जहां अनुषंगी फायदे निर्धारण से छूट गए हैं वहां सूचना का जारी किया जाना
जहां अनुषंगी फायदे निर्धारण से छूट गए हैं वहां सूचना का जारी किया जाना
115बज. (1) धारा 115बछ के अधीन निर्धारण या पुननिर्धारण किए जाने से पूर्व, निर्धारण अधिकारी निर्धारिती पर एक सूचना की तामील करेगा जिसमें उससे यह अपेक्षा की जाएगी कि वह ऐसी अवधि के भीतर जो सूचना में विनिर्दिष्ट की जाए, ऐसे अनुषंगी फायदों की, जिनके संबंध में सुसंगत निर्धारण वर्ष के तत्स्थानी पूर्ववर्ष के दौरान इस अध्याय के अधीन वह निर्धारणीय है, विहित प्ररूप में और विहित रीति से सत्यापित तथा ऐसी अन्य विशिष्टियां देते हुए, जो विहित की जाएं, एक विवरणी प्रस्तुत करे और इस अध्याय के उपबंध, जहां तक हो सके तदनुसार इस प्रकार लागू होंगे माने ऐसी विवरणी धारा 115बघ के अधीन दी जाने के लिए अपेक्षित विवरणी हो।
(2) निर्धारण अधिकारी, इस धारा के अधीन कोर्इ सूचना जारी करने से पूर्व, ऐसा करने के अपने कारण लेखबद्ध करेगा।
(3) उपधारा (1) के अधीन कोर्इ सूचना सुसंगत निर्धारण वर्ष की समाप्ति से छह वर्ष की समाप्ति के पश्चात् उस सुसंगत निर्धारण वर्ष के लिए जारी नहीं की जाएगी।
स्पष्टीकरण.–कर से प्रभार्य ऐसे अनुषंगी फायदों का, जो इस उपधारा के प्रयोजनों के लिए निर्धारण से छूट गए हैं, अवधारण करने में धारा 115बछ के स्पष्टीकरण के उपबंध इस प्रकार लागू होंगे जैसे वे उस धारा के प्रयोजनों के लिए लागू होते हैं।
(4) ऐसी किसी दशा में, जहां धारा 115बड़ की उपधारा (3) या धारा 115बछ के अधीन सुसंगत वर्ष के लिए कोर्इ निर्धारण किया गया है, वहां निर्धारण अधिकारी द्वारा सुसंगत निर्धारण वर्ष की समाप्ति से चार वर्ष की समाप्ति के पश्चात् उपधारा (1) के अधीन कोर्इ सूचना तब तक जारी नहीं की जाएगी जब तक कि प्रधान मुख्य आयुक्त या मुख्य आयुक्त या प्रधान आयुक्त या आयुक्त का, निर्धारण अधिकारी द्वारा लेखबद्ध कारणों से यह समाधान न हो जाए कि यह ऐसी सूचना जारी किए जाने का यह एक सही मामला है।
[वित्त अधिनियम, 2022 द्वारा संशोधित रूप में]

