एफ.नं. ए-11011/02/2015-एडी. VII

भारत सरकार

वित्त मंत्रालय

राजस्व विभाग

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड

 

***

नर्इ दिल्ली, 26 फरवरी, 2016

 

आदेश सं. 01/एडी. VII/2016

 

विषय : आयकर विभाग में करदाता सेवाओं की सुपुर्दगी तथा निरीक्षण के लिए समर्पित संरचना -संबंधी

 

सक्षम प्राधिकारी तुरंत प्रभाव के साथ तथा अग्रिम आदेश तक केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) तथा इसके संबद्ध तथा अधीनस्थ कार्यालयों में करदाता की सेवाओं की सुपुर्दगी तथा निरीक्षण के लिए समर्पित संरचना की स्थापना करने के लिए अनुमति प्रदान करते हैं।

2. सदस्य (राजस्व), केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड, करदाता सेवाओं की सुपुर्दगी तथा निरीक्षण का पर्यवेक्षण करेंगे। सदस्य (राजस्व) को सदस्य (राजस्व तथा करदाता सेवाओं) के तौर पर पुन: नामित किया गया है।

3. प्रधान आयकर महानिदेशक (प्रशासनिक) केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड के संबद्ध निदेशालयों में साथ ही साथ आयकर विभाग के क्षेत्रीय कार्यालयों में करदाता सेवाओं की सुपुर्दगी तथा निरीक्षण के लिए उत्तरदायी होगा तथा सदस्य (राजस्व तथा करदाता सेवाओं) को सूचित करेगा। प्रधान आयकर महानिदेशक (प्रशासनिक) प्रधान आयकर महानिदेशक (प्रशासनिक तथा करदाता सेवाओं) के तौर पर पुन: नामित है।

4. करदाता सेवाओं अर्थात् अपर आयकर महानिदेशक (टीपीएस-I) तथा अपर आयकर महानिदेशक (टीपीएस-II) की अध्यक्षता में आयकर महानिदेशालय (करदाता सेवा-I) तथा आयकर महानिदेशालय (करदाता सेवाएं-II) की सुपुर्दगी तथा निरीक्षण के लिए दो पृथक निदेशालय होंगे। ये दो निदेशालय प्रधान आयकर महानिदेशक (प्रशासनिक तथा करदाता सेवाओं) को सूचित करेंगे।

4.1 आयकर निदेशालय (करदाता सेवाएं-I) का कार्य निम्नानुसार होगा :

 (i) देशभर में निर्धारण अधिकारियों के क्षेत्राधिकार के भीतर आने वाले करदाताओं से संबंधित शिकायत/मुद्दों से संबंधित समस्त मामलों की देखरेख तथा समन्वय स्थापित करना।

 (ii) आयकर सेवा केंद्र द्वारा व्यवहारित समस्त मामलों की देखरेख तथा समन्वय स्थापित करना।

(iii) क्षेत्रीय कार्यालयों में करदाता सेवाओं के लिए प्रभावी निरीक्षण तथा प्रतिवेदन तंत्र का उपाय करना।

(iv) देशभर में प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त/आयकर आयुक्त के अंतर्गत कार्यरत् समस्त आयकर आयुक्त (प्रशासनिक एवं करदाता सेवाएं)/अपर आयकर आयुक्त (मुख्यालय एवं करदाता सेवाओं) के साथ समन्वय करना तथा उनसे प्राप्त मासिक रिपोर्ट को एकत्र करना तथा प्रधान आयकर महानिदेशक (प्रशासनिक तथा करदाता सेवाएं) के माध्यम से त्रैमासिक आधार पर सदस्य, (राजस्व एवं करदाता सेवाएं) को समेकित रिपोर्ट को प्रस्तुत करना।

 (v) आयकर निदेशालय (करदाता सेवाएं-II) के साथ प्रभावी समन्वय बनाए रखना।

(vi) नागरिक चार्टर कार्यान्वयन का मूल्यांकन एवं निरीक्षण करना।

(vii) करदाता संतुष्टि पर अनुसंधान तथा सर्वेक्षण करना।

(viii) कर विवरणी प्रस्तुतिकर्ता (टीआरपी) योजना का निरीक्षण

(ix) करदाता सेवाओं की सुपुर्दगी तथा निरीक्षण से संबंधित अन्य कोर्इ कार्य

4.2 आयकर निदेशालय (करदाता सेवाएं-II) के कार्य निम्नानुसार होंगे :

