भारत सरकार

वित्त मंत्रालय

राजस्व विभाग

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड

 

नर्इ दिल्ली, 27 फरवरी, 2019

 

प्रेस विज्ञप्ति

 

आयकर विभाग द्वारा जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों में आर्थिक सहायता पहुंचाने पर कार्रवार्इ

 

आज आयकर विभाग द्वारा की गर्इ संवेदनशील खोज कार्रवार्इ में इस बात का खुलासा हुआ कि एक प्रसिद्ध संगठन का प्रमुख कथित तौर पर राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों में संलिप्त था जिनमें उनके सहायक भी शामिल थे। खोज कार्रवार्इ घाटी में 4 परिसरों में और राष्ट्रीय राजधानी में 3 जगहों पर की गर्इ। खोज में उत्खनन, होटल आदि के व्यापार में किए गए बड़े पैमाने के अघोषित वित्तीय लेनदेन के विश्वसनीय प्रमाण समाने आ चुके हैं।

खोज के दौरान, कर बचाने वाले परिवार द्वारा प्रयोग किए जा रहे आवासीय परिसर के फिर से तैयार करने और पुर्ननिर्माण पर नकद में किए गए विस्तृत मात्रा में बेहिसाब व्यय का भी पता लगाया गया। बड़ी मात्रा में वित्तीय लेनदेन करने के बावजूद ना तो प्रमुख व्यक्ति ना ही उनके परिवार के किसी अन्य सदस्य ने कभी आयकर विवरणी को दाखिल किया। खोज कार्रवार्इ में मिले सबूत जानबूझकर और सब जानते हुए कर से बचने के प्रयास को दर्शाते हैं।

खोज कार्रवार्इ में, 3 हार्ड डिस्क को भी अपने कब्जे में लिया गया है। डिस्क में शामिल सूचना का विश्लेषण कर बचाने वाले और उसके सहायकों के विरूद्ध और अधिक ठोस सबूतों का प्रमाण हैं। यह कार्रवार्इ उस अवैध वित्तपोषण का पता लगाने की ठोस कार्रवार्इ का हिस्सा है जो घाटी में अलगाववादी तत्वों और उनकी गतिविधियों को वित्तीय सहायता देती है।

 

(सुरभि आहलूवालिया)

आयकर आयुक्त

(मीडिया व तकनीकी नीति)

आधिकारिक प्रवक्ता, सीबीडीटी