निधि के प्रयोजन

2. निधि के अंतर्निहित प्रयोजन निम्नलिखित होंगे :--

() अधिकारियों के लिए कल्याण, मनोरंजन एवं अन्य बाहृ कार्यकलापों जिससे उनमें साहसिक कार्य करने की भावना भी शामिल है, को बढ़ावा देना। कल्याण कार्यकलापों में मनोरंजन क्लबों, पुस्तकालयों, अधिकारियों के बच्चों के लिए छात्रवृत्तियों की स्थापना, क्रेच खोलना, अधिकारियों की पत्नियों/पतियों को व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान करना, अधिकारियों को कम दर पर आने-जाने की सुविधा उपलब्ध कराना, विभागीय कैन्टीनों में और अधिक सुविधाएं उपलब्ध कराना इत्यादि शामिल हैं।

() उस समय जब वह अधिकारी वास्तविक रूप से पदीय वर्तन का निर्वाहन कर रहा है उस पर आर्इ विपत्ति जैसे दुर्घटना अथवा किसी चोट के कारण अथवा किसी प्राकृतिक कारण से मृत्यु होने पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना। इस स्कीम के अंतर्गत लाभ, अधिकारी को उसकी मृत्यु के पश्चात् भी मिलते रहेंगे यदि यह साबित हो जाता कि मृत्यु/चोट प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष रूप से उस घटना के कारण हुर्इ हो जहाँ वह अधिकारी तलाशी, सर्वेक्षण अथवा अन्य किसी कार्यालयीन कर्त्तव्य के निर्वाहन कर रहा था।

(ग) अधिकारी के सेवाकाल में एवं तब जब वह पदीय कर्त्तव्यों का निर्वाहन न कर रहा हो, हुर्इ मृत्यु की दशा में अधिकारी के परिवार को, शासी निकाय के विवेकानुसार अनुग्रह वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना।

(घ) अधिकारियों एवं उनके परिवारों को आपात स्थितियों एवं गम्भीर दु:ख की परिस्थितियों के लिए विभिन्न चिकित्सकीय रख-रखाव सुविधाएं उपलब्ध कराना जिनकी केन्द्र सरकार स्वास्थ्य स्कीम प्रतिपूर्ति नियमों के अंतर्गत पूर्णतया प्रतिपूर्ति नहीं हुर्इ है एवं सर्वेक्षण एवं तलाशी एवं जब्ती कार्यवाइयों में संलग्न अधिकारियों को उच्च जोखिम बीमा उपलब्ध कराना।

(ड़) अधिकारियों के प्रयोग के लिए विभागीय अतिथि गृहों एवं यात्री/तीर्थस्थानों जैसे महत्वपूर्ण स्थानों में हॉलीडे होम्स का निर्माण करना/किराए पर लेना/लीज पर लेना/सुसज्जित करना/रख-रखाव करना।

(च) अधिकारियों के कार्य क्षमता के संवर्धन एवं कल्याण को बढ़ावा देने के उद्देश्य के लिए कोर्इ अन्य योजना अथवा उपाय करना।

(छ) अधिकारियों के कल्याण के लिए कोर्इ अन्य प्रयोजनपूर्ण कार्य करना जिसके अंतर्गत प्राकृतिक आपदाओं जैसे बाढ़, भूकम्प, सूखा इत्यादि के द्वारा उत्पन्न कठिनाइयों को दूर करना भी है।