आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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धारा 115बच

सर्वोत्तम विवेकबुद्धि के अनुसार निर्धारण

धारा

धारा संख्या

115बच

अध्याय शीर्षक

अध्याय XIIज - मामूली लाभ पर आयकर

अधिनियम

आय-कर अधिनियम, 1961

वर्ष

2014

सर्वोत्तम विवेकबुद्धि के अनुसार निर्धारण

सर्वोत्तम विवेकबुद्धि के अनुसार निर्धारण

सर्वोत्तम विवेकबुद्धि के अनुसार निर्धारण

115बच. यदि कोर्इ व्यक्ति, जो नियोजक है–

() धारा 115बघ की उपधारा (1) के अधीन अपेक्षित विवरणी देने में असफल रहता है और उसने उस धारा की उपधारा (3) के अधीन कोर्र्इ विवरणी या उपधारा (4) के अधीन कोर्इ पुनरीक्षित विवरणी नहीं दी है, या

() धारा 115बघ की उपधारा (2) के अधीन जारी की गर्इ किसी सूचना के सभी निबंधनों का अनुपालन करने में असफल रहता है या धारा 142 की उपधारा (2क) के अधीन जारी किसी निदेश का पालन करने में असफल रहता है, या

() विवरणी देने पर धारा 115बड़ की उपधारा (2) के अधीन जारी की गर्इ किसी सूचना के सभी निबंधनों का अनुपालन करने में असफल रहता है,

तो निर्धारण अधिकारी, सभी सुसंगत तथ्य सामग्री पर, जो निर्धारण अधिकारी ने एकत्रित की है, विचार करने के पश्चात् निर्धारिती को सुनवार्इ का अवसर देने के पश्चात् अपनी सर्वोत्तम विवेकबुद्धि के अनुसार अनुषंगी फायदों का निर्धारण करेगा और ऐसे निर्धारण के आधार पर निर्धारिती द्वारा संदेय राशि का अवधारण करेगा :

परंतु निर्धारण अधिकारी द्वारा निर्धारिती को कारण बताओ सूचना की तामील करके यह अवसर दिया जाएगा कि वह सूचना में विनिर्दिष्ट की जाने वाली तारीख और समय पर यह बताए कि निर्धारण को उसकी सर्वोत्तम विवेकबुद्धि के अनुसार पूरा क्यों नहीं किया जाना चाहिए :

परंतु यह और कि ऐसे मामले में, जहां धारा 115बघ की उपधारा (2) के अधीन कोर्इ सूचना इस धारा के अधीन निर्धारण किए जाने से पूर्व जारी की गर्इ है, ऐसा अवसर देना आवश्यक नहीं होगा।

 

 

[वित्त (सं. 2) अधिनियम, 2014 द्वारा संशोधित रूप में]

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