बीमा कमीशन
बीमा कमीशन
194घ. कोर्इ व्यक्ति, जो किसी निवासी को बीमा कारबार की मांग करने या उसे प्राप्त करने के लिए (जिसके अंतर्गत बीमा पालिसियों के बने रहने, नवीकरण या पुन: चालू करने से संबंधित कारबार भी है) पारिश्रमिक या इनाम के रूप में, चाहे वह कमीशन के रूप में या किसी दूसरे रूप में हो, कोर्इ आय संदत्त करने का उत्तरदायी है, पाने वाले के खाते में ऐसी आय जमा करते समय या उसका नकद रूप में या चैक या ड्राफ्ट जारी करके या किसी अन्य रीति से भुगतान करते समय, इनमें से जो भी पहले हो, प्रवृत्त दरों के अनुसार उस पर आय-कर की कटौती करेगा :
परन्तु इस धारा के अधीन 1 जून, 1973 के प्रथम दिन से पहले जमा की गर्इ या संदत्त की गर्इ किसी आय से कटौती नहीं की जाएगी :
परन्तु यह और कि इस धारा के अधीन कोर्इ कटौती किसी ऐसे मामले में नहीं की जाएगी जहां वित्तीय वर्ष के दौरान, यथास्थिति, पाने वाले के खाते में जमा की गर्इ या उसको संदत्त की गर्इ या जमा किए जाने के लिए संभाव्य या संदत्त ऐसी आय की राशि या ऐसी आय की कुल राशि, पन्द्रह हजार रुपए से अधिक नहीं होती है।
[वित्त अधिनियम, 2019 द्वारा संशोधित रूप में]

