक के अनुसार करदेयता :
• यूलिप "एक्स" के अंतर्गत प्राप्त प्रतिफल पिछले वर्ष 2031-32 के लिए वाक्यांश (10घ) के अंतर्गत पिछले वर्ष 2031-32 के लिए करमुक्त होगा चूंकि वार्षिक प्रीमियम रू. 2,50,000 से अधिक नहीं है।
• यूलिप "बी" के अंतर्गत प्राप्त प्रतिफल पिछले वर्ष 2032-33 के दौरान वाक्यांश (10घ) के अंतर्गत करमुक्त होगा और जबकि यूलिप "ए" और यूलिप "सी" के अंतर्गत प्राप्ति पर चर्चा के दौरान पांचवें परंतुक के प्रावधानों के अनुसार करयोग्य होगा।
• छूट यूलिप "बी" के अंतर्गत प्रतिफल तक सीमित है चूंकि दोनों यूलिप "एक्स" और यूलिप "बी" के लिए देययोग्य कुल वार्षिक प्रीमियम दोनो को मिलाकर यूलिप "बी" की अवधि के दौरान किसी भी पिछले वर्ष के लिए रू. 2,50,000 से अधिक नहीं है।
• यहां यूलिप "बी" के स्थान पर, हम यूलिप "ए" का उदाहरण ले सकते थे चूंकि यूलिप "एक्स" के लिए देययोग्य कुल वार्षिक प्रीमियम इन यूलिपों की अवधि के दौरान रू. 2,50,000 से कम है। हालांकि, चूंकि यूलिप "ए" के स्थान पर यूलिप "बी" को शामिल करना निर्धारिती के लिए अधिक लाभकारी है इसलिए यूलिप "बी" पर छूट के लिए विचार किया गया है।
उदाहरण 9 :
निर्धारिती के पास निम्नलिखित पॉलिसी है जिसमें से सभी अधिनियम की धारा 10 के वाक्यांश (10घ) में निर्दिष्ट सभी शर्तों को पूरा करता है (उक्त वाक्यांश के चौथे और पांचवें परंतुक के अंतर्गत दी गर्इ शर्तों को छोड़कर जिसकी प्रयोज्यता को उदाहरण की मदद से स्पष्ट किया जा रहा है)। निर्धारिती ने पिछले वर्ष 2031-32 के पहले के पूर्व वर्ष में किसी अन्य योग्य यूलिप के अंतर्गत कोर्इ प्रतिफल प्राप्त नहीं किया है। (इसे निर्दिष्ट किए जाने की आवश्यकता है कि यूलिप "एक्स" के अंतर्गत प्रतिफल छूट संबंधी दावे से संबंधित नहीं है)
| यूलिप | एक्स | ए | बी | सी |
| जारी करने की तिथि | 01.04.2021 | 01.04.2022 | 01.04.2022 | 01.04.2022 |
| वार्षिक प्रीमियम (रू.) | 1,00,000 | 1,00,000 | 1,50,000 | 3,00,000 |
| बीमित राशि (रू.) | 10,00,000 | 10,00,000 | 15,00,000 | 30,00,000 |
| परिपक्वता होने पर 01.05.2031 को प्राप्त प्रतिफल | 12,00,000 | |||
| परिपक्वता होने पर 01.05.2032 को प्राप्त प्रतिफल | 12,00,000 | 18,00,000 | 34,00,000 |
अधिनियम की धारा 10 के वाक्यांश (10घ) के पांचवें परंतुक के अनुसार करदेयता :
• यूलिप "एक्स" के अंतर्गत प्रतिफल की छूट संबंधी दावा निर्धारिती द्वारा वाक्यांश (10घ) के अंतर्गत नहीं किया गया था इसलिए इसे पुराने यूलिप की परिभाषा के अंतर्गत शामिल नहीं किया गया है।
• यूलिप "ए" और यूलिप "बी" के अंतर्गत प्राप्त प्रतिफल वाक्यांश (10घ) के अंतर्गत करमुक्त होगी। हालांकि, चूंकि यूलिप "ए" और यूलिप "बी" दोनों को मिलाकर देययोग्य कुल वार्षिक प्रीमियम दोनों को मिलाकर इन यूलिप "ए" या यूलिप "बी" में से किसी अवधि के दौरान किसी भी पिछले वर्ष के लिए रू. 2,50,000 से अधिक नहीं है और यूलिप "एक्स" का दावा वाक्यांश (10घ) के अंतर्गत छूट से संबंधित नहीं था इसलिए यूलिप "सी" के अंतर्गत प्राप्त प्रतिफल अधिनियम की धारा 10 के उक्त वाक्यांश (10घ) के पाचवें परंतुक के प्रावधान के अनुसार करयोग्य होगा।
उदाहरण 10 :
निर्धारिती के पास निम्नलिखित पॉलिसी है जिसमें से सभी अधिनियम की धारा 10 के वाक्यांश (10घ) में निर्दिष्ट सभी शर्तों को पूरा करता है (उक्त वाक्यांश के चौथे और पांचवें परंतुक के अंतर्गत दी गर्इ शर्तों को छोड़कर जिसकी प्रयोज्यता को उदाहरण की मदद से स्पष्ट किया जा रहा है)। निर्धारिती ने यूलिप "एक्स" और यूलिप "वार्इ" को छोड़कर पिछले वर्ष 2032-33 के पहले के पूर्व वर्ष में किसी अन्य योग्य यूलिप के अंतर्गत कोर्इ प्रतिफल प्राप्त नहीं किया है।
