परिपत्र सं. 12/ 2015 : काला धन (अज्ञात विदेशी आय तथा परिसंपत्ति) तथा कर अधिरोपण अधिनियम, 2015 के अध्याय VI में उपलब्धानुसार अज्ञात विदेशी आय तथा परिसंपत्ति के कर अनुपालन से संबंधित प्रावधानों पर व्याख्यात्मक टिप्पणी
परिपत्र सं.
परिपत्र सं. 12/ 2015
परिपत्र की तिथि
02/07/2015
दस्तावेज़ अपलोड की तिथि
02/07/2015
2015 का परिपत्र सं. 12
एफ. सं. 142/18/2015-टीपीएल
भारत सरकार
वित्त मंत्रालय
राजस्व विभाग
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड
(टीपीएल प्रभाग)
***
दिनांक 2 जुलार्इ, 2015
काला धन (अज्ञात विदेशी आय तथा परिसंपत्ति) तथा कर अधिरोपण अधिनियम, 2015 के अध्याय VI में उपलब्धानुसार अज्ञात विदेशी आय तथा परिसंपत्ति के कर अनुपालन से संबंधित प्रावधानों पर व्याख्यात्मक टिप्पणी
प्रस्तावना
काला धन (अज्ञात विदेशी आय तथा परिसंपत्ति) तथा कर अधिरोपण अधिनियम, 2015 (यहां 'द एक्ट' के तौर पर संदर्भित) जो संसद द्वारा पारित हुआ था, को 26 मर्इ 2015 को राष्ट्रपति की मंजूरी प्रदान हुर्इ। अधिनियम में विदेशों मे छिपाए हुए काले धन की आशंका के साथ व्यवहार करना शामिल है। अन्य विषयों में, यह, व्यक्ति जो भारत में निवासी है, द्वारा संघटित अज्ञात परिसंपत्ति पर ऐसी परिसंपत्ति की क़ीमत के 30 प्रतिशत की दर से कर लगाता है, ऐसी परिसंपत्ति की राशि के 90 प्रतिशत के समान जुर्माने के लिए तथा साथ ही अज्ञात विदेशी आय अथवा परिसंपत्ति के संबंध में कर अपवंचन के इरादतन प्रयास के लिए तीन से दस वर्षों के कठोर कारावास के लिए भी मुहैया कराया गया है।
2. नए कानून के प्रावधानों की कठोर रूपों पर विचार करते हुए, धारा 59 से 72 सन्निहित अधिनियम का अध्याय VI, उस व्यक्ति की सीमित अवधि के लिए एक बार के अनुपालन अवसर के लिए उपलब्ध कराया गया है जिनके पास किसी प्रकार की विदेशी परिसंपत्ति है जो अब तक आयकर प्रयोजन के लिए प्रकट नही की गर्इ है। यह परिपत्र अधिनियम के कथित अध्याय VI में उपलब्ध करार्इ गर्इ अनुपालन विंडो के प्रावधानों के अवयवों का वर्णन करता है।
अनुपालन विंडो का क्षेत्र
3. उक्तकथित अध्याय के अंतर्गत एक घोषणा उस व्यक्ति की अज्ञात विदेशी परिसंपत्ति के संबंध में की जा सकती है जो आयकर अधिनियम की धारा 6 के वाक्यांश (6) के अर्थ के अंतर्गत भारत में सामान्य तौर पर निवासी न होकर निवासी है।
4. उक्तकथित अध्याय के अंतर्गत एक घोषणा भारत से बाहर स्थित किसी अज्ञात परिसंपत्ति के संबंध में की जा सकती है तथा निर्धारण वर्ष 2016-17 से पूर्व के किसी निर्धारण वर्ष के लिए आयकर अधिनियम के अंतर्गत कर हेतु वसूलनीय राशि से प्राप्त की जा सकती है जिसके लिए उसने पहले या तो वह आयकर अधिनियम की धारा 139 के अंतर्गत विवरणी को प्रस्तुत करने में विफल हुआ हो अथवा अधिनियम की प्रारंभिक तिथि से पूर्व प्रस्तुत विवरणी में ऐसी आय को प्रकट करने में विफल हुआ अथवा ऐसी आय आयकर अधिनियम के अंतर्गत विवरणी देने के लिए ऐसे व्यक्ति के हक में चूक अथवा विफलता के कारण निर्धारण को छोड दिया हो अथवा निर्धारण अथवा अन्यथा के लिए आवश्यक समस्त वस्तुगत तथ्यों को पूर्णता तथा सही मायने में प्रकट करने में विफल हुआ हो।
