घोषणा पत्र दाखिल करना तथा विवरण प्रस्तुत करना
घोषणा दाखिल करना और प्रस्तुत किए जाने वाले विवरण
91.(1) धारा 90 में संदर्भित घोषणा घोषणाकर्ता द्वारा नामित प्राधिकारी के समक्ष ऐसे प्रपत्र में दाखिल की जाएगी और ऐसे तरीके से सत्यापित की जाएगी, जैसा निर्धारित किया जाए;
(2) घोषणा दाखिल करने पर, विवादित आय या विवादित ब्याज या विवादित जुर्माना या विवादित शुल्क और कर एरियर के संबंध में आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण या आयुक्त (अपील) या संयुक्त आयुक्त (अपील) के समक्ष लंबित कोई अपील, धारा 92 की उप-धारा (1) के तहत नामित प्राधिकारी द्वारा प्रमाणपत्र जारी किए जाने की दिनांक से वापस ली गई मानी जाएगी।
(3) जहां घोषणाकर्ता ने कर एरियर के संबंध में किसी आदेश के विरुद्ध अपीलीय मंच के समक्ष कोई अपील या उच्च न्यायालय या उच्चतम न्यायालय के समक्ष कोई रिट याचिका दायर की है, वह धारा 92 की उप-धारा (1) के तहत प्रमाणपत्र जारी होने के बाद जहां कहीं आवश्यक हो, न्यायालय की अनुमति से ऐसी अपील या रिट याचिका वापस लेगा और ऐसी वापसी का प्रमाण उस धारा की उप-धारा (2) के तहत नामित प्राधिकारी को भुगतान की सूचना के साथ प्रस्तुत करेगा।
(4) उप-धारा (2) और उप-धारा (3) के प्रावधानों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, घोषणाकर्ता कर एरियर के संबंध में अपने किसी भी अधिकार, चाहे प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष, को त्यागने का वचन प्रस्तुत करेगा, जो कि वर्तमान में लागू किसी कानून के तहत उसे किसी उपाय या दावे को मांगने या जारी रखने के लिए अन्यथा उपलब्ध हो सकता है और यह वचन ऐसे प्रपत्र में और ऐसे तरीके से दिया जाएगा, जैसा निर्धारित किया जाए।
(5) उप-धारा (1) के तहत की गई घोषणा नहीं की गई मानी जाएगी, यदि,—
| (क) | घोषणा में प्रस्तुत कोई महत्वपूर्ण विवरण किसी भी स्तर पर गलत पाया जाता है; या | |
| (ख) | घोषणाकर्ता इस योजना में संदर्भित किसी भी शर्त का उल्लंघन करता है; या | |
| (ग) | घोषणाकर्ता उप-धारा (4) के तहत दिए गए अपने वचन के अनुसार कार्य नहीं करता है, |
और ऐसे मामलों में, इस धारा के तहत वापस ली गई सभी कार्यवाहियां और दावे तथा घोषणाकर्ता के विरुद्ध आयकर अधिनियम के तहत सभी परिणामों को पुनर्जीवित माना जाएगा।
(6) कोई भी अपीलीय फोरम घोषणा में उल्लिखित कर एरियर से संबंधित किसी मुद्दे का निर्णय करने के लिए आगे नहीं बढ़ेगा जिसके संबंध में नामित प्राधिकारी द्वारा धारा 92 की उप-धारा (1) के तहत आदेश दिया गया है या उस धारा के तहत निर्धारित किसी राशि के भुगतान से संबंधित है।