  (i) करदाताओं को दी जा रही र्इ-सेवाओं के संबंध में करदाताओं को शिक्षित करना।

 (ii) आय की विवरणी का प्रसंस्करण, प्रतिदाय का निगर्मन, मांग सत्यापन, पैन, टैन, सीपीसी-टीडीएस संबंधित शिकायत जैसे मामलों से संबंधित करदाताओं की शिकायतों के साथ व्यवहार करना।

(iii) र्इ-सक्षम करदाता सेवाओं के सुपुर्दगी मानकों को सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीयकृत प्रसंस्करण केंद्र-आर्इटीआर तथा केंद्रीयकृत प्रसंस्करण केंद्र-टीडीएस सहित प्रधान आयकर महानिदेशक (पद्धति) के अंतर्गत निदेशालयों के साथ समन्वय स्थापित करना।

(iv) पद्धति निदेशालय द्वारा की गर्इ विभिन्न कार्यवाहियों के लिए शिकायतों का निरीक्षण करना तथा समयसीमा को स्थापित करने के लिए दिशानिर्देशों से संबंधित पद्धति निदेशालय के साथ समन्वय स्थापित करना।

 (v) ऎप तथा मोबाइल तकनीक, एसएमएस अलर्ट आदि के माध्यम से करदाताओं को सेवा मुहैया कराने की नर्इ विधि को विकसित करने के लिए निदेशालय को करदाता की प्रतिक्रिया मुहैया कराना।

(vi) विभाग के राष्ट्रीय काल सेंटर (दूरभाष नं. 1961) के प्रभावी कार्यों के लिए पद्धति निदेशालयों के साथ समन्वय स्थापित करना।

(vii) प्रधान आयकर महानिदेशक (प्रशासनिक तथा करदाता सेवाओं) के माध्यम से त्रैमासिक आधार पर सदस्य (राजस्व तथा करदाता सेवाओं) को समेकित रिपोर्ट प्रस्तुत करना तथा र्इ-सेवाओं से संबंधित र्इ-सेवाओं तथा शिकायतों से संबंधित मासिक रिपोर्ट को तैयार करना।

(viii) आयकर महानिदेशालय (करदाता सेवाओं-I) के साथ प्रभावी समन्वय बनाए रखना।

(ix) र्इ-सेवाओं की सुपुर्दगी तथा निरीक्षण से संबंधित अन्य कोर्इ कार्य।

4.3 आयकर निदेशालय (करदाता सेवाएं-I) तथा आयकर निदेशालय (करदाता सेवाएं-II) को आयकर निदेशालय (करदाता सेवाएं-I) के तौर पर आयकर निदेशालय (टीडीएस) तथा आयकर निदेशालय (करदाता सेवाएं-II) के तौर पर आयकर निदेशालय (इंफ्रा-3) द्वारा स्थापित किया जाएगा।

5. क्षेत्रीय स्तर पर, प्रत्येक क्षेत्र के प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त क्षेत्र के भीतर कैपों का आयोजन, प्रारंभ की जा रही करदाता सेवा पहल के संबंध में सूचना का प्रसार, करदाता सेवाओं की सुपुर्दगी की समय सीमा के प्रावधानों तथा निरीक्षण के लिए उत्तरदायी होगा। इस कार्य में, वह आयकर आयुक्त (प्रशासनिक एवं कॉ) द्वारा सहायता प्राप्त करेंगे जो प्रशासनिक तथा कम्प्यूटर संचालनों के उत्तरदायित्व के अतिरिक्त करदाता सेवाओं के कार्य के लिए उत्तरदायी होंगे। इस पद को आयकर आयुक्त (प्रशासनिक एवं करदाता सेवाएं) के तौर पर पुन: नामित किया गया है। इसी प्रकार, प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त के कार्यालय में अपर आयकर आयुक्त (मुख्या.) अपर आयकर आयुक्त (मुख्या. एवं करदाता सेवाएं) के तौर पर पुन: नामित होगा। वह अधिकारियों के समूह के साथ आयकर आयुक्त (प्रशासनिक एवं करदाता सेवाएं) को सहायता देंगे। ये अधिकारी करदाता सेवाओं की सुपुर्दगी, आयकर सेवा केंद्र के कार्य, क्षेत्र के प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त से संबंधित शिकायतों की शिकायत तथा अपर आयकर महानिदेशक (टीपीएस-I) तथा अपर आयकर महानिदेशक (टीपीएस-II) के साथ समन्वय के लिए उत्तरदायी होंगे।

