साइन इन
x

आयकर विभाग कभी भी र्इ-मेल के माध्यम से आपके क्रेटिड कार्ड, बैंक अथवा अन्य वित्तीय खातों के पिन नंबर, पासवर्ड अथवा समकक्ष प्रकार की प्रयोग की जा सकने वाली सूचना की मांग नही करता है।

आयकर विभाग की करदताओं से अपील है कि ऐसे-र्इ-मेल का उत्तर न दें तथा अपने क्रेटिड कार्ड, बैंक तथा अन्य वित्तीय खातों से संबंधित जानकारी को किसी से सांझा करें।

आगे >
पूछें 1800 180 1961/ 1961
Click to ASK
एडवांस रूलिंग के लिए प्राधिकरण

वित्त अधिनियम 1993 के द्वारा अग्रिम फैसलों की योजना शुरू की गयी थी, अग्रिम फैसलों के साथ आयकर अधिनियम का अध्याय xix बी 6/1/1993 प्रभाव के साथ अस्तित्व में स्वतन्त्र अधिनिर्णायक को सौपी गयी। तदनुसार एक सेवानिवृत उच्चतम न्यायधीश को अध्यक्षता को फैसलों के लिए बाह्य किया जा रहा है। कि इन फैसलों के प्रक्रिया सस्ती, सरल व जल्द पूर्ण होने वाली है।

प्राधिकरण द्वारा अधिकारिक निर्णय के संबंध में प्रस्तावित सौदे के आकलन के परिणाम लिखित रूप में प्रस्तुत करने का सशक्त हुक्त दिया है। आयकर अधिनियम 1961 की धारा 245ढ में समय - 2 पर संशोधित अग्रिम साधनों को परिभाषित किया गया है।

आवेदक-

निम्नलिखित व्यक्तियों द्वारा खंड धारा 245ढ के तहत अग्रिम सत्तारूढ प्राप्त किया जा सकता है।

  1. एक अनिवासी
  2. एक निवासी द्वारा अधिवासी व्यक्ति के साथ किए गए सौदे से उत्पन्न उपक्रम या लेन देन के मामलो में देय कर के संबंध में सत्तारूढ प्राप्ति किया जा सकता है।
  3. सार्वजनिक क्षेत्र की अधिसूचित कंपनी।
  4. एक निवासी व्यक्ति द्वारा अनिवासी के लिए की गयी व्यवस्था में सत्तारूढ़ प्राप्त कर सकते है। एक नाजायज परिहर व्यवस्था व सामान्य विरोधी बचाव नियम के अधीन केवल नही किया जा सकता।
मुख्य विशेषताएं —
  • केवल आयकर के लिए उपलब्ध है।
  • आयकर अधिनियम 1961 के तहत केवल एडवांस रूलिंग की प्रक्रिया उपलब्ध है।
  • आवेदक द्वारा लेन देन के संबंध में प्रवेश न किया गया हो
  • आवेदक द्वारा सौदे के संबंध में निर्दिष्ट सवाल पर एडवांस रूलिंग दिया जा रहा है।
  • प्रशन की मांग सत्तारूढ पर की जा सकती है।—
    1. अनिवासी एक आवेदन पत्र में एक से अधिक सवाल उठा सकता है। परिभाषा में प्रयुक्त शब्द ‘‘प्रश्न’’ यह अयोग्य है। हालांकि आवेदन के प्रपत्र संख्या 8 में सत्तारूढ़ (फार्म संख्या 34ग) में यह कथन स्पष्ट कर दिया गया है।
    2. अनिवासी द्वारा लेने देने के प्रस्ताव के संबंध में आयकर देयता से संबधित सवालो के लिए इस संदर्भ को पढ़ा
    3. प्रश्न कानून व तथ्यों पर हो सकता है। इसलिए कानून व तथ्य का मिश्रित सवाल भी आवेदन में शामिल हो सकता है।
      प्रत्येक प्रश्न का संक्षिप्त रूप में उत्तर तैया किया जाना चाहिए यह दो या दो अधिक प्रश्नों के जटिल सवालों के रूप में भी हो सकता है।
    4. आवेदन के साथ दिए गए तथ्यों के वयान सवालो से बाहर होने चाहिए। यदि किसी शासक द्वारा विशुद्ध रूप से कोर्इ काल्पनिक सवाल कर दिया गया। आवेदन में निर्दिष्ट न हुए सवाल का आग्रह नही किया जा सकता आमतैर पर एक प्रश्न में संशोधन करने की अनुमति है परन्तु योग्य व उचित में प्राधिकरण द्वारा एक से अधिक में संशोधन किया जा सकती है।
    5. प्रश्न डबल कर समझौते द्वारा शासित अंतराष्ट्रीय सीमाओं के अधीन पहलू अनिवासी के दायित्व से संबंधित हो सकता है। ऐसे सवालो के अनुबंध में कानून ट्रस्टो के कानून की तरह है।
      भारतीय आय की व्याख्या के साथ गठजोड़ होना आवश्यक है लेकिन यह कर देयता पर असर डालता है। कर अधिनियम द्वारा मित्र देशों के कानूनों को कवर कर सकते है।
    6. एक व्यक्ति द्वारा अनिवासी के लिए व्यवस्था किए जाने के प्रस्ताव अध्याय xA (जनरल एंटी बचाव नियम) के प्रस्ताव का अग्रिम हुक्म दिया गया है। जो नाजायज परिहार व्यवस्था प्राप्त करने के लिए किया जा सकता है। एडवांस रूलिंग के लिए समय सीमा
  • एडवांस रूलिंग के लिए समय सीमा —
  • आवेदन प्राप्त होने के 5 महीनो के भीतर अग्रिम सत्तारूढ का प्राधिकरण द्वारा घोषित होगा।
  • एडवांस रूलिंग की प्रकृति में बंधन—

