आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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परिपत्र सं.

परिपत्र न. 1/2014

परिपत्र की तिथि

13/01/2014

दस्तावेज़ अपलोड की तिथि

13/01/2014

परिपत्र न. 1/2014

अध्याय XVII-B आयकर एक्ट 1961 का कर की वसूली और बहालाी - स्रोत पर कटौती - टी डी एस का स्पष्टीकरण अध्याय XVII-B के अन्तर्गत जो है सेवा कर के भुगतान का अंश जो आवासियों को दिया गया है

परिपत्र न. 1/2014 [पन्ना न: 275/59/2012-आर्इ टी (बी)] तिथि: 13.1.2014

1. बोर्ड ने 28.4.2008 को एक परिपत्र न. 4/2008 जारी किया है कि कर को स्रोत पर ही काटा जायेगा धारा 194-I आयकर एक्ट 1961 के अधीन। यह कर किराये की राशि जो भरी है/भरनी है उस पर होगा जिसमे सेवा कर का भाग शामिल नहीं होगा। अभिवेदन और पत्र प्राप्त हुए है जिसमे यह स्पष्टीकरण माँगा गया है कि क्या यह उसूल एक्ट के दूसरे प्रावधानों पर भी लागू होगा।

2. सी बी डी टी का ध्यान माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय के फैसले की और भी खींचा गया है जिसकी तिथि है 4. 1-7-2013 सी आर्इ टी; (टी डी ए स) जयपुर बनाम राजस्थान अर्बन इनफ्रास्ट्रकचर; आयकर अपील न. 235, 222, 238 एंव 239/2011) के केस मे जिसमें यह ठहराया गया कि प्राप्तकर्ता और भुगतानकर्ता के इकरानामे के अनुसार कि सेवा कर अलग से भरा जाए गा और यह व्यवासायिक और तकनीकी शुल्क मे शामिल नही होगा सेवा कर के किसी भी भाग पर टी डी एस नही लगेगा एक्ट की धारा 1941 के तहत।

3. इस मुद्दे का फिर से निरीक्षण किया गया। जो ताकत एक्ट की धारा 119 को दी गर्इ है बोर्ड ने यह निर्णय लिया है कि जहाँ पर भी प्राप्तकर्ता और भुगतानकर्ता के बीच शर्तों में कही भी सेवा कर का भाग जो राशि आवासियों को देनी है उसमे अलग से बताया जाता है तो कर स्रोत पर ही काटा जायेगा। एक्ट के अध्याय xvii-B के तहत जो राशि भरी गर्इ है/भरनी है जिसमे सेवा कर का कोर्इ भी भाग शामिल नही होगा।

4. यह परिपत्र सभी अफसरों को दिखाया जाए उनकी अनुकूलता के लिये।