कर की दर तथा जुर्माना
5. अध्याय के प्रावधानों के अंतर्गत घोषणा करने वाला व्यक्ति ऐसी अज्ञात परिसंपत्ति की क़ीमत के 30 प्रतिशत की दर पर कर का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी होगा। इसके अतिरिक्त, वह ऐसे कर (अर्थात् अधिनियम की प्रारंभिक तिथि के अनुसार परिसंपत्ति की क़ीमत का अतिरिक्त 30 प्रतिशत) के 100 प्रतिशत की दर पर जुर्माने का भुगतान करने के लिए भी उत्तरदायी होगा। इसलिए, घोषक उसके द्वारा घोषित अज्ञात परिसंपत्ति की क़ीमत के कुल 60 प्रतिशत का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी होगा। अनुपालन प्रावधानों में निर्दिष्ट यह कर की विशेष दर तथा जुर्माना आयकर अधिनियम अथवा वार्षिक वित्त अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत निर्दिष्ट दर अथवा दरों को रद्द करेगा।
घोषणा तथा भुगतान करने के लिए समय सीमा
6. अधिनियम के अंतर्गत घोषणा अधिनियम की प्रारंभिक तिथि को अथवा उसके पश्चात् किसी भी समय की जा सकती है लेकिन केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित तिथि से पूर्व। अधिनियम के आंरभ के संबंध में, धारा 1 मुहैया कराती है कि अधिनियम 1 अप्रैल, 2016 से प्रभावी होगा। हालांकि, धारा 3 जो कर के शुल्क को निर्दिष्ट करती है, निर्धारित करती है कि कर 1 अप्रैल, 2016 को अथवा उसके पश्चात् आरंभ प्रत्येक निर्धारण वर्ष के लिए वसूलनीय होगा, कर निर्धारण वर्ष 2016-17 के लिए भी वसूलनीय है जिसके लिए प्रासंगिक पिछला वर्ष 2015-16 है। अधिनियम की धारा 86 के अंतर्गत समस्याओं के निवारण के अधिकारों के प्रयोग में केंद्र सरकार ने आदेश के माध्यम से स्पष्ट किया है कि अधिनियम 1 जुलाई, 2015 से प्रभावी होगा। तद्नुसार, अध्याय VI के अंतर्गत अनुपालन प्रावधान अधिनियम की प्रारंभिक तिथि से प्रभावी होगा अर्थात् 1 जुलार्इ, 2015 से।
7. केंद्र सरकार ने आगे 30 सितम्बर, 2015 को नामित प्रधान आयकर आयुक्त अथवा आयकर आयुक्त (पीसीआर्इटी/सीआर्इटी) के समक्ष घोषणा करने की अंतिम तिथि के तौर पर अधिसूचित किया है तथा 31 दिसंबर, 2015 को अंतिम तिथि के तौर पर जब पैरा 5 में निर्दिष्ट कर तथा जुर्माने का भुगतान किया जाएगा। तद्नुसार, नियमों में निर्धारितानुसार प्रपत्र 6 में अध्याय VI के अंतर्गत घोषणा 30.09.2015 से पूर्व किसी भी समय की जा सकती है। ऐसी घोषणाओं की प्रस्तुति के पश्चात्, नामित प्रधान सीआर्इटी/सीआर्इटी 31-10-2015 तक घोषक को परिपत्र हेतु संलग्नक प्रारूप में सूचना को जारी करेंगे चाहे घोषित परिसंपत्ति के संबंध में कोर्इ सूचना आयकर अधिनियम की धारा 90 अथवा 90क के अंतर्गत केंद्र सरकार द्वारा किए गए समझौते के अंतर्गत 30 जून 2015 को अथवा उससे पूर्व सक्षम प्राधिकारी द्वारा प्राप्त की गर्इ थी। जहां ऐसी कोर्इ सूचना प्राप्त हुर्इ थी, घोषक को ऐसी परिसंपत्ति के अलावा प्रपत्र 6 में संसोधित घोषणा को दाखिल करना होगा। घोषक किसी परिसंपत्ति के संबंध में अधिनियम के अंतर्गत किसी परिणाम के लिए उत्तरदायी नहीं होगा जिसे विधिवत घोषित किया गया है लेकिन घोषणा के लिए अयोग्य पाया गया है क्योंकि केंद्र सरकार के पास ऐसी परिसंपत्ति की अग्रिम जानकारी