परिभाषाएँ-

2. (1) इन नियमों में जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो,-

(क) ''अधिनियम'' से बेनामी संपत्ति संव्यवहार अधिनियम, 1988 (1988 का 45) अभिप्रेत है;

(ख) ''अध्याय'' से अधिनियम का अध्याय अभिप्रेत है;

(ग) ''प्ररूप'' से इन नियमों में उपाबद्ध प्ररूप अभिप्रेत है;

(घ) ''धारा'' से अधिनियम की धारा अभिप्रेत है;

(2) इन नियमों में उपयुक्त शब्द और पद, जो परिभाषित नहीं हैं किंतु भारतीय न्यास अधिनियम, 1882 (1882 का 2), भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम, 1925 (1925 का 39), भारतीय भागीदारी अधिनियम, 1932 (1932 का 9), आय-कर अधिनियम, 1961 (1961 का 43), निक्षेपागार अधिनियम, 1996 (1996 का 22), धन-शोधन निवारण अधिनियम, 2002 (2003 का 15), सीमित दायित्व भागीदारी अधिनियम, 2008 (2009 का 6) और कंपनी अधिनियम, 2013 (2013 का 18) या उन अधिनियमों के अधीन बनाए गए नियमों में परिभाषित है, का क्रमश: वही अर्थ होगा जो उनका उन अधिनियमों और नियमों में है।