भारत सरकार

वित्त मंत्रालय

राजस्व विभाग

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड

 

नर्इ दिल्ली, 11 जून, 2019

 

प्रेस विज्ञप्ति

 

आयकर विभाग द्वारा जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में दुबारा कार्रवार्इ

 

आयकर विभाग ने 11.06.2019 को श्रीनगर स्थित एक प्रसिद्ध व्यापारिक समूह की जांच और जब्ती का अभियान चलाया जिसमें श्रीनगर में 8 परिसर और बैंगलूरू और दिल्ली में एक-एक परिसर शामिल है। निर्धारिती समूह परिवहन, रेशम के धागों के विनिर्माण, हॉस्पिटैलिटी, कश्मीर कला व शिल्प आदि का खुदरा व्यापार करता है।

समूह का कोर्इ भी सदस्य नियमित रूप से अपनी आयकर विवरणी को दाखिल नहीं करता। एक बार के निपटान के तौर पर समूह को जम्मू-कश्मीर बैंक से रू. 170 करोड़ का ऋण मिला जिसमें से रू. 77 करोड़ को पुर्नगठित किया गया, जिसमें से अभी तक जम्मू-कश्मीर बैंक को रू. 50.34 करोड़ का ही भुगतान किया गया और रू. 27.66 करोड़ का शेष भुगतान किया जाना है। जांच के दौरान ऐसे प्रमाण मिले जो इस बार की ओर इशारा करते हैं कि जम्मू कश्मीर बैंक से ऋण के एक बार का निपटान जम्मू कश्मीर बैंक के एक ऐसे वरिष्ठ अधिकारी के कुशल सामंजस्य द्वारा किया गया है जिसे सहायता देने की एवज में बड़ा मुनाफा मिला। आगे, प्रमाण से इस बात का भी पता लगा कि उक्तकथित ऋण से संबंधित रू. 50.34 करोड़ के पुर्नभुगतान को एक ऐसे सहायक को ऐसी ही राशि का ऋण देकर जम्मू कश्मीर बैंक द्वारा छुपाया गया जिसने पूरे लेनदेन को दबाने में अपनी भूमिका की बात स्वीकार की।

खोज के दौरान, बरामद प्रमाण निम्न से भी संबंधित है :

  •  अघोषित संपत्ति की बिक्री रू. 22 करोड़ से संबंधित है

  •  परिवहन व्यापार को बेचने का समझौता रू. 9.10 करोड़ का है

  •  लासीपुरा में कोल्ड स्टोरेज संयंत्र की बिक्री के कारण रू. 15-20 करोड़ का अघोषित लाभ। बढ़ाए गए बिल और नकली बिलों के माध्यम से सरकार से अधिक सब्सिडी लेने के लिए इस परियोजना की वास्तविक लागत रू. 17 करोड़ की को बढ़कर रू. 47 करोड़ बताया गया। इस परियोजना के लिए ऋण जम्मू-कश्मीर बैंक से लिया गया।

  •  सोनमर्ग (रू. 2.68 करोड़), पहलगाम (रू. 3.55 करोड़) और बैंगलूरू (रू. 1.00 करोड़) में अघोषित संपत्तियां

  •  दिल्ली में सांझेदारी में रू. 1.02 करोड़ के लिए खरीदी गर्इ एक दुकान

खोज के दौरान डिजिटल प्रमाणों को भी जब्त किया गया जिसकी जांच चल रही है।

 

(सुरभि आहलूवालिया)

आयकर आयुक्त

(मीडिया व तकनीकी नीति)

आधिकारिक प्रवक्ता, सीबीडीटी