भारत सरकार

वित्त मंत्रालय

राजस्व विभाग

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड

 

नर्इ दिल्ली, 18 अक्टूबर, 2019

 

प्रेस विज्ञप्ति

 

आयकर विभाग द्वारा चेन्नर्इ में एक "वैलनेस ग्रुप" की जांच

 

आयकर विभाग ने 16.10.2019 को आयकर अधिनियम, 1961 के अंतर्गत एक न्यास और कंपनियों के समूह की जांच की जो आंध्र प्रदेश के वारदापालेम और साथ ही चेन्नर्इ और बैंगलौर में विभिन्न स्थानों पर फैले आवासीय कैंपसों में दर्शनशास्त्र, आध्यात्मक आदि में वर्ष भर "वैलनेस कोर्स" और प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाता है। समूह जिसकी स्थापना 1980 में आध्यात्मिक गुरू द्वारा "एकता" के दर्शनज्ञान को ध्यान में रखकर की गर्इ थी, भी कर्इ क्षेत्रों में संलग्न है जिसमें भारत और विदेश में रियल एस्टेट, निर्माण, खेल आदि क्षेत्र शामिल है। वर्तमान में समूह का संचालन और नियंत्रण धर्म गुरू जिन्होंने समूह की स्थापना की और उनके पुत्र द्वारा किया जा रहा है। कोर्स में विदेश में रहने वाले ग्राहक हिस्सा लेते है और समूह विदेशी विनिमय में वास्तविक धन अर्जित करता है। गुप्त सूचना थी कि समूह ने अपनी प्राप्तियों को छुपाया है जिनको आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में बड़ी जमीन जायदाद में और विदेशों में निवेश किया गया है। जो तलाशी अभियान अभी चल रहा है उसमें चेन्नर्इ, हैदराबाद, बैंगलूरू और वारदापालेम में स्थित लगभग 40 परिसर शामिल हैं।

तलाशी अभियान के दौरान प्रमाण मिले कि समूह ने नियमित तौर पर अपनी प्राप्तियों को अपने कर्इ केद्रों या आश्रमों में छुपाया है। एक प्रमुख कर्मचारी जो नकद एकत्रीकरण का हिसाब-किताब रखता था, के पास से कर्इ प्रमाण मिले जिनको कहीं और निवेश करने के लिए खातों से बाहर रखा गया था और साथ ही दस्तावेजी राशि के अतिरिक्त संपत्तियों के भुगतान के लिए रखा गया था। यह पता चला कि समूह ने दस्तावेजी राशियों के अतिरिक्त बिक्री संपत्तियों से नकद में बेहिसाब आय को भी अर्जित किया। ऐसे बेहिसाब नकद का प्रारंभिक अनुमान वित्त वर्ष 2014-15 से रू.409 करोड़ लगाया गया है। ऐसे बेहिसाब नकद प्राप्तियों का प्रमाण बड़ी मात्रा में नकद और अन्य मूल्यवान वस्तुओं से भी मिलता है जो संस्थापक और उसके पुत्र के निवास से और एक कैंपस से मिले। इन परिसरों पर से विभाग द्वारा कुल रू. 43.9 करोड़ की नकद राशि को खोजकर जब्त किया गया।

उक्त के अलावा, पर्याप्त मात्रा में मिली विदेशी मुद्रा को भी खोजकर जब्त किया गया है। इन परिसरों में मिली विदेशी मुद्रा की कुल कीमत अमेरिकी मुद्रा में लगभग 2.5 लाख है जो लगभग 18 करोड़ के आसपास है। अन्य मुद्राओं में भी विदेशी मुद्रा को खोजकर जब्त किया गया। लगभग रू. 26 करोड़ से अधिक की कीमत के लगभग 88 किग्रा के आभूषण के रूप में अघोषित सोने की पर्याप्त मात्रा मिली जिसको जब्त किया गया। लगभग रू. 5 करोड़ की कीमत के 1,271 कैरेट की कीमत के अघोषित हीरे को भी खोजकर जब्त किया गया। जब्त किए गए सामान की कुल राशि लगभग रू. 93 करोड़ है। समूह की खोजी गर्इ अभी तक अघोषित आय की कीमत रू. 500 करोड़ से अधिक है। तलाशी अभियान अभी चल रहा है।

तलाश की एक महत्वपूर्ण खोज यह रही कि समूह कर पनाह देश सहित भारत और विदेश में कर्इ कंपनियों में निवेश करती रही है। इनमें से कुछ कंपनियां चीन, अमेरिका, सिंगापुर, यूएर्इ आदि में स्थित हैं जो उन विदेशी ग्राहकों से भुगतान प्राप्त करती पार्इ गर्इ है जिन्होंने भारत में दिए गए विभिन्न आवासीय "वैलनेस" कोर्स में भाग लिया था। विभाग ने इस प्रक्रिया में समूह द्वारा विदेशी उद्यमों को भारत में विभिन्न करयोग्य आय की जांच कर रही है। आगे, यह पता चला है कि एक समूह न्यास अन्य पक्षों से प्राप्त दान से उनके लिए अकोमोडेशन एंट्री भी मुहैया करा सकती है और फिर खर्चों को पूरा करने के नाम पर राशि दुबारा प्राप्त करती है और शुल्क के नाम पर कुछ राशि को भी प्राप्त करती है। ऐसे भी उदाहरण मिले है जहां समूह विदेशी मुद्रा में नकद में विदेशी ग्राहकों से प्राप्त राशि के लिए जबावदेह नहीं है और फिर अवैध करोबार में उसके विनिमय करती है। इन सभी सूचनाओं को प्राप्त किया जा रहा है और जांच प्रक्रिया चल रही है।

 

(सुरभि आहलूवालिया)

आयकर आयुक्त

(मीडिया व तकनीकी नीति)

आधिकारिक प्रवक्ता, सीबीडीटी