| यूलिप | एक्स | वार्इ | ए | बी | सी |
| जारी करने की तिथि | 01.04.2021 | 01.04.2021 | 01.04.2022 | 01.04.2022 | 01.04.2022 |
| वार्षिक प्रीमियम (रू.) | 1,00,000 | 1,00,000 | 1,00,000 | 1,50,000 | 3,00,000 |
| बीमित राशि (रू.) | 10,00,000 | 10,00,000 | 10,00,000 | 15,00,000 | 30,00,000 |
| परिपक्वता होने पर 01.07.2025 को प्राप्त प्रतिफल | 6,00,000 | ||||
| परिपक्वता होने पर 01.11.2031 को प्राप्त प्रतिफल | 12,00,000 | ||||
| परिपक्वता होने पर 01.11.2032 को प्राप्त प्रतिफल | 12,00,000 | 18,00,000 | 34,00,000 |
अधिनियम की धारा 10 के वाक्यांश (10घ) के पांचवें परंतुक के अनुसार करदेयता :
• यूलिप "एक्स" छोड़नें और परिपक्वता पर यूलिप "वार्इ" के अंतर्गत प्राप्त प्रतिफल वाक्यांश (10घ) के अंतर्गत करमुक्त होगा चूंकि वार्षिक प्रीमियम इन पॉसिसयों की अवधि के दौरान रू. 2,50,000 से अधिक नहीं है।
• यूलिप "ए", यूलिप "बी" और यूलिप "सी" के अंतर्गत प्राप्त प्रतिफल उक्त वाक्यांश (10घ) के पांचवें परंतुक के अनुसार वाक्यांश (10घ) के अंतर्गत करयोग्य होगा चूंकि पिछले वर्ष 2021-22 से 2025-26 के लिए यूलिप "एक्स" और यूलिप "वार्इ" के लिए देययोग्य कुल वार्षिक प्रीमियम रू. 2,00,000 था। यदि यूलिप "ए" या "बी" या "सी" का वार्षिक प्रीमियम जोड़ दिया जाता है तो पिछले वर्ष 2022-23 से लेकर 2025-26 तक के लिए कुल प्रीमियम रू. 2,50,000 होगा।
• पांचवें परंतुक के अनुसार, कर्इ यूलिपों के मामले में, सभी पॉलिसयों के लिए देययोग्य कुल प्रीमियम जिसकी छूट संबंधी दावा वाक्यांश (10घ) के अंतर्गत करना है वह किसी भी पॉलिसी की अवधि के दौरान किसी भी पिछले वर्ष के लिए रू. 2,50,000 से अधिक नहीं होगा।
उदाहरण 11 : यदि उदाहरण 10 में, निर्धारिती ने यूलिप "एक्स" छोड़नें के संबंध में कोर्इ छूट संबंधी दावा न किया हो तो यूलिप "वार्इ" के अंतर्गत प्राप्त प्रतिफल पिछले वर्ष 2031-32 के लिए करमुक्त होगा और यूलिप "बी" के अंतर्गत प्राप्त प्रतिफल वाक्यांश (10घ) के अंतर्गत पिछले वर्ष 2032-33 के लिए करमुक्त होगा। छूट यूलिप "बी" तक सीमित है चूंकि यूलिप "वार्इ" और यूलिप "बी" के लिए देययोग्य कुल वार्षिक प्रीमियम यूलिप "बी" या यूलिप "बी" की अवधि के दौरान किसी भी पिछले वर्ष के लिए रू. 2,50,000 से अधिक नहीं है और निर्धारिती ने यूलिप "एक्स" का छूट के तौर पर दावा नहीं किया है। यूलिप "ए" के स्थान पर यूलिप "बी" को वरीयता दी गर्इ है चूंकि निर्धारिती के लिए यह अधिक लाभकारी है।
(नेहा सहाय)
अवर सचिव, भारत सरकार
निम्न को प्रति :
1. एफएम का पीएस/एफएम का ओएसडी/एमओएस (एफ) का पीएस/एमओएस (एफ) का ओएसडी
2. सचिव (राजस्व) का पीपीएस
3. अध्यक्ष, सीबीडीटी व समस्त सदस्य, सीबीडीटी
4. समस्त प्रधान आयकर महानिदेशक/प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त
5. समस्त संयुक्त सचिव/आयकर आयुक्त/निदेशक/उप सचिव/अवर सचिव, सीबीडीटी
6. भारतीय नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक
7. संयुक्त सचिव व कानूनी सलाहकार, विधि व न्याय मंत्रालय, नर्इ दिल्ली
8. आयकर आयुक्त (एमएंडटीपी), आधिकारिक प्रवक्ता, सीबीडीटी
9. प्रधान आयकर महानिदेशक (पद्धति) कार्यालय, आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड करने के लिए
10. संयुक्त आयकर आयुक्त (डेटाबेस प्रकोष्ठ), www.irsofficersonline.gov.in पर अपलोड करने के लिए
(नेहा सहाय)
अवर सचिव, भारत सरकार