थी। हालांकि, ऐसी जानकारी आयकर अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत प्रयोग की जा सकती है। संशोधित घोषणा नामित प्रधान आयुक्त/आयुक्त द्वारा सूचना की प्राप्ति के 15 दिनों के भीतर दाखिल की जाएगी अर्थात् यदि एक घोषक 10 अक्टूबर, 2015 को सूचना प्राप्त करता है तो वह 25 अक्टूबर, 2015 को अथवा उससे पूर्व संसोधित घोषणा दाखिल कर सकता है। हालांकि, समस्त मामलों में, घोषक को अधिक से अधिक 31-12-2015 तक घोषणा के लिए पात्र परिसंपत्ति पर आपेक्षित कर तथा जुर्माना देना अनिवार्य है। घोषक द्वारा भुगतान की सूचना के पश्चात्, प्रधान आयकर आयुक्त/आयकर आयुक्त घोषक द्वारा भुगतान की ऐसी सूचना के 15 दिनों के भीतर घोषणा स्वीकृत करने के प्रपत्र 7 में पावती जारी करेंगे।
घोषणा के लिए प्रपत्र
8. अधिनियम के अनुसार, अध्याय के अंतर्गत घोषणा ऐसे प्रारूप में की जानी है तथा ऐसी प्रणाली में सत्यापित की जानी है जिसे निर्धारित किया जा सके। इस प्रयोजन के लिए निर्धारित प्रपत्र प्रपत्र 6 है जिसे विधिवत अधिसूचित किया गया है। नीचे तालिका उन व्यक्तियों को निर्दिष्ट करती है जो कथित प्रपत्र पर हस्ताक्षर करने के लिए प्राधिकृत है।
| क्र.सं. | घोषक की स्थिति | निम्न द्वारा हस्ताक्षर किए जाने हेतु घोषणा |
| 1 | व्यक्ति | व्यक्ति; जहां व्यक्ति भारत में न हो, उसके द्वारा प्राधिकृत व्यक्ति; जहां व्यक्ति मानसिक रूप से अक्षम हो, इस संबंध में व्यवहार करने के लिए उसके अविभावक अथवा अन्य सक्षम व्यक्ति। |
| 2 | एचयूएफ | कर्ता; जहां कर्ता भारत में न हो अथवा अपने मामलों का व्यवहार करने में मानसिक रूप से अक्षम हो, एचयूएफ का अन्य कोर्इ व्यस्क सदस्य |
| 3 | कंपनी | प्रबंध निदेशक; जहां किसी अपरिहार्य कारण से, प्रबंध निदेशक हस्ताक्षर करने के लिए सक्षम न हो अथवा किसी निदेशक द्वारा कोर्इ प्रबंध निदेशक न हो। |
| 4 | फर्म | प्रबंध सहभागी; जहां किसी अपरिहार्य कारण से, प्रबंध सहभागी हस्ताक्षर करने के लिए सक्षम न हो अथवा किसी सहभागी द्वारा कोर्इ प्रबंध सहभागी न हो, नाबालिग के तौर पर नहीं |
| 5 | अन्य कोर्इ संस्था | संस्था अथवा प्रधान अधिकारी का कोर्इ सदस्य |
| 6 | अन्य कोर्इ व्यक्ति | उसकी ओर से व्यवहार करने के लिए कोर्इ व्यक्ति अथवा कुछ अन्य सक्षम व्यक्ति |
घोषणा आयकर आयुक्त, दिल्ली द्वारा दाखिल की जा सकती है। घोषणा, घोषक के डिजिटल हस्ताक्षर को प्रयोग करते हुए आयकर विभाग की र्इ-फार्इलिंग वेबसाइट पर भी दाखिल की जा सकती है।
कुछ मामलों में घोषणा पात्र नही हैं
9. अधिनियम की धारा 71 के प्रावधानों के अनुसार अनुपालान विंडो के अंतर्गत कोर्इ घोषणा किसी अज्ञात विदेशी परिसंपत्ति के संबंध में की जा सकती है जिसे निर्धारण वर्ष 2015-16 अथवा निम्नलिखित मामलों में किसी पूर्व निर्धारण वर्ष के लिए आयकर अधिनियम के अंतर्गत कर हेतु वसूलनीय आय से प्राप्त किया किया गया है—
