धारा 115ञख का संशोधन
धारा 115ञख का संशोधन
48. आय-कर अधिनियम की धारा 115ञख में, -
(अ) उपधारा (2) में, 1 अप्रैल, 2013 से, -
(i) "प्रत्येक निर्धारिती" शब्दों से आरंभ होने वाले और "लेखा तैयार
करेगा :" शब्दों पर समाप्त होने वाले भाग के स्थान पर निम्नलिखित रखा जाएगा, अर्थात् : -
"प्रत्येक निर्धारिती, -
(क) जो खंड (ख) में निर्दिष्ट कंपनी से भिन्न कोई कंपनी है, इस धारा के प्रयोजनों के लिए कंपनी अधिनियम, 1956 (1956 का 1) की अनुसूची 6 के भाग 2 के उपबंधों के अनुसार सुसंगत पूर्ववर्ष के लिए अपना लाभ-हानि लेखा तैयार करेगा ; या
(ख) जो ऐसी कंपनी है, जिसको कंपनी अधिनियम, 1956 (1956 का 1) की धारा 211 की उपधारा (2) का परंतुक लागू होता है, इस धारा के प्रयोजनों के लिए, ऐसी कंपनी को शासित करने वाले अधिनियम के उपबंधों के अनुसार सुसंगत पूर्ववर्ष के लिए अपना लाभ-हानि लेखा तैयार करेगा :";
(ii) स्पष्टीकरण 1 में, खंड (झ) के पश्चात् "यदि खंड (क) से खंड (झ) में निर्दिष्ट कोई रकम लाभ-हानि लेखा में विकलित की जाती है और उसमें से निम्नलिखित घटा दिए गए हैं, -" शब्दों, कोष्ठकों और अक्षरों के स्थान पर निम्नलिखित रखा जाएगा, अर्थात् : -
"(ञ) ऐसी आस्ति के पूर्व भुगतान या व्ययन पर पुनर्मूल्यांकित आस्ति के संबंध में पुनर्मूल्यांकन आरक्षिति में जमा रकम,
यदि खंड (क) से खंड (झ) में निर्दिष्ट कोई रकम लाभ-हानि लेखा में विकलित की जाती है या यदि खंड (ञ) में निर्दिष्ट कोई रकम लाभ-हानि लेखे में जमा नहीं की जाती है और उसमें से निम्नलिखित रकम घटा दी जाती है, -"।
(iii) स्पष्टीकरण 2 के पश्चात्, निम्नलिखित स्पष्टीकरण अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात् :--
"स्पष्टीकरण 3--शंकाओं को दूर करने के लिए यह स्पष्ट किया जाता है कि इस धारा के प्रयोजनों के लिए, निर्धारिती के पास, जो ऐसी कोई कंपनी है जिसे कंपनी अधिनियम, 1956 (1956 का 1) की धारा 211 की उपधारा (2) का परंतुक लागू होता है, 1 अप्रैल, 2012 को या उससे पूर्व आरंभ होने वाले किसी निर्धारण वर्ष के लिए या तो कंपनी अधिनियम, 1956 की अनुसूची 6 के भाग 2 और भाग 3 के उपबंधों के अनुसार या ऐसी कंपनी को शासित करने वाले अधिनियम के उपबंधों के अनुसार सुसंगत पूर्ववर्ष के लिए अपना लाभ-हानि लेखा तैयार करने का विकल्प है ।";
(आ) उपधारा (5) के पश्चात्, निम्नलिखित उपधारा अंतःस्थापित की जाएगी और 1 अप्रैल, 2001 से अंतःस्थापित की गई समझी जाएगी, अर्थात् :--
"(5क) इस धारा के उपबंध धारा 115ख में निर्दिष्ट जीवन बीमा कारबार से किसी कंपनी को प्रोद्भूत या उद्भूत होने वाली किसी आय को लागू नहीं होंगे ।"।
[वित्त अधिनियम, 2012]

