निर्देश सं. 02/2016

 

भारत सरकार

वित्त मंत्रालय

राजस्व विभाग

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड

 

नार्थ ब्लॉक, नर्इ दिल्ली, 15 फरवरी, 2016

 

विषय : आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 154 के अंतर्गत संशोधन आदेश को पारित करना - संबंधी

 

बोर्ड के ध्यान में ऐसे उदाहरण आए हैं कि कुछ मामलों में आयकर अधिनियम, 1961 ('अधिनियम') की धारा 154 के अंतर्गत संशोधन आदेश संबंधित करदाता के आदेशी की प्रति को दिए बिना एएसटी प्रणाली पर निर्धारण अधिकारी द्वारा पारित किया जा रहा है। यह करदाताओं की शिकायतों का कारण है चूंकि यह ऐसे आदेशों के बारे में अभिनज्ञ हैं तथा फलस्वरूप आगे मामले को अनुसरित करने में सक्षम नहीं हैं या तो अपील में अथवा संशोधन में, यदि आपेक्षित हो

2. अधिनियम की धारा 154 की उप-धारा (4) आदेश देती है कि संशोधन आदेश आयकर प्राधिकारियों द्वारा लिखित में पारित किया जाएगा। इसलिए, मामले के प्रतिफल पर, बोर्ड एतद्द्वारा निर्देश देता है कि समस्त संशोधन आवेदनों को लिखित में आदेश के पारित करने के पश्चात् प्रवृत्त किया जाना चाहिए, संबंधित करदाता पर विधिवत तामील करने हेतु तथा नाकि केवल एएसटी प्रणाली पर आवश्यक संशोधन करने के लिए।

3. इन निर्देशों की सामग्री को आवश्यक अनुपालन के लिए समस्त की सूचना में लाया जा सकता है।

4. अनुसरण के लिए हिन्दी संस्करण

 

(रोहित गर्ग)

उप सचिव, भारत सरकार

 

(एफ. सं. 225/305/2015-आर्इटीए.II)

 

निम्न को प्रति:

 

  1. केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड के अध्यक्ष तथा समस्त अधिकारी

  2. पीएस/ओएसडी से सचिव (राजस्व)

  3. प्रधान आयकर महानिदेशक (पद्धति) कार्यालय, पब्लिक डोमेन पर आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोडिंग के लिए प्रतिवेदन के साथ

  4. समस्त प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त/आयकर महानिदेशक

  5. केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड के समस्त अधिकारी तथा तकनीकी विभाग

  6. केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड का आर्इटीसीसी प्रभाग (3 प्रतियां)

  7. आर्इआरएस अधिकारी वेबसाइट पर अपलोडिंग के लिए अपर/संयुक्त आयकर आयुक्त डाटोबस प्रकोष्ठ

  8. विभाग के आधिकारिक हेंडल पर ट्वीट पोस्ट करने के अनुरोध के साथ अतिरिक्त महानिदेशक (पीआर, पीपी एंड ओएल)

  9. गार्ड फाइल

 

(रोहित गर्ग)

उप सचिव, भारत सरकार