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​ टीडीएस दर

शब्द 'टीडीएस' का अर्थ' स्रोत पर कर कटौती' को दर्शाता है। यह एक व्यवस्था है जिसके तहत एक व्यक्ति निर्दिष्ट प्रकृति की राशि से टीडीएस की कटौती करने के लिए प्रतिबद्ध होगा तथा केन्द्र सरकार को जमा करवाएगा। विभिन्न आय पर विभिन्न टीडीएस दर आयकर अधिनियम कानून में निर्धारित हैं। यह लेख ऐसे सभी दरों को शामिल करता है।

​ आयकर अधिनियम के तहत निर्धारित सीमा

आयकर अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों सीमा सीमा के संदर्भ में होते हैं. ये सीमा अधिकतम छूट की सीमा, आय से छूट या कटौती की सीमा में शामिल हो सकते, भत्ते कर से मुक्त है, जो वेतन के एक हिस्से के रूप में प्राप्त किया, इसके आगे एक अपील दाखिल करने के लिए, और के लिए फीस. इस दस्तावेज़ में सभी प्रासंगिक प्रावधानों और उनकी सीमाओं को संक्षिप्त परिचय होता है.

​ कर दरें दोहरा कराधान बचाव बनाम आयकर अधिनियम

अन्य बातों के साथ, अनिवासी निर्दिष्ट आय जिसमें लाभांश, ब्याज, रॉयल्टी या तकनीकी सेवाओं के लिए शुल्क शामिल है, या तो अधिनियम के तहत या प्रासंगिक डीटीएए के तहत निर्धारित दरों पर, जो भी ऐसे अनिवासी के लिए अधिक फायदेमंद हो, कटौती योग्य होगी। यह लेख इस अधिनियम और भारत एवं विभिन्न विदेशी देशों के बीच किए गए अलग-अलग दोहरे कराधान बचाव के तहत निर्धारित ऐसी सभी दरें प्रदान करता है।

अंतर्राष्ट्रीय व्यापार याद रखने वाली धाराएं​

​भारत में व्यापार करने वाले अनिवासी या भारत में निवासी व्यक्ति के साथ कारोबार करने वाले अनिवासी को आयकर अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों का पालन करना होता है। यह लेख आयकर अधिनियम के ऐसे सभी प्रावधानों की एक सूची प्रदान करता है जो अनिवासी के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं।​

प्रारंभिक सीमाएं​

आयकर अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों में प्रारंभिक सीमा का संदर्भ होता है। इन प्रारंभिक सीमाओं में अधिकतम छूट की सीमा, आय से छूट या कटौती की सीमा, वेतन के एक हिस्से के रूप में प्राप्त कर मुक्त भत्ते, अपील दाखिल करने के लिए शुल्क, व इस प्रकार की अन्य छूट शामिल हो सकती है। इस दस्तावेज में सभी प्रासंगिक प्रावधानों और उनकी प्रारंभिक सीमाओं का संक्षिप्त परिचय दिया गया है।

​केवल छोटे व्यापारियों को उपलब्ध लाभ

​लघु और मध्यम उद्यम सकल घरेलू उत्पाद और अर्थव्यवस्था के विकास में बड़ें अंश का योगदान करते हैं। उनके लिए सुविधा के रूप में, आयकर अधिनियम उन्हें कुछ लाभ प्रदान करता है और अन्य बातों के साथ, प्रकल्पित आधार पर आय की गणना करने का विकल्प, बही लेखों के अनिवार्य अंकेक्षण से छूट, टीडीएस से छूट और इसी प्रकार के कुछ प्रावधानों के अनुपालन से छूट प्रदान करता है। यह दस्तावेज उन प्रावधानों को एक संक्षिप्त परिचय देता है जो छोटे व्यापारियों के लिए निर्दिष्ट लाभ प्रदान करते हैं।

​विभिन्न स्रोतों से आय का उपचार

प्रत्येक आय के अर्जन के स्रोत अलग-अलग होते हैं और इसलिए उनके कर योग्य होने के प्रावधान भी अलग-अलग हैं। आयकर अधिनियम में कर योग्य आय की गणना के लिए आय की पांच मदें प्रदान की गर्इ हैं नामश वेतन, गृह संपत्ति से आय, व्यवसाय या पेशे आय, पूंजीगत लाभ और अवशिष्ट आय। इस दस्तावेज में कर योग्य आय की गणना के लिए आय की प्रत्येक मद के तहत निहित प्रावधानों की चर्चा की गर्इ है।​

टीडीएस अचल संपत्ति की खरीद

​1 जून 2013 के प्रभाव से आयकर अधिनियम में एक नर्इ धारा 194-झक जोड़ी गयी है। एक अचल संपत्ति का क्रेता, विक्रेता को देय राशि से 1% की दर से कर कटौती करने और उसे केन्द्र सरकार के क्रेडिट में जमा करने के लिए उत्तरदायी है। यह लेख प्रयोज्यता व अन्य प्रासंगिक प्रावधानों के बारे में जानकारी देता है।​

​सीमा अवधि

​आयकर अधिनियम विभिन्न अनुपालनाओं के लिए विभिन्न नियम तिथि तथा सीमा अवधि प्रदान करता है। यह दस्तावेज आपको आने वाले अनुपालनाओं की जानकारी प्रदान करेगा, जिससे आप सभी प्रावधानों की परेशानी मुक्त अनुपालन कर सके।

​दंड

आयकर अधिनियम के प्रावधानों की अनुपालन में दोषी होने पर या कुछ शर्तों का उल्लघंन करने पर जुर्माना लगाया जाएगा। यह दस्तावेज आपको दंडनीय अपराध तथा कानून के तहत लगने वाले जुर्मानें की मात्रा के बारे में जानकारी प्रदान करता है।

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परामर्श : निर्दिष्टानुसार/प्रकाशन के वर्ष में प्रचलित कानून से संबंधित सूचना। दर्शकों को किसी दस्तावेज पर भरोसा करने से पूर्व सही स्थिति/प्रचलित कानून को सुनिश्चित करने की सलाह दी जाती हैं।​​​