भारत सरकार

वित्त मंत्रालय

राजस्व विभाग

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड

 

नर्इ दिल्ली, 14 अगस्त, 2019

 

प्रेस विज्ञप्ति

 

सीबीडीटी डीआर्इएन की संकल्पना द्वारा कर व्यवस्था में पारदर्शिता को सुनिश्चित करने की ओर कदम बढ़ाते हुए

 

कर प्रशासन संबंधी कार्यप्रणाली में विस्तृत पारदर्शिता लाने और सेवा में सुधार के मकसद से आयकर विभाग के समस्त नोटिस और आदेशों को आयकर बिजनेस एप्लीकेशन (आर्इटीबीए) प्लेटफॉर्म पर इलैक्ट्रानिक रूप से जनरेट किया जा रहा है। हालांकि, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के ध्यान में लाया गया है कि ऐसे कुछ उदाहरण है जिसमें नोटिस, आदेश, सम्मन, पत्र और कुछ पत्र-व्यवहार (तत्पश्चात् "संप्रेषण" के तौर पर संदर्भित) को ऐसे संप्रेषण के उचित लेखा परीक्षा के अनुरक्षण के बिना मैनुयली जारी किया गया है।

ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए और सभी संप्रेषणों की उचित लेखापरीक्षा बनाए रखने के लिए परिपत्र सं. 19/2019 दिनांक 14.08.2019 के द्वारा सीबीडीटी ने उस तरीके को निर्दिष्ट करते हुए मापदंड निर्दिष्ट किए हैं जिसमें निर्धारिती या किसी अन्य व्यक्ति को निर्धारण, अपील, सूचना, कानूनी या अन्यथा छूट, पूछताछ, जांच, सूचना का सत्यापन, जुर्माना, अभियोजन, संशोधन, अपील आदि से संबंधित किसी कर प्राधिकारी द्वारा जारी कोर्इ सूचना से व्यवहार किया जाएगा। 1 अक्टूबर, 2019 को या उसके बाद जारी ऐसेी सभी संप्रेषणों में ऐसे संप्रेषण की बाडी में कम्प्यूटर जनरेटिड दस्तावेज पहचान संख्या (डीआर्इएन) उद्धृत होगा।

सीबीडीटी के पास ऐसी निर्दिष्ट असाधारण परिस्थितियां भी है जहां संप्रेषण केवल लिखित में कारण दर्ज करने और संबंधित मुख्य आयकर आयुक्त/आयकर महानिदेशक की लिखित अनुमति के बाद ही मैनुयली जारी किया जा सकता है। यदि जहां मैनुयल संप्रेषण जारी किया जाना आवश्यक हो तो डीआर्इएन के बिना मैनुयल संप्रेषण को जारी करने का कारण एक विशेष प्रारूप में आयकर मुख्य आयुक्त/आयकर महानिदेशक के लिखित अनुमोदन को प्राप्त करने की तिथि के साथ निर्दिष्ट किया जाना है। कोर्इ संप्रेषण जो निर्धारित दिशानिर्देशों का अनुसरण नहीं करता उसे अमान्य समझा जाएगा और कभी जारी न किए गए के तौर पर समझा जाएगा। आगे, सीबीडीटी ने समयसीमा और प्रक्रिया को भी निर्दिष्ट किया है जिसके द्वारा मैनुयली जारी किए ऐसे संप्रेषण को नियमित किया जाएगा और प्रधान आयकर महानिदेशक (पद्धति) को सूचित की जाएगी।

उक्त के अतिरिक्त, सभी लंबित निर्धारण प्रक्रियाओं में, जहां नोटिस को उक्त संदर्भित परिपत्र के जारी करने से पहले मैनुयली जारी किया गया था, सभी ऐसे मामलों की पहचान की जाएगी और नोटिस को 31 अक्टूबर, 2019 तक आर्इटीबीए पर अपलोड किया जाएगा।

यह आधिकारिक कार्यवाही में जवाबदेही को सुनिश्चित करने के दौरान बेहतर करदाता सेवाएं देने की ओर सीबीडीटी द्वारा उठाया गया एक और कदम है।

 

(सुरभि आहलूवालिया)

आयकर आयुक्त

(मीडिया व तकनीकी नीति)

आधिकारिक प्रवक्ता, सीबीडीटी