आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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परिपत्र सं.

491

परिपत्र की तिथि

30/06/1987

दस्तावेज़ अपलोड की तिथि

30/06/1987

परिपत्र: सं 491, 30-06-1987 दिनांकित

892. बदले मर्केंटाइल से नकदी - से - बदले कुछ राज्य वित्तीय निगम द्वारा - की अनुमति दी जाए या नहीं चिपचिपा अग्रिमों पर ब्याज के मामले में लेखांकन की विधि

1सुप्रीम कोर्ट ने सीआईटी [1986] 158 आईटीआर 102 चिपचिपा ऋण पर एकत्रित ब्याज निर्धारिती लेखा की व्यापारिक प्रणाली इस प्रकार जहां प्रोद्भवन आधार पर आयकर के लिए कर योग्य है कि आयोजित वी. स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर के मामले में अपने फैसले में है .

प्र.20. कुछ राज्य वित्तीय निगम मर्केंटाइल से नकदी आधार के लिए लेखांकन ब्याज का तरीका बदल दिया है.

(3)राज्य वित्त निगम रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया और आईडीबीआई के निर्देशों से संचालित होते हैं. इन अधिकारियों को संबंधित राज्य वित्तीय निगम द्वारा नकदी आधार को मर्केंटाइल से ब्याज का लेखा की प्रणाली में परिवर्तन, कानूनी वैध और प्रामाणिक है कि संतुष्ट हैं, आयकर विभाग ब्याज की लेखा की नकदी प्रणाली स्वीकार कर सकते हैं.

परिपत्र: सं 491 [F.No. 201/60/867-IT (ए) द्वितीय], 30-6-1987 दिनांकित.