पार्टियों के संबध में लेन देन प्रदर्शित होने वाले फैसले सत्तारूढ तक ही सीमित है। यह निर्णय प्राधिकरण द्वारा पहले ही लिया गया है। कि तथ्यो को प्राधिकरण से पहले सेट उपलब्ध होने पर सामान्य आवेदन कही किया जा सकता

प्रश्न पर रोक - खंड 245द के तहत कुछ आवेदन की स्वीकृत पर रोक लगा दी गयी है। क्योंकि कुछ प्रश्न चिंता का विषय है और अधिकारियों के समक्ष लंबित है। इस तरह प्राधिकरण के सामने आयकर प्राधिकारी, अपीलीय न्यायधीकरण, व कोर्ट के समक्ष निवासी व्यक्ति द्वारा अनिवासी के साथ किए गए लेन देन के संबंधित सवाल पहले से ही लंबित है। जहाँ इसलिए प्राधिकरण में यह सवाल उठाया और अब आवेदन की अनुमति नही होगी।

  1. किसी भी संपत्ति का उचित बाजार मूल्य निर्धारण
  2. जो लेन देन के मुद्दे हैं इन्हें आयकर से बचाव के लिए प्रथम द्ष्टया बनाया गया है। एडवांस रूलिंग के लिए आवेदन की प्रक्रिया

सत्तारूढ प्राप्त करने के इच्छुक आवेदको को सत्तारूढ की मांग करते हुए निर्धारित प्रपत्र में प्राधिकरण में आवेदन करना चाहिए। यह ओपन स्कूल में चार प्रतियो में किया जा रहा है।

34C - अनिवासी आवेदक पर लागू है।

34D - निवासी द्वारा अनिवासी के साथ लेन देन में लागू।

34E - अधिसूचना न. 11456 दिनांक 8/3/2000 के माध्यम से सरकार द्वारा अधिसूचित सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी के लिए लागू है।

34EA - एक नाजायज परिघर व्यवस्था निर्धारित करने के लिए अध्याय YA में भेजा गया है।

आवेदन करने का अग्रिम हुक्म है। इसके लिए भारती प्राधिकरण नर्इ दिल्ली के पक्ष में 19000 रुपये का डिमाण्ड ड्राफ्ट दिया जाना चाहिए।

आवेदन, दी गयी अन्तिम तिथि से 30 दिनों के भीतर वापस लिया जा सकता है।.