धरा 27 की उपधारा (1) के दूसरे परन्तुक के अधीन सम्पति का अधिहरण.-

6.जहाँ (1) धारा 27 की उपधारा (1) के अधीन संपत्ति के अधिहरण का कोई आदेश किया गया है वहां न्यायनिर्णयन प्राधिकारी आदेश की एक प्रति प्राधिकृत अधिकारी को भेजेगा।

(2) जहां उपनियम (1) के अधीन निर्दिष्ट आदेश प्राधिकृत अधिकारी द्वारा किसी स्थावर संपत्ति के संबंध में प्राप्त किया जाता है, वहां वह, --

  (i) तुरंत वह ऐसी स्थावर संपत्ति के रजिस्ट्रीकरण के प्रयोजन के लिए अधिकारिता रखने वाली, यथास्थिति, केंद्रीय सरकार या राज्य सरकार को संपत्ति के अधिहरण के विषय में संसूचित करते हुए सूचना जारी करेगी;

 (ii) साधारण जनता के फायदे के लिए स्थावर संपत्ति के किसी सहज दृश्य भाग पर स्पष्ट रूप से अंग्रेजी और जन भाषा में सूचना की एक प्रति लगाएगा, जिसमें यह वर्णन होगा कि संपत्ति का अधिनियम के अधीन अधिहरण कर लिया गया है और वह पूर्ण रूप से केंद्रीय सरकार में विहित है;

(iii) ढोल बजाकर या अन्य प्रथा के अनुसार ऐसी संपत्ति पर या उसके नजदीक किसी स्थान पर स्थावर संपत्ति के अधिहरण की उदघोषणा के लिए प्रबंध करेगा;

(3) जहां प्राधिकृत अधिकारी द्वारा किसी स्थावर संपत्ति के संबंध में उपनियम (1) में निर्दिष्ट कोई आदेश प्राप्त किया गया है, वहां वह,-

  (i) तुरंत उस स्थावर संपत्ति की अभिरक्षा रखने वाले प्राधिकारी या व्यक्ति को ऐसी संपत्ति के अधिहरण के विषय में सूचित करते हुए सूचना जारी करेगा; या

 (ii) संपत्ति का संबंधित न्यायनिर्णयन प्राधिकारी की अनुमति से विक्रय कर देगा यदि संपत्ति शीघ्रता से और प्राकृतिक रूप से क्षयशील है या उसके अनुरक्षण पर होने वाला व्यय उसके मूल्य से अधिक होने की संभावना है और विक्रय से आगत को नजदीकी सरकारी खजाने या भारतीय स्टेट बैंक या उसकी समानुषंगियों की शाखा में या किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में आवधिक जमा में जमा कर देगा और उसकी रसीद को प्रतिधारण करेगा:

परंतु जहां संपत्ति का स्वामी भारतीय स्टेट बैंक या उसकी मसनुषंगियों या किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में संपत्ति के मूल्य के समतुल्य आवधिक जमा की प्रशासक के नाम रसीद प्रस्तुत कर देता है तो प्राधिकारी अधिकारी ऐसे आवधिक जमा की रसीद को प्रतिभूति के रूप में स्वीकार कर सकेगा और प्रतिधारित करेगा:

परंतु यह और कि जहां स्थावर संपत्ति किसी भी प्रकार के हस्तांतरण का ढंग है तो प्राधिकृत अधिकारी, यथास्थिति, मोटर अनुज्ञप्ति प्राधिकारी या किसी अन्य प्राधिकारी से उसके मूल्यांकन की रिपोर्ट अभिप्राप्त करने के पश्चात् प्रशासक के नाम भारतीय स्टेट बैंक या उसकी समानुषंगियों या किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में स्थावर संपत्ति के मूल्य के समतुल्य आवधिक जमा को प्रतिभूति के रूप में स्वीकार और प्रतिधारित कर सकेगा;

(iii) संपत्ति, जिसमें रोकड़, सरकारी या अन्य प्रतिभूतियां या बुलियन या आभूषण या अन्य मूल्यवान वस्तुए है, को प्रशासक के नाम से, यथास्थिति, लॉकर में या आवधिक जमा में भारतीय स्टेट बैंक या उसकी समानुषंगियों में या किसी अन्य राष्ट्रीयकृत बैंक में जमा करवाएगा या उसकी रसीद को प्रतिधारित करेगा:

(iv) शेयर, डिबेंचर, पारस्परिक निधि की यूनिटों या विलेखों के रूप में संपत्ति को प्रशासक के नाम अंतरित करवाएगा;

 (v) यथास्थिति, बैंक या वित्तीय संस्था को प्रशासक के खाते में धन को अंतरित और प्रत्यय करने का वहां निर्देश जारी करेगा जहां संपत्ति धन के रूप में किसी बैंक या वित्तीय संस्था में है।

स्पष्टीकरण - इस नियम के प्रयोजनों के लिए ''प्राधिकृत अधिकारी'' से आय-कर अधिकारी अभिप्रेत है, जिसे न्यायनिर्णयन प्राधिकरण द्वारा इसे निमित्त प्राधिकृत किया गया है।