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आयकर विभाग कभी भी र्इ-मेल के माध्यम से आपके क्रेटिड कार्ड, बैंक अथवा अन्य वित्तीय खातों के पिन नंबर, पासवर्ड अथवा समकक्ष प्रकार की प्रयोग की जा सकने वाली सूचना की मांग नही करता है।

आयकर विभाग की करदताओं से अपील है कि ऐसे-र्इ-मेल का उत्तर न दें तथा अपने क्रेटिड कार्ड, बैंक तथा अन्य वित्तीय खातों से संबंधित जानकारी को किसी से सांझा करें।

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ट्यूटोरियल
प्रत्यक्ष करों के र्इ-भुगतान

प्रत्यक्ष करों के र्इ-भुगतान

प्रत्यक्ष करों के भुगतान के दो तरीके हैं (i) भौतिक तरीका, अर्थात नामित बैंक पर चालान की कागजी प्राप्ति के उपयोग के द्वारा और (ii) र्इ-भुगतान तरीका अर्थात इलेक्ट्रानिक तरीके का उपयोग करते हुये भुगतान करना। इस भाग में आप प्रत्यक्ष करों के र्इ-भुगतान से सम्बंधित विभिन्न प्रावधानों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

​विदशी कंपनी दवारा प्राप्त लाभांश का कर उपचार

​विदशी कंपनी दवारा प्राप्त लाभांश का कर उपचार

इस भाग में आप विदेशी कंपनी से लाभांश के कर उपचार से संबंधित विभिन्न प्रावधानों के बारे में ज्ञान प्राप्त कर सकते हैं।

आयकर कानून के तहत जुर्माने

आयकर कानून के तहत जुर्माने

आयकर कानून के तहत करदाता द्वारा प्रतिबद्ध विभिन्न चूकों के लिये जुर्माने लगाये जाते हैं। कुछ जुर्माने आवश्यक है और कुछ कर अधिकारियों के निर्णय पर निर्भर है। इस भाग के, आप आयकर कानून के तहत लगाये जाने वाले विभिन्न जुर्मानों से सम्बन्धित प्रावधानों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

जुर्माने को कम या माफ करने के लिये आयुक्त के अधिकार

जुर्माने को कम या माफ करने के लिये आयुक्त के अधिकार

अभिनति जुर्माना प्रावधानों से अलग, आयकर विभाग ने वास्तविक मामलों में करदाताओं के लिये जुर्माना से राहत देने के लिये आयकर आयुक्त को सशक्त बनाने के लिये भी प्रावधान बनाया। ऐसे अधिकार धारा 273अ और धारा 273 अ अ के तहत प्रदान किये जाते है। इस भाग में आप धारा 273 अ और 273 अ अ से सम्बन्धित प्रावधानों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

अभियोजन के लिये उत्तरदायी अपराध

अभियोजन के लिये उत्तरदायी अपराध

कयदाता द्वाया की जाने वारी ववभबन्न चूक के अरावा आमकय कानून भें कयदाता द्वाया ककमे गमे अऩयाधों के भरए अभबमोजन शुरू कयने का बी प्रावधान है।

आयकर के आयुक्त को अपील (अपीलों)

आयकर के आयुक्त को अपील (अपीलों)

कर्इ बार यह हो सकता है कि एक कर दाता निर्धारण अधिकारी के एक आदेश से व्यक्ति है। ऐसे मामले में, वह मूल्यांकन अधिकारी के आदेश के विरूद्ध एक अपील आयकर कमिश्नर (अपीलो) के समक्ष दाखिल कर सकता है। इस भाग में आप आयकर आयुक्त (अपीलों) से सम्बन्धित विभिन्न प्रावधानों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते है।

आयकर कानून के तहत सीमा की अवधियाँ

आयकर कानून के तहत सीमा की अवधियाँ

इस भाग में आप आयकर कानून के तहत निर्धारित सीमा की अवधि के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते है।

कर कटौती खाता संख्या

कर कटौती खाता संख्या

कर कटौती खाता संख्या या कर संग्रह खाता संख्या आयकर विभाग द्वारा जारी एक 10-अंको की अक्षरांकीय संख्या है (हम टैन के रूप में इसका उल्लेख करेंगे)। टैन सभी व्यक्तियों द्वारा प्राप्त करना होगा जो श्रोत पर कर कटौती (टी डी एस) के लिए उत्तरदायी है या जिन्हें श्रोत पर कर संग्रह (टी सी एस) की आवश्यकता है। इस भाग में आप टैन से सम्बंधित विभिन्न प्रावधानों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

टी डी एस/टी सी एस के भुगतान में देरी और कर माँग का भुगतान न करने के लिये ब्याज

टी डी एस/टी सी एस के भुगतान में देरी और कर माँग का भुगतान न करने के लिये ब्याज

एक व्यक्ति विभिन्न देरियों/चूकी जैसे धारा 201 (1 अ) के तहत श्रोत पर कर कटौती के भुगतान में श्रोत/देरी पर कर कटाने में असफल होने के लिये ब्याज और धारा 206 स (7) धारा के तहत श्रोत पर कर संग्रह के भुगतान में श्रोत/देरी पर कर संग्रह के लिये असफल होने के लिये ब्याज का भुगतान करने के लिये उत्तरदायी हैं। इस भाग में आप टी डी एस/टी सी एस के भुगतान में देरी के लिये ओर मांगे गये कर का भुगतान न करने के लिये ब्याज से सम्बन्धित विभिन्न प्रावधानों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

टी डी एस/टी सी एस ब्यौरा तैयार करने/देरी के लिये असफलता के लिये देर से दाखिल फीस और जुर्माना

टी डी एस/टी सी एस ब्यौरा तैयार करने/देरी के लिये असफलता के लिये देर से दाखिल फीस और जुर्माना

एक व्यक्ति जो टी डी एस/टी सी एस विवरणी दाखिल करने में असफल होता है या टी डी एस/टी सी एस विवरणी इस सम्बन्ध में निर्धारित देय तिथियों में दाखिल नही करता है, धारा 234 र्इ के तहत प्रदत्त के अनुसार देरी से दाखिल करने की फीस का भुगतान करने के लिए जिम्मेदार होगा और देरी से दाखिल करने की फीस से अलग वह धारा 271 एच के तहत जुर्माना का भुगतान करने के लिये उत्तरदायी हो सकता है। इस भाग में आप धारा 234 र्इ और धारा 271 एच के प्रावधानों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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परामर्श : निर्दिष्टानुसार/प्रकाशन के वर्ष में प्रचलित कानून से संबंधित सूचना। दर्शकों को किसी दस्तावेज पर भरोसा करने से पूर्व सही स्थिति/प्रचलित कानून को सुनिश्चित करने की सलाह दी जाती हैं।​​​