आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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परिपत्र सं.

परिपत्र सं. 13/2016

परिपत्र की तिथि

09/05/2016

दस्तावेज़ अपलोड की तिथि

09/05/2016

 परिपत्र सं. 13/2016

परिपत्र सं. 13/2016

 

भारत सरकार

वित्त मंत्रालय

राजस्व विभाग

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड

 

नार्थ ब्लॉक, नर्इ दिल्ली, 9 मर्इ, 2016

 

विषय : र्इवीसी जो आर्इटीआर-V प्रपत्र के गैर-दाखिलीकरण के कारण लंबित हैं, निर्धारण वर्ष 2009-2010, 2010-2011, 2011-2012, 2012-2013, 2013-2014 तथा 2014-2015 के लिए कर-विवरणियों का सत्यापन तथा ऐसी विवरणियों का प्रसंस्करण - संबंधी-

 

र्इ-दाखिलीकरण के पूर्व प्रणाली के अंतर्गत, कर विवरणियों में जिसे डिजिटल हस्ताक्षर के बिना इलैक्ट्रानिक रूप से दाखिल किया जाना था, करदाता को आर्इटीआर-V का प्रिंट आउट प्रपत्र लेना था तथा डाटा के इलैक्ट्रानिक रूप से हस्तांतरण के 120 दिनों के भीतर केंद्रीयकृत प्रसंस्करण केंद्र ('सीपीसी') बैगंलुरु को भेजा जाना था। समय-समय पर प्रसंस्करण में करदाताओं द्वारा झेली जा रही कठिनाइयों को देखते हुए विभिन्न निर्धारण वर्षों के लिए आर्इटीआर-V को दाखिल करने के लिए छूट को जारी किया गया था जिससे विवरणी को दाखिल करने की प्रक्रिया को पूरा किया जा सके। कानून में, स्वीकृत समय के भीतर आर्इटीआर-V के गैर-दाखिलीकरण के परिणामस्वरूप महत्वपूर्ण है जैसे एक विवरणी कानून में अस्थार्इ रूप से की जाती है/जा सकती हैं।

2. हालांकि, विभिन्न अवसरों पर आर्इटीआर-V प्रपत्र को जमा करने के समय की छूट की स्वीकृति के बावजूद, जैसा उक्त पैरा में निर्दिष्ट है, यह ध्यान दिया गया है कि ऐसे इलैक्ट्रानिक रूप से दाखिल विवरणियों की बड़ी संख्या संबंधित करदाताओं से संबंधित सीपीसी, बैंगलूरू में सीपीसी पर वैध आर्इटीआर-V प्रपत्र की प्राप्ति के लिए आयकर विभाग के साथ अभी तक लंबित हैं।

3. मामले की जांच की गर्इ है, अंतिम वित्त वर्ष से कर विवरणी को दाखिल करने के लिए एक संभव विधि के तौर पर इलैक्ट्रानिक सत्यापन कोड की प्रस्तावना , कर विवरणी का सत्यापन, विशेषकर उन मामलों में जहां करदाता को पहले आर्इटीआर-V को जमा करने के माध्यम से विवरणी को अनिवार्य रूप से सत्यापित करना था, अधिक सुविधाजनक हो गया है। इसलिए, उक्तकथित विवरणियों को नियमित करने के लिए जो या तो पहले बना गया अथवा संबंधित आर्इटीआर-V प्रपत्र की गैर-दाखिलीकरण/गैर-प्राप्ति के कारण लंबित रह गया है, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ('सीबीडीटी'), अधिनियम की धारा 119(2)क के अंतर्गत अधिकारों का प्रयोग करते हुए, निर्धारण वर्ष 2009-10, 2010-11, 2011-12, 2012-2013, 2013-2014 तथा 2014-2015 के लिए विवरणियों की स्थिति में जिसे अधिनियम की धारा 139 के अंतर्गत स्वीकृत समय के भीतर करदाता द्वारा इलैक्ट्रानिक रूप से अपलोडिड किया गया था तथा जो सत्यापन के लिए आर्इटीआर-V की गैर-प्रस्तुति के कारण अपूर्ण रह गर्इ है, एतद्द्वारा र्इवीसी के माध्यम से भी ऐसी विवरणियों के सत्यापन की स्वीकृति देता है। ऐसी सत्यापन प्रक्रिया को 31.08.2016 तक जरूर पूर्ण किया जाना चाहिए। र्इवीसी हेतु विकल्प के तौर पर, करदाता को स्पीड पोस्ट के माध्यम से इस तिथि तक सीपीसी, बैंगलूरू को आर्इटीआर-V की विधिवत हस्ताक्षरित प्रति भेजने की स्वीकृति है। ऐसी स्थिति में, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड अधिनियम की धारा 143 की उप-धारा (1) के द्वितीय परंतुक में उपलब्धानुसार सूचना के निगर्मन के लिए समय सीमा की भी छूट देगा तथा निर्देश देगा कि ऐसी विवरणियां 30.11.2016 तक प्रसंस्कृत होगी तथा ऐसी विवरणियों के प्रसंस्करण की सूचना को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार संबंधित करदाता को भेजा जाएगा। प्रतिदाय मामलों में, ब्याज को निर्धारित करने के दौरान, अधिनियम की धारा 244(2) के प्रावधान लागू होंगे।

