वसूल न किये गये किराये के बाद में प्राप्त होने पर उस पर आय-कर प्रभारित किया जाना
1[वसूल न किये गये किराये के बाद में प्राप्त होने पर उस पर आय-कर प्रभारित किया जाना
25कक. जहां निर्धारिती ऐसी किसी संपत्ति से, जो किराए पर किसी किराएदार को दी गर्इ है, किराया वसूल नहीं कर सकता और तत्पश्चात् निर्धारिती ने ऐसे किराए की बाबत कोर्इ रकम वसूल की हो वहां इस प्रकार वसूल की गर्इ रकम "गृह संपत्ति से आय" शीर्ष के अधीन प्रभार्य आय समझी जाएगी और तदनुसार उस पूर्ववर्ष की आय के रूप में आय-कर से प्रभारित की जाएगी जिसमें ऐसा किराया वसूल किया जाता है चाहे ऐसा निर्धारिती उस पूर्ववर्ष में उस संपत्ति का स्वामी हो अथवा नहीं।]
1. वित्त अधिनियम, 2001 द्वारा 1.4.2002 से अंत:स्थापित।
[वित्त अधिनियम, 2012 द्वारा संशोधित रूप में]