6. क्षेत्र में उत्तरदायित्व के प्रत्येक स्तर पर एक समकक्ष व्यवस्था सृजित होगी अर्थात् मुख्य आयकर आयुक्त, प्रधान आयकर आयुक्त, अपर आयकर आयुक्त/संयुक्त आयकर आयुक्त, उप आयकर आयुक्त/सहायक आयकर आयुक्त तथा उनके संबंधित क्षेत्राधिकारों के लिए आर्इटीओ।

7. ब्यौरेवार संरचनात्मक परिवर्तन/संशोधन श्रेणीबद्ध संरचना की स्पष्ट समझ के लिए संलग्न परिशिष्ट-I में दिए गए हैं।

8. निदेशालयों की स्टाफ अनिवार्यता तथा क्षेत्रीय कार्यालयों के लिए अनुमोदित ढ़ांचा आयकर विभाग की समग्र स्वीकृत संख्या के भीतर से पूरे होंगे।

 

(जाति सिंह मीणा)

अवर सचिव, भारत सरकार

दूरभाष : 24122759

 

सेवा में,

 

  1. समस्त प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त/मुख्य आयकर आयुक्त/प्रधान आयकर आयुक्त/आयकर आयुक्त

  2. समस्त प्रधान आयकर महानिदेशक/आयकर महानिदेशक/प्रधान आयकर निदेशक/आयकर निदेशक

  3. पीएस से एफएम/पीएस से एमओएस (एफ)

  4. पीएस से सचिव राजस्व

  5. पीपीएस से एएस राजस्व

  6. पीपीएस से अध्यक्ष, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड

  7. पीपीएस से सदस्य (अन्वे.)/सदस्य (पीएंडवी)/सदस्य (आर)/सदस्य (आर्इटी)/सदस्य (एलएंडसी)/सदस्य (एएंडजे)

  8. पीएस से जेएस (प्रशा.)/डीटी

  9. डीएस (एडी.VI), जेसीआर्इटी (वीएंडएल), डीएस (मुख्या.), सीआर्इटी (सीएंडएस)

10. केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर आदेश को अपलोड करने के अनुरोध के साथ प्रधान आयकर महानिदेशक (पद्धति), (वेबमास्टर)

11. एडी (ओएल), हिन्दी संस्करण मुहैया कराने के लिए हिन्दी प्रभाग

12. गार्ड फाइल

 

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परिशिष्ट-I

 

एफ. नं. ए-11011/02/2015-एडी. VII के मार्फत जारी आदेश सं. 01/एडी. VII/2016 दिनांक 24 फरवरी, 2016 हेतु परिशिष्ट-I

 

परिचालन आदेश सं. 01/एडी. VII/2016 दिनांक 26 फरवरी, 2016 के लिए, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड तथा इसके संबंद्ध तथा अधीनस्थ कार्यालयों में करदाता सेवाओं के लिए वर्टिकल का निम्नानुसार ढ़ांचां दिया गया है :

I. आयकर निदेशालय का ढ़ांचा (करदाता सेवाएं I) :

    प्रधान आयकर महानिदेशक (प्रशा. एवं टीपीएस)    
           
    अपर आयकर महानिदेशक (करदाता सेवाएं-I)    
           
    अपर आयकर निदेशक (करदाता सेवाएं)    
           
    उप आयकर निदेशक (करदाता सेवाएं)    
           
         
आर्इटीओ (टीपीएस) - 1   आर्इटीओ (टीपीएस) - 2
                 
                     
आर्इटीआर्इ(टीपीएस)-1   आर्इटीआर्इ (टीपीएस)-2     आर्इटीआर्इ(टीपीएस)-3   आर्इटीआर्इ (टीपीएस)-4

 

II. आयकर निदेशालय का ढ़ांचा (करदाता सेवाएं - II) :

    प्रधान आयकर महानिदेशक (प्रशा. एवं टीपीएस)    
           
