भारत सरकार

वित्त मंत्रालय

राजस्व विभाग

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड

 

नर्इ दिल्ली, 24 अगस्त, 2019

प्रेस विज्ञप्ति

 

सरकार द्वारा कुछ परिसंपत्तियों के स्थानांतरण पर दिए जाने वाले कर पर बढ़ाए गए अधिभार की निरस्ती

 

पूंजी बाजार में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए, वर्तमान वित्त वर्ष 2019-20 से आयकर अधिनियम, 1961 ('अधिनियम') की धारा 111क और धारा 112क में संदर्भित र्इक्विटी शेयर/यूनिट के स्थानांतरण से अर्जित आय की विशेष दर पर देययोग्य कर पर वित्त (सं. 2) अधिनियम, 2019 द्वारा लगाए गए संवृद्ध अधिभार को वापस लेने का निर्णय लिया गया है। निम्नलिखित पूंजी परिसंपत्तियां अधिनियम की धारा 111क और धारा 112क में निर्दिष्ट है :

   i) एक कंपनी में र्इक्विटी शेयर

  ii) एक र्इक्विटी ओरिएंटिड फंड की यूनिट; और

 iii) एक व्यापारिक न्यास की यूनिट

डेरिवेटिव (फ्यूचर व ऑप्शंस) को पूंजी परिसंपत्ति के तौर पर नहीं समझा जाता और डेरिवेटिव के स्थानांतरण से अर्जित आय को व्यापारिक आय के तौर पर समझा जाता है और कर की सामान्य दर के लिए उत्तरदायी होती है। हालांकि, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफपीआर्इ) के मामले में, डेरिवेटिव को पूंजी परिसंपत्ति के तौर पर समझा जाता है और इसके स्थानांतरण से उत्पन्न प्राप्ति को पूंजी प्राप्ति समझा जाता है और अधिनियम की धारा 115कघ के प्रावधानों के अनुसार कर की विशेष दर का विषय होती है। इसलिए, यह भी निर्णय लिया गया है कि एफपीआर्इ द्वारा डेरिवेटिव (फ्यूचर व ऑप्शंस) के स्थानांतरण से उत्पन्न प्राप्ति पर देययोग्य कर पर बढ़ाए गए अधिभार को लगाने से मुक्त रखा जाए।

इसलिए, बढ़ाए गए अधिभार को एक कंपनी या र्इक्विटी ओरिएंटिड फंड/व्यापारिक न्यास, जो प्रतिभूति लेनदेन कर के लिए उत्तरदायी है, में र्इक्विटी शेयर के स्थानांतरण से उत्पन्न दीर्घकालीन व अल्पकालीन पूंजी प्राप्ति पर दोनों घरेलू साथ ही साथ विदेशी निवेशकों द्वारा विशेष दर पर देययोग्य कर को हटाया जाएगा और साथ ही डेरिवेटिव के स्थानांतरण से उत्पन्न पूंजी प्राप्तियों पर एफपीआर्इ द्वारा धारा 115कघ के अंतर्गत विशेष दर पर देययोग्य कर पर से भी हटाया जाएगा। हालांकि, एफपीआर्इ के अलावा एक व्यक्ति को डेरेवेटिव के स्थानांतरण से उत्पन्न व्यापारिक आय पर सामान्य कर की दर पर देययोग्य कर बढ़ाए गए अधिभार को देने के लिए उत्तरदायी होगा।

 

(सुरभि आहलूवालिया)

आयकर आयुक्त

(मीडिया व तकनीकी नीति)

आधिकारिक प्रवक्ता, सीबीडीटी