भारत सरकार

वित्त मंत्रालय

राजस्व विभाग

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड

 

नर्इ दिल्ली, 29 मार्च, 2019

 

प्रेस विज्ञप्ति

 

आयकर विभाग जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में और खोज कार्रवार्इ करता हुआ

 

आयकर विभाग ने 28 मार्च, 2019 को श्रीनगर में और उसके आसपास स्थित 5 परिसरों में खोजी अभियान चलाया। दो समूहों की जांच की गर्इ जिन्होंने दुकान, भवन और भूमि में अवांछनीय तत्वों की अघोषित आय का प्रयोग स्थानीय अधिकारियों की मिलीभगत से किया।

खोज में यह पाया गया कि श्रीनगर सब्जी और फल विक्रेता पुनर्वास विकास प्राधिकरण द्वारा बनार्इ गर्इ 76 दुकानों को अधिक प्रीमियम पर रसूखदार और बड़ी मात्रा में नकदी रखने वाले व्यक्तियों को बेची गर्इ। विभाग द्वारा इनमें से खोजा गया एक व्यक्ति सब्जी विक्रेता संघ, बटमालू का स्व: घोषित अध्यक्ष है। इन लेनदेनों में इस्तेमाल हुए काले धन की मात्रा और हिस्सा वास्तविक है। यह पाया गया है कि बाजार की पहली मंजिल की चारा दुकानों को रू. 1.09 करोड़ की कीमत में स्व: घोषित अध्यक्ष द्वारा एक ऐसे व्यक्ति को प्रत्यक्ष रूप से बेची गर्इ है जिसने उसे चेक से 9 लाख रूपए का भुगतान किया और बचे हुए शेष 1 करोड़ को बेहिसाब नकद में दिया। उस व्यक्ति ने इन दुकानों और अन्य रियल एस्टेट के लेनदेन में उसके द्वारा प्राप्त किए गए काले धन से न्यू फ्रूट कॉम्पलैक्स में तीन मंजिला होटल -सह-शॉपिंग कॉम्पलैक्स का निर्माण किया।

दूसरे खोजी अभियान में इस बात का पता चला कि अनधिकृत कब्जे के अंतर्गत लगभग 86 कैनाल भूमि को अधिक प्रीमियम पर एक स्थानीय रसूखदार व्यक्ति को बेच दी गर्इ। इस मामले में लेनदेन या तो पूरी तरह से या बड़ी मात्रा में अघोषित नकद में किया गया। कर्इ मूल 'इकरारनामे' पाए और उन्हें जब्त किया गया जो यह दर्शाता है कि भूमि पर कब्जा बेहिसाब नकद की प्राप्ति के विनिमय के लिए किया गया। कथित कर अपवंचक ने इस मामले में प्राप्त नकद से एक कबाड़ और प्लास्टिक क्रशिंग यूनिट खोली। इस यूनिट में निवेश साथ ही साथ इससे प्राप्त आय को पूरी तरह से कर की श्रेणी से बाहर रखा गया।

कुल मिलाकर, 28 मार्च, 2019 को किए गए खोजी अभियान में रू. 11 करोड़ से अधिक के अघोषित वित्तीय लेनदेन और श्रीनगर और उसके आसपास के क्षेत्र में रू. 19 करोड़ से अधिक की अचल संपत्ति में अघोषित निवेश का पता लगा।

इस खोजी कार्रवार्इ में पकड़े गए किसी भी व्यक्ति ने आयकर विवरणी दाखिल नहीं की। इन कर अपवंचकों के खिलाफ जानबूझकर कर बचाने के साथ ही साथ कर विवरणी से जानबूझकर बचने के लिए आपराधिक अभियोग चलाया जाएगा।

 

(सुरभि आहलूवालिया)

आयकर आयुक्त

(मीडिया व तकनीकी नीति)

अधिकारिक प्रवक्ता, सीबीडीटी