भारत सरकार

वित्त मंत्रालय

राजस्व विभाग

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड

 

नर्इ दिल्ली, 2 जुलार्इ, 2019

 

प्रेस विज्ञप्ति

 

भारत द्वारा मूल कटौती और लाभ स्थानांतरण को रोकने के लिए कर संधि संबंधी उपायों को लागू करने का बहुपक्षीय समझौते का संशोधन

 

भारत ने मूल कटौती और लाभ स्थानांतरण (एमएलआर्इ) को रोकने के लिए कर संधि संबंधी उपायों को लागू करने के बहुपक्षीय समझौते का संशोधन किया है जिस पर भारत की ओर से माननीय वित्त मंत्री ने 7 जून, 2017 को पेरिस में 65 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधियों के साथ हस्ताक्षर किए। 25 जून, 2019 को भारत ने ओसीर्इडी, पेरिस को संशोधन दस्तावेज सौंपे साथ ही एमएलआर्इ के अंतर्गत अंतर्निहित कर समझौतों (सीटीए), आरक्षण, विकल्प और अधिसूचनाओं के संबंध में अपनी अंतिम स्थिति को भी जमा किया जिसके परिणामस्वरूप भारत के लिए एमएलआर्इ 01 अक्टूबर, 2019 को प्रभावी होगा और वित्त वर्ष 2020-21 से इसके प्रावधान भारत के डीटीएए पर प्रभावी होंगे।

बहुपक्षीय समझौता/एमएलआर्इ मूल कटौती और लाभ स्थानांतरण ("बीर्इपीएस परियोजना") को नियंत्रित करने के लिए ओसीर्इडी/जी20 की परियोजना का परिणाम है यानी ऐसी कर योजना संबंधी रणनीति जहां कम या कोर्इ निगमित कर न दिए जाने के फलस्वरूप कम कर लगाने या कर न लगाने वाले ऐसे स्थानों को कृत्रिम रूप से लाभ के स्थानांतरण के लिए कर नियमों में अंतर और असंगति का अनुचित लाभ लिया जा रहा हो, जहां या तो कम या कोर्इ आर्थिक गतिविधि न हो। भारत 100 से अधिक देशों के एड हॉक समूह और जी 20, ओसीर्इडी, बीर्इपीएस संघों के क्षेत्राधिकार और अन्य इच्छुक देशों का हिस्सा था जो बहुपक्षीय समझौते के विषय को अंतिम रूप देने के एकसमान स्थिति पर कार्य करता था।

एमएलआर्इ यह सुनिश्चित करते हुए संधि के दुरूपयोग और मूल कटौती और लाभ स्थानांतरण के माध्यम से राजस्व को नियंत्रित करने के लिए भारत की कर संधियों को संशोधित करेगा कि लाभ पर कर वहां लगाया जाएगा जहां लाभ को देने वाली वास्तविक आर्थिक गतिविधियां की जाती हो। एमएलआर्इ मौजूदा कर संधियों, बीर्इपीएस उपायों को लागू करने के लिए उनके प्रयोग को संशोधित करते हुए, के साथ लागू होगा। भारत द्वारा अधिसूचित 93 सीटीए में से 22 देशों ने तिथि के अनुसार पहले ही एमएलआर्इ को संशोधित कर लिया है और इन देशों के साथ दोहरे कराधान परिहार समझौता (डीटीएए) एमएलआर्इ द्वारा संशोधित होगा। शेष सीटीए का स्थान प्रभावी एमएलआर्इ तब लेगा जब ये देश एमएलआर्इ को संशोधित करेंगे। एक देश द्वारा एमएलआर्इ के अंतर्गत ली गर्इ स्थिति के अनुसार इसके साथ भारत का डीटीएए निम्नलिखित प्रमुख तरीकों में संशोधित किया जाएगा :-

 क) संधि के दुरूपयोग यानी डीटीएए में नर्इ प्रस्तावना और प्रमुख उद्देश्य परीक्षा (पीपीटी) को नियंत्रित करने के लिए बीर्इपीएस कार्रवार्इ 6 के अंतर्गत न्यूनतम मानक को प्राप्त किया जाएगा।

 ख) आपसी समझौता प्रक्रिया से संबंधित बीर्इपीएस कार्रवार्इ 14 के अंतर्गत न्यूतनम मानक को लागू किया जाएगा

 ग) प्रारंभिक व्यवस्थाओं और समकक्ष रणनीतियों के माध्यम से स्थार्इ संस्थापन (पीर्इ) स्थिति के कृत्रिम परिहार को रोका जाएगा। विशिष्ट गतिविधि राहत और अनुबंधों के विभाजन के माध्यम से पीर्इ के परिहार को भी रोका जाएगा।

 घ) मुख्यत: अचल संपत्ति से राशि के रूप में प्राप्त हिस्से/हितों के हस्तांतरण से पूंजी प्राप्ति को रोकने के विकल्पों की कमियों को दूर किया जाएगा।

 ड़) कुछ लाभांश स्थानांतरण लेनदेन जो कृत्रिम लाभांश पर देययोग्य न्यूनतम प्रारंभिक करों हेतु प्रयोजित है, उन्हें रोका जाएगां

भारत में एमएलआर्इ की प्रभावी तिथि 1 अक्टूबर, 2019 है। भारत के 22 संधि सांझेदारों जिन्होंने 30 जून, 2019 को या उससे पहले संशोधन दस्तावेजों को जमा कर दिया है, के संबंध में डीटीएए भारत में एमएलआर्इ के अंतर्गत वित्त वर्ष 2020-21 से प्रभावी होगी।

 

(सुरभि आहलूवालिया)

आयकर आयुक्त

(मीडिया व तकनीकी नीति)

आधिकारिक प्रवक्ता, सीबीडीटी