परिपत्र सं. 29/2019

 

एफ.नं. 142/20/2019-टीपीएल

भारत सरकार

वित्त मंत्रालय

राजस्व विभाग

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड

 

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नर्इ दिल्ली, 2 अक्टूबर, 2019

 

विषय : कराधान कानून (संशोधन) विधेयक, 2019 के माध्यम से शामिल आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 115खकक के अंतर्गत प्रयोग किए गए विकल्प के संबंध में स्पष्टीकरण - संबंधित

 

कराधान कानून (संशोधन) विधेयक, 2019 (विधेयक) को 20 सितंबर, 2019 को भारत के राष्ट्रपति द्वारा लागू किया गया है। विधेयक, अन्य विषयों के साथ-साथ आयकर अधिनियम, 1961 (अधिनियम) में नर्इ धारा 115खकक को शामिल करता है जो 1 अप्रैल, 2020 से प्रभावी होगी।

2. ऐसी शामिल धारा 115खकक अन्य विषयों के साथ-साथ बताती है कि

(क) एक घरेलू कंपनी अपनी मर्जी से कुछ शर्तों के अनुसार 1 अप्रैल 2020 को या उसके बाद प्रारंभ होने वाले किसी प्रासंगिक निर्धारण वर्ष के कम से कम 22 प्रतिशत पर कर देगी जिसमें वह कुल आय में शामिल है जिसे किसी कटौती या छूट का दावा किए बिना आंका जाना चाहिए।

(ख) विकल्प को आय की विवरणी की प्रस्तुति की देय तिथि से पहले कंपनी द्वारा प्रयेाग किया जाना आवश्यक है; और

(ग) विकल्प के एक बार प्रयोग किए जाने के बाद उसे बाद में नहीं बदला जा सकता और बाद के सभी वर्षों के लिए लागू होगा

3. विधेयक न्यूनतम वैकल्पिक कर (एमएटी) से संबंधित अधिनियम की धारा 115ञखक को भी संशोधित करेगा ताकि अन्य विषयों के साथ-साथ मुहैया कराया जा सके कि कथित धारा के प्रावधान उस व्यक्ति के लिए लागू न हो जिसने नर्इ शामिल धारा 115खकक के अंतर्गत संदर्भित विकल्प को चुना हो

4. धारा 115खकक के अंतर्गत विकल्पों के प्रयोग से संबंधित निम्नलिखित मुद्दों पर स्पष्टीकरण मांगने के लिए हितधारकों की ओर से प्रश्न प्राप्त हुए हैं

(क) अतिरिक्त मूल्यह्रास के कारण अग्रेषित हानि की स्वीकार्यता

(ख) अग्रेषित एमएटी ऋण की स्वीकार्यता

4.1 इन मुद्दों की बोर्ड द्वारा जांच की गर्इ और मामले में स्पष्टता देने के लिए निम्नलिखित पैरा में स्पष्टीकरण दिया गया

5.1 अतिरिक्त मूल्यह्रास के कारण अग्रेषित हानि के अग्रेषण की स्वीकार्यता के संबंध में यह ध्यान दिया जा सकता है कि नर्इ शामिल की गर्इ धारा 115खकक की उप-धारा (2) के वाक्यांश (i), अन्य विषयों के साथ-साथ, मुहैया कराती है कि कुल आय को धारा 32(अतिरिक्त मूल्यह्रास) की उप-धारा (1) के वाक्यांश (iiक) के अंतर्गत किसी कटौती के दावे के बिना आंका जाएगा और कथित उप-धारा के वाक्यांश (ii) बताती है कि कुल आय किसी पिछले वर्ष के निर्धारण वर्ष से अग्रेषित आय को पृथक करने के दावे के बिना आंका जाएगा यदि यह अन्य विषयों के साथ-साथ अतिरिक्त मूल्यह्रास हेतु निर्दिष्ट होता है।

5.1.1 इसलिए, एक घरेलू कंपनी जो धारा 115खकक के अंतर्गत कम कर की दर के लाभ लेने के विकल्प को चुनेगी उसे उस निर्धारण वर्ष के लिए अतिरिक्त मूल्यह्रास के कारण अग्रेषित हानि को समायोजित करने की स्वीकृति नहीं होगी जिसके लिए विकल्प को चुना गया है और किसी आगामी निर्धारण वर्ष के लिए।

5.1.2 आगे, चूंकि ऐसी कोर्इ समय सीमा नहीं है जिसके अंतर्गत धारा 115खकक के अंतर्गत विकल्प को चुना जा सकता है, यह ध्यान दिया जा सकता है कि अतिरिक्त मूल्यह्रास के कारण अग्रेषित हानि वाली घरेलू कंपनी यदि वह चाहे तो ऐसी संचित हानि को समायोजित करने का विकल्प चुन सकती है

5.2 अग्रेषित एमएटी ऋण की स्वीकार्यता के संबंध में यह ध्यान दिया जा सकता है कि एमएटी से संबंधित धारा 115ञख के प्रावधान खुद उस घरेलू कंपनी के लिए लागू नहीं होते जो धारा 115खकक के अंतर्गत विकल्प चुनती है एतद्द्वारा यह स्पष्ट किया जाता है कि अधिनियम की धारा 115खकक के अंतर्गत विकल्प को चुनने वाली घरेलू कंपनी द्वारा दिए गए एमएटी के कर ऋण ऐसे विकल्प को प्रयोग करने के परिणामस्वरूप उपलब्ध नहीं होंगे

5.2.1 आगे, चूंकि कोर्इ समय सीमा नहीं है जिसके अंतर्गत धारा 115खकक के तहत विकल्प को प्रयोग किया जा सके, यह ध्यान दिया जा सकता है कि एमएटी के ऋण वाली एक घरेलू कंपनी यदि चाहती है तो विधेयक के प्रचार से पहले मौजूदा कराधान व्यवस्था के अंतर्गत देययोग्य नियमित कर के समक्ष कथित ऋण को प्रयोग करने के बाद विकल्प को चुन सकती है।

 

 

(सौरभ गुप्ता)

अवर सचिव, भारत सरकार

 

 

निम्न को प्रति :

  1. एफएम का पीएस/एफएम का ओएसडी/एमओएस (एफ) का पीएस/एमओएस(एफ) का ओएसडी

  2. राजस्व (सचिव) का पीएस

  3. अध्यक्ष सीबीडीटी व सभी सदस्य, सीबीडीटी

  4. समस्त प्रधान आयकर महानिदेशक/प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त

  5. सभी संयुक्त सचिव/आयकर आयुक्त, सीबीडीटी/ के निदेशक/उप सचिव/अवर सचिव

  6. भारतीय नियंत्रक एंव महालेखा परीक्षक (30 प्रतियां)

  7. संयुक्त सचिव व कानूनी सलाहकार, कानून व विधि मंत्रालय, नर्इ दिल्ली

  8. आयकर आयुक्त (एमएंडटीपी), सीबीडीटी के आधिकारिक प्रवक्ता

  9. प्रधान आयकर महानिदेशक (पद्धति) कार्यालय, आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड करने के लिए

10. जेसीआर्इटी (डाटाबेस प्रकोष्ठ) www.irsofficersonline.gov.in पर अपलोडिंग के लिए