आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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धारा 44कख के अनुसार, जो उसके खातों के अॉडिट पाने के लिए आवश्यक है, जैसे, टैक्स अॉडिट के द्वारा कौन कवर किया जाता है?

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कर लेखापरीक्षा पर अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उत्तर


​​​​​​​धारा 44कख के अनुसार, निम्मलिखित व्यक्ति, उनके खातों के ऑडिट को पाने के लिए जरूर आवश्यक है:
•  एक व्यक्ति व्यापार को चलाता है, अगर उसकी कुल ब्रिकी, टर्नओवर या सकल प्राप्तियों (जैसा भी मामला हो सकता है) में व्यापार एक साल के लिए 1 करोड़ रूपए या उससे अधिक है और उसकी कुल बिक्री या कारोबार रू.2 करोड़ से अधिक नहीं है। यह प्रावधान उस व्यक्ति पर लागू नही होता जो ​​धारा 44कघ​ के अंतर्गत काल्पनिक कराधान योजना को चुनता है और जिसकी कुल आय या कारोबार रू. 2 करोड़ से अधिक नही है। टिप्पणी : शुरूआती सीमा, व्यापार करने वाले एक व्यक्ति के लिए, को उन मामलों में रू. 10 करोड़ से रू. 10 करोड़ तक बढ़ाई गई है जहां वर्ष के दौरान नगद प्राप्ति और किया गया भुगतान भुगतान या कुल प्राप्ति, जो भी हो, के 5 प्रतिशत से अधिक न हो। अन्य शब्दों में 95 प्रतिशत से अधिक का व्यापारिक लेनदेन बैंकिंग चैनल के माध्यम से किया जाना चाहिए।
  •  एक व्यक्ति जो पेशेवर होता है, अगर उसकी सकल प्राप्तियों, व्यापार में एक वर्ष के लिए 50 लाख रूपए से ज्यादा है।
  •  एक व्यक्ति जो ​​​धारा 44कघ की प्रकल्पित कराधान योजना (*) के लिए चुनने को योग्य है लेकिन वह ​​​धारा 44कघ की प्रकल्पित कराधान योजना के लिए चुनती नहीं है और ऐसे व्यवसायों के लिए लाभ या मुनाफा का दावा, ​​​धारा 44कघ की प्रकल्पित योजना के अनुसार गणित लाभ और मुनाफा से कम होना चाहिये और उसकी आय की राशि बढ़ जाती है जोकि कर के दायरे में नहीं है।
  • यदि योग्य निर्धारिती उक्तकथित अवधि के अंदर प्रकल्पित कराधान योजना को चुनता है तो वह उसके बाद के पांच निर्धारण वर्षों के लिए प्रकल्पित कराधान योजना को दुबारा नही चुन सकता।
(*) ​​​धारा 44कघ के प्रावधान के लिए, ''निश्चित योग्य व्यापार के मामले में प्रकल्पित आधार पर कर'' पर टूटोरियल को संदर्भित करें।
  •  एक व्यक्ति जो ​​​धारा 44कड़ की प्रकल्पित कराधान योजना (') के लिए चुनने को योग्य है लेकिन वह ​​​धारा 44कड़ की प्रकल्पित कराधान योजना के लिए चुनती नहीं है और ऐसे व्यवसायों के लिए लाभ या मुनाफा का दावा, ​​​धारा 44कड़ की प्रकल्पित योजना के अनुसार गणित लाभ और मुनाफा से कम होना चाहिये और उसकी आय की राशि बढ़ जाती है जोकि कर के दायरे में नहीं है।
यह प्रावधान उन व्यक्तियों के लिए लागू नहीं होता जो ​​​धारा 44कघ के अंतर्गत प्रकल्पित कराधन योजना को चुनता है और उसकी कुल बिक्री या कारोबार रु.2 करोड़ से अधिक नहीं है
(') ​​​धारा 44कड़ के प्रावधान के लिए, ''निश्चित योग्य व्यापार के मामले में प्रकल्पित आधार पर कर'' पर टूटोरियल को संदर्भित करना।
  •  एक व्यक्ति जो ​​​धारा 44खख या ​ ​​44खखख की प्रकल्पित कराधान योजना (*) के लिए चुनने को योग्य है लेकिन वह ​​​धारा 44खख या ​​​44खखख की प्रकल्पित कराधान योजना के लिए ​​चुनती नहीं है और ऐसे व्यवसायों के लिए लाभ या मुनाफा का दावा,​​​ धारा 44खख की प्रकल्पित योजना के अनुसार गणित लाभ और मुनाफा से कम होना चाहिये और उसकी आय की राशि बढ़ जाती है जोकि कर के दायरे में नहीं है।
(*) ​​​धारा 44खख​, खनिज तेल की खोज में उपयोग के किराए पर लेने के आधार पर पौधों और मशीनरी आपूर्ति में लगे हुए अनिवासी करदाताओं के लिए लागू है। ​​​धारा 44खखख, टर्नकी पॉवर प्रोजेक्ट के साथ सम्बंध में, उसका कमीशनिंग या परीक्षण या मशीनरी या प्लांट का निर्माण या सिविल निर्माण के व्यापार में सलंग्न विदेशी कम्पनियों के लिए लागू है।​​