4. उन स्थितियों में जहां संबंधित करदाता ने स्वीकृत समय के पश्चात् आर्इटीआर-V को सम्लित किया था जिसे पहले अस्थार्इ रूप से/घोषित अस्थार्इ रूप से के तौर पर समझा गया था तथा इसके प्रमाण विभाग के पास उपलब्ध है, इसे इस आदेश के वैध अनुपालन के तौर पर समझा जाएगा तथा तद्नुसार व्यावहारित होगी। हालांकि, यह छूट उन मामलों में लागू नहीं होगी जहां हस्ताक्षेपी अवधि के दौरान, विभाग ने अस्थार्इ रूप से के तौर पर विवरणी की घोषणा के पश्चात् करदाता द्वारा कर विवरणी को दाखिल करने को सुनिश्चित करने के लिए अधिनियम में निर्दिष्टानुसार किसी अन्य परिमाप हेतु पहले ही आश्रय दिया गया है।

5. यह भी सुनिश्चित किया जाता है कि निर्धारण वर्ष 2009-2010 से 2014-2015 से संबंधित उनकी लंबित आयकर विवरणियों को नियमित करने के लिए करदाता को अंतिम अवसर प्रदान किया जा रहा है जिसे अधिनियम की धारा 139 के प्रावधानों के अनुसार दाखिल किया गया था लेकिन सीपीसी, बैंगलूरू में वैध आर्इटीआर-V की प्राप्ति के लिए सत्यापन हेतु लंबित शेष हैं/घोषित अस्थार्इ रूप से थी। यदि संबंधित करदाता 31.08.2016 तक वैध सत्यापन (या तो र्इवीसी अथवा आर्इटीआर-V) की प्रस्तुति द्वारा अपनी नियमित विवरणियां प्राप्त नहीं करता तो विवरणी के गैर-दाखिलीकरण के लिए कानून में उपलब्धानुसार आवश्यक परिणाम को स्वीकृत किया जा सकता है। इस संबंध में, प्रधान आयकर महानिदेशक (पद्धति) करदाताओं को विधिवत रूप से सूचित करने के लिए समस्त आवश्यक परिमाप करेगा जिसके अनुमत समय के भीतर सत्यापन प्रक्रिया को पूर्ण करने के लिए इस आदेश के मार्फत कवर्ड किए जाने हेतु प्रस्तावित हैं। संबंधित करदाता यह भी निश्चित कर सकते हैं कि क्या पैन नंबर तथा निर्धारण वर्ष अथवा र्इ-दाखिलीकरण पावती संख्या को डालकर आयकर विभाग http:/incometaxefiling.gov.in/e-filing.services/ITR-V receipt satus.html पर लॉगिन कर आर्इटीआर-V को सीपीसी, बैंगलूरू में प्राप्त किया गया है अथवा नहीं। वैकल्पिक रूप से, आर्इटीआर-V की स्थिति को भी पंजीकृत र्इ-दाखिलीकरण खाते में लॉगिन करने के पश्चात् 'विवरणी/प्रपत्रों को देखने के लिए क्लिक करें' के अंतर्गत उक्त वेबसाइट पर निश्चित किया जा सकता हैं। यदि आर्इटीआ-ट निर्धारित समय के भीतर प्राप्त नहीं हुआ हो तो स्थिति प्रदर्शित होगी तथा उक्तानुसार आगे उठाए जाने वाले कदम आपेक्षित होंगे

6. हिन्दी संस्करण अनुसरित होना है

 

(रोहित गर्ग)

उप सचिव, भारत सरकार

 

(एफ.नं. 225/46/2016-आर्इटीए.II)

 

निम्न को प्रति :

  1. केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड के अध्यक्ष तथा समस्त सदस्य

  2. पीएस से राजस्व सचिव

  3. समस्त प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त/प्रधान आयकर महानिदेशक

  4. प्रधान आयकर महानिदेशक (पद्धति) इस आदेश को कार्यान्वित करने के आवश्यक परिमाप के अनुरोध के साथ

  5. आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोडिंग तथा पब्लिक डोमेन पर आदेश को चस्पा करने के प्रतिवेदन के साथ

  6. उक्त परिपत्र के विस्तृत कवरेज देने के लिए प्रेस नोट देने के लिए अनुरोध के साथ आयकर आयुक्त (एमसी एवं टीपी), केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड

  7. केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड के समस्त अधिकारी तथा तकनीकी विभाग

  8. केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड का आर्इटीसीसी प्रभाग (3 प्रतियां)

  9. आर्इआरएस अधिकारी वेबसाइट पर अपलोडिंग के लिए अपर आयकर आयुक्त डाटोबस प्रकोष्ठ

10. विभाग के आधिकारिक हेंडल पर चस्पा करने के अनुरोध के साथ अपर महानिदेशक (पीआर, पीपी एंड ओएल) तथा साथ ही करदाताओं के ध्यान में परिपत्र को लाने के लिए विज्ञापन अभियान को जारी रखना

11. गार्ड फाइल

 

(रोहित गर्ग)

उप सचिव, भारत सरकार