    अपर आयकर महानिदेशक (टीपीएस - II)    
           
    अपर आयकर निदेशक (र्इ-सेवाएं)    
           
    उप आयकर निदेशक (र्इ-सेवाएं)    
           
         
आर्इटीओ (र्इ-सेवाएं)-1   आर्इटीओ (र्इ-सेवाएं)-2
                 
                     
आर्इटीआर्इ (र्इ-सेवाएं)-1   आर्इटीआर्इ (र्इ-सेवाएं)-2     आर्इटीआर्इ (र्इ-सेवाएं)-3   आर्इटीआर्इ(र्इ-सेवाएं)-4

 

III. क्षेत्रीय कार्यालयों में करदाता सेवाओं की सुपुर्दगी के लिए संरचना निम्नानुसार होगी :

क. बहु मुख्य आयकर आयुक्त प्रभारों के साथ प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त (सीसीए) के अंतर्गत क्षेत्रों के लिए:

 

  प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त (सीसीए)  
           
    आयकर आयुक्त (प्रशा. एवं टीपीएस)*    
           
    अपर/संयुक्त आयकर आयुक्त (मुख्या एवं टीपीएस)    
           
         
  आर्इटीओ (टीपीएस)-I       आर्इटीओ (टीपीएस)-II  
                 
  पूछताछ केंद्र्र       पूछताछ केंद्र  

 

* यह ढ़ांचा समस्त क्षेत्रों के लिए सामान्य ढ़ांचा है, लेकिन करदाताओं की बड़ी संख्या वाले क्षेत्रों में, एक विशेष आयकर आयुक्त (टीपीएस) आयकर आयुक्त (अपील) के पदों के परिवर्तन के माध्यम से चस्पा होगी।

ख. एकल मुख्य आयकर आयुक्त एवं बहु प्रधान आयकर आयुक्त वाले प्रभारों के लिए :

  मुख्य आयकर आयुक्त  
           
    अपर/संयुक्त आयकर आयुक्त (मुख्या एवं टीपीएस)    
           
         
  आर्इटीओ (टीपीएस)-I       आर्इटीओ (टीपीएस)-II  
                 
  पूछताछ केंद्र       पूछताछ केंद्र  

 

ग. एकल प्रधान आयकर आयुक्त के साथ प्रभार के लिए :

  प्रधान आयकर आयुक्त  
           
    उप आयकर आयुक्त/सहायक आयकर आयुक्त (टीपीएस)    
           
    आर्इटीओ(टीपीएस)    
           
    पूछताछ केंद्र    

 

घ. एकल अपर/संयुक्त आयकर आयुक्त के साथ अन्य छोटे स्टेशनों के लिए :

  अपर/संयुक्त आयकर आयुक्त  
           
    आर्इटीओ (टीपीएस)    
           
    पूछताछ केंद्र    

 

ड़. एकल उप-आयकर आयुक्त/सहायक आयकर आयुक्त/आर्इटीओ के साथ अग्रिम छोटे स्टेशनों के लिए :

ऐसे क्षेत्रों में, उप आयकर आयुक्त/सहायक आयकर आयुक्त/आयकर अधिकारी करदाता सेवाओं को नोडल अधिकारी के तौर पर जल्द भी देंगे तथा विशेषरूप से प्राप्त तथा सुलझार्इ गर्इ शिकायतों के बारे में अपनी पर्यवेक्षी प्राधिकारी को मासिक सूचना देंगे। लंबित शिकायतों की स्थिति में, वास्तविक सूचना उस स्तर पर, जिस पर शिकायत को स्पष्ट किया गया हैं, को स्पष्ट रूप से बताते हुए पर्यवेक्षी प्राधिकरण को की जानी चाहिए। ऐसी अनसुलझी शिकायतों के संबंध में, कथित पर्यवेक्षी प्राधिकरण क्षेत्र के अपर आयकर आयुक्त (मुख्या. व टीपीएस) की सहायता की मांग कर सकते हैं तथा/अथवा प्रधान आयकर महानिदेशक (प्रशासनिक एवं टीपीएस) दिल्ली के अंतर्गत राष्ट्रीय स्तर पर कार्यरत अपर आयकर महानिदेशक (टीपीएस-I) से दिशानिर्देश की मांग का निर्देश दे सकते हैं।

 

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