(i) जहां एक सूचना आयकर अधिनियम की धारा 142 अथवा धारा 143(2) अथवा धारा 148 अथवा धारा 153क अथवा धारा 153ग के अंतर्गत ऐसे निर्धारण वर्ष के संबंध में जारी की गर्इ है तथा कार्यवाही निर्धारण अधिकारी के समक्ष लंबित है। धारा 59 के अंतर्गत घोषणा के प्रयोजन के लिए यह स्पष्ट होता है कि व्यक्ति अनुपालन विंडो के अंतर्गत पात्र नहीं होगा यदि उक्त संदर्भित कोर्इ सूचना 30 जून 2015 अर्थात् इस अधिनियम की प्रारंभिक तिथि, को अथवा उससे पूर्व व्यक्ति को तामील की गर्इ हो।
घोषणा के रूप में (प्रपत्र 6) घोषक सत्यापित करेगा कि ऐसी कोर्इ सूचना 30 जून 2015 को अथवा उससे पूर्व उसके द्वारा प्राप्त नहीं की गर्इ है।
(ii) जहां धारा 132 के अंतर्गत खोज की गर्इ हैं अथवा धारा 132क के अंतर्गत मांग की गर्इ है अथवा पिछले वर्ष में आयकर अधिनियम की धारा 133क के अंतर्गत एक सर्वेक्षण निष्पादित किया गया है तथा प्रासंगिक निर्धारण वर्ष के लिए धारा 143(2) अथवा धारा 153क अथवा धारा 153ग के अंतर्गत सूचना निगर्मन के लिए समय समाप्त न हुआ हो। घोषणा के रूप में (प्रपत्र 6) घोषक यह भी सत्यापित करेगा कि यह तथ्य इस मामले में अभिभावी नहीं होते।
(iii) जहां कोर्इ सूचना ऐसी अज्ञात परिसंपत्ति के संबंध में आयकर अधिनियम की धारा 90 अथवा धारा 90क के अंतर्गत केंद्र सरकार द्वारा किए गए समझौते के अंतर्गत सक्षम प्राधिकारी द्वारा प्राप्त की गर्इ है। धारा 59 के अंतर्गत घोषणा के प्रयोजन के लिए यह स्पष्ट किया जाता है कि व्यक्ति अनुपालन विंडो के अंतर्गत पात्र नहीं होगा यदि उक्त संदर्भित कोर्इ सूचना 30 जून 2015 को अथवा पूर्व अर्थात् इस अधिनियम की प्रारंभिक तिथि से पूर्व, सक्षम प्राधिकारी द्वारा प्राप्त की गर्इ हो।
एक व्यक्ति जिसके संबंध में भारतीय दंड सहिंता के अध्याय IX (लोक सेवकों से संबंधित अपराध) अथवा अध्याय XVII (संपत्ति के समक्ष अपराध) अथवा गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के अंतर्गत अथवा भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम के अंतर्गत किसी दंडनीय अपराध के अभियोजन के लिए कार्यवाही लंबित हैं, अध्याय VI के अंतर्गत घोषणा करने के लिए पात्र नहीं होगा।
परिस्थितियां जहां घोषणा अमान्य होगी
10. निम्नलिखित परिस्थितियों में, एक घोषणा निरर्थक होगी तथा कभी नहीं की गर्इ के तौर पर समझी जाएगी :—
(क) यदि घोषक निर्दिष्ट तिथि अर्थात् 31-12-2015 के अंतर्गत कर तथा जुर्माने की राशि का भुगतान करने में विफल होता है
(ख) जहां घोषणा तथ्यों अथवा सूचना के मित्थानिरूपण अथवा रूकावट द्वारा की गर्इ है।
जहां घोषणा किसी उक्त कारणों के लिए व्यर्थ की जाती है, इसे कभी नहीं किए गए के तौर पर समझा जाएगा तथा जुर्माने तथा अभियोजन सहित अधिनियम के समस्त प्रावधान तद्नुसार लागू होंगे।
घोषणा के अनुपालन में दिया गया कोर्इ कर अथवा जुर्माना, हालांकि, किसी परिस्थिति में लौटाए जाने के लिए नहीं होगा।
वैध घोषणा के प्रभाव
11. जहां एक उक्त विवरणानुसार एक वैध घोषणा की गर्इ हो, निम्नलिखित परिणाम अनुसरित होंगे :
(क) घोषित परिसंपत्ति में अज्ञात निवेश की राशि किसी निर्धारण वर्ष के लिए आयकर अधिनियम के अंतर्गत घोषक की कुल आय में शामिल नहीं होगी।
(ख) घोषणा के अंतर्वस्तु आयकर अधिनियम, संपत्ति कर, विदेशी विनिमय प्रबंधन अधिनियम, कंपनी अधिनियम अथवा सीमा शुल्क अधिनियम के अंतर्गत किसी जुर्माने अथवा अभियोजन कार्यवाही में घोषक के समक्ष प्रमाण में स्वीकार्य नहीं होगी।
