कर्मचारी द्वारा कर का समझा गया संदाय
98क[कर्मचारी द्वारा कर का समझा गया संदाय
115बटख. (1) जहां किसी नियोजक ने धारा 115बख की उपधारा (1) के खंड (घ) में निर्दिष्ट विनिर्दिष्ट प्रतिभूति या स्वेट साधारण शेयरों के आबंटन या अंतरण की बाबत किसी अनुषंगी फायदा कर का संदाय किया है और बाद में ऐसा कर कर्मचारी से वसूल कर लिया है, वहां यह समझा जाएगा कि इस प्रकार वसूल किया गया अनुषंगी फायदा कर उस कर्मचारी द्वारा उसे केवल उस सीमा तब उपलब्ध कराए गए अनुषंगी फायदे के मूल्य के संबंध में संदत्त कर है, जिस तक उसकी रकम ऐसे कर्मचारी को, धारा 115बग की उपधारा (1) के खंड (खक) के अधीन यथा अवधारित, उपलब्ध कराए गए अनुषंगी फायदे के मूल्य से संबंधित है।
(2) इस अधिनियम के किन्हीं अन्य उपबंधों में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी जहां कर्मचारी से वसूल किए गए अनुषंगी फायदा कर को ऐसे कर्मचारी द्वारा उपधारा (1) के अधीन संदत्त कर समझा गया है वहां ऐसा कर्मचारी, इस अधिनियम के अधीन,-
(i) कर के ऐसे संदाय में से किसी प्रतिदाय का ; या
(ii) कर के ऐसे संदाय का अन्य आय संबंधी कर दायित्व के प्रति या किसी अन्य कर दायित्व के प्रति किसी क्रेडिट का,
दावा करने का हकदार नहीं होगा।]
98क. वित्त अधिनियम, 2008 द्वारा 1.4.2008 से अंत:स्थापित।
[वित्त अधिनियम, 2017 द्वारा संशोधित रूप में]