(ग) घोषणा में घोषित परिसंपत्ति की राशि किसी निर्धारण वर्ष अथवा वर्षों के लिए संपत्ति कर हेतु वसूलनीय नहीं होगी।
(घ) अज्ञात विदेशी परिसंपत्ति की घोषणा परिपूरित मूल्यांकन की अंतिम स्थिति को प्रभावित नहीं करेगी। घोषक भारत से बाहर स्थित घोषित अज्ञात परिसंपत्ति के संबंध में आयकर अधिनियम के अंतर्गत अथवा अधिनियम के अंतर्गत किसी अपील अथवा कार्यवाही में राहत अथवा मुआवजे अथवा किसी लाभ अथवा किसी आदेश के संशोधन अथवा किसी पूर्व वर्ष के पुन:-मूल्यांकन का दावा करने के लिए पात्र नहीं होगा।
(गौरव कनौजिया)
निदेशक, भारत सरकार
कॉपी टू:—
1. पीएस से एफएम/ओएसडी से एफएम/ओएसडी से एमओएस(आर)
2. पीएस से सचिव (राजस्व)
3. अध्यक्ष, अवर सविच अथवा उससे ऊपर के पद के केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड में अन्य समस्त अधिकारी
4. समस्त प्रधान मुख्य आयुक्त/प्रधान आयकर महानिदेशक- अपने क्षेत्रों/प्रभारों में समस्त अधिकारियों के बीच वितरित करने के प्रतिवेदन सहित
5. प्रधान डीजीआर्इ (पद्धति)/प्रधान डीजीआर्इटी (सर्तकता)/प्रधान डीजीआर्इटी (प्रशा.)/प्रधान डीजी (एनएडीटी)/प्रधान डीजीआर्इटी (एलएंडआर)
6. केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड के मीडिया समन्वयक तथा आधिकारिक प्रवक्ता
7. विभागीय वेबसाइट पर चस्पा करने के लिए वेब मैनेजर
परिशिष्ट
काला धन (अज्ञात विदेशी आय तथा परिसंपत्ति) तथा कर अधिरोपण 2015 की धारा 59 के अंतर्गत की गर्इ घोषणा के संबंध में घोषणा की सूचना
प्रधान आयुक्त/आयकर आयुक्त कार्यालय
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........................................................
सेवा में,
(घोषक का नाम तथा पता)
रसीद संख्या........................... के मार्फत.........................(तिथि) को काला धन (अज्ञात विदेशी आय तथा परिसंपत्ति) तथा कर अधिरोपण, 2015 की धारा 59 के अंतर्गत दाखिल की गर्इ आपकी घोषणा के संदर्भ में निम्नलिखित को सूचित किया जा सकता है,—
(1) * सक्षम प्राधिकारी ने निम्नलिखित घोषित परिसंपत्ति की प्राप्ति में आयकर अधिनियम की धारा 90 अथवा धारा 90क के अंतर्गत केंद्र सरकार द्वारा किए गए समझौते के अंतर्गत 30 जून को अथवा उससे पूर्व सूचना को प्राप्त किया है :—
(क) ..........................................................
(ख) .........................................................
धारा 71(घ)(iii) के प्रावधानों को देखते हुए, ये परिसंपत्तियां अधिनियम की धारा 59 के अंतर्गत घोषणा के लिए पात्र नही हैं।
(2) * जैसाकि मद (1) आपके द्वारा दाखिल घोषणा हेतु प्रयोज्नीय है, एक संशोधित घोषणा, यदि प्रयोज्नीय हो, इस सूचना की प्राप्ति के 15 दिनों के भीतर दाखिल की जा सकती है।
(3) * उक्त मद (1) घोषणा हेतु प्रयोज्नीय नहीं है तथा आप रू....................... की कुल बाजार कीमत पर अधिनियम की धारा 59 के अंतर्गत घोषणा के लिए पात्र है।
तिथि :...............................
.............................................................
(प्रधान आयुक्त/आयकर आयुक्त)
* यदि लागू न हो काट दें

