अपनी खुद की प्रतिभूतियों की खरीद के लिए कंपनी की पावर
कंपनी को अपनी स्वयं की प्रतिभूतियाँ खरीदने की शक्ति
68. (1) इस अधिनियम में किसी बात के होते हुए भी, किन्तु उपधारा (2) के प्रावधानों के अधीन रहते हुए, कोई कंपनी अपने स्वयं के शेयर या अन्य विनिर्दिष्ट प्रतिभूतियां (जिन्हें इसके पश्चात् पुनर्खरीद कहा जाएगा) निम्नलिखित में से खरीद सकती है—
| (क) | इसके मुक्त आरक्षित ; | |
| (ख) | प्रतिभूति प्रीमियम खाता; या | |
| (ग) | किसी शेयर या अन्य निर्दिष्ट प्रतिभूतियों के निर्गम से प्राप्त आय: |
बशर्ते कि किसी भी प्रकार के शेयरों या अन्य विनिर्दिष्ट प्रतिभूतियों की कोई पुनर्खरीद उसी प्रकार के शेयरों या अन्य विनिर्दिष्ट प्रतिभूतियों के पूर्व निर्गम की आय से नहीं की जाएगी।
(2) कोई भी कंपनी उपधारा (1) के अधीन अपने स्वयं के शेयर या अन्य विनिर्दिष्ट प्रतिभूतियाँ तब तक नहीं खरीदेगी, जब तक कि—
| (क) | पुनर्खरीद उसके अनुच्छेदों द्वारा प्राधिकृत न कर दिया गया हो; | |
| (ख) | कंपनी की सामान्य बैठक में पुनर्खरीद को प्राधिकृत करने वाला विशेष संकल्प पारित न कर दिया गया हो: | |
| बशर्ते कि इस खंड में अंतर्विष्ट कोई बात उस मामले में लागू नहीं होगी जहां - |
| (झ) | पुनर्खरीद कंपनी की कुल चुकता इक्विटी पूंजी और मुक्त आरक्षित निधियों का दस प्रतिशत या उससे कम है; और | |
| (ii) | ऐसा पुनर्खरीद बोर्ड द्वारा अपनी बैठक में पारित प्रस्ताव के माध्यम से प्राधिकृत किया गया है; |
| (ग) | पुनर्खरीद कंपनी की कुल चुकता पूंजी और मुक्त आरक्षित निधियों का पच्चीस प्रतिशत या उससे कम है: | |
| बशर्ते कि किसी वित्तीय वर्ष में इक्विटी शेयरों की पुनर्खरीद के संबंध में, इस खंड में पच्चीस प्रतिशत के संदर्भ को उस वित्तीय वर्ष में उसकी कुल चुकता इक्विटी पूंजी के संबंध में समझा जाएगा; | ||
| (घ) | पुनर्खरीद के बाद कंपनी द्वारा दिए गए सुरक्षित और असुरक्षित ऋणों के योग का अनुपात चुकता पूंजी और उसकी मुक्त आरक्षित निधियों के दोगुने से अधिक नहीं है: | |
| बशर्ते कि केन्द्रीय सरकार, आदेश द्वारा, कंपनियों के एक वर्ग या वर्गों के लिए पूंजी और मुक्त आरक्षित निधियों के लिए ऋण का उच्चतर अनुपात अधिसूचित कर सकेगी; | ||
| (ड़) | पुनर्खरीद के लिए सभी शेयर या अन्य निर्दिष्ट प्रतिभूतियां पूरी तरह से चुकता हैं; | |
| (च) | किसी मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध शेयरों या अन्य निर्दिष्ट प्रतिभूतियों की पुनर्खरीद इस संबंध में प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड द्वारा बनाए गए विनियमों के अनुसार है; और | |
| (छ) | खंड ( च ) में निर्दिष्ट शेयरों या अन्य निर्दिष्ट प्रतिभूतियों के अलावा अन्य के संबंध में पुनर्खरीद ऐसे नियमों के अनुसार होगी जो निर्धारित किए जा सकते हैं : |
बशर्ते कि इस उपधारा के अंतर्गत कोई भी पुनर्खरीद का प्रस्ताव, यदि कोई हो, पूर्ववर्ती पुनर्खरीद के प्रस्ताव के बंद होने की तारीख से गणना की गई एक वर्ष की अवधि के भीतर नहीं किया जाएगा।
(3) उस बैठक की सूचना, जिसमें उपधारा (2) के खंड ( ख ) के अधीन विशेष संकल्प पारित किए जाने का प्रस्ताव है, के साथ एक व्याख्यात्मक कथन संलग्न किया जाएगा जिसमें निम्नलिखित बताया जाएगा--
| (क) | सभी तात्विक तथ्यों का पूर्ण और सम्पूर्ण प्रकटीकरण; | |
| (ख) | पुनर्खरीद की आवश्यकता; | |
| (ग) | पुनर्खरीद के तहत खरीदे जाने वाले शेयरों या प्रतिभूतियों का वर्ग; | |
| (घ) | पुनर्खरीद के तहत निवेश की जाने वाली राशि; और | |
| (ड़) | पुनर्खरीद पूरा करने के लिए समय-सीमा। |
(4) प्रत्येक पुनर्खरीद विशेष संकल्प पारित करने की तारीख से एक वर्ष की अवधि के भीतर पूरी की जाएगी, या जैसा भी मामला हो, उप-धारा (2) के खंड ( ख ) के तहत बोर्ड द्वारा पारित संकल्प।
(5) उप-धारा (1) के तहत पुनर्खरीद हो सकती है-
| (क) | मौजूदा शेयरधारकों या प्रतिभूति धारकों से आनुपातिक आधार पर; | |
| (ख) | खुले बाजार से; | |
| (ग) | स्टॉक विकल्प या स्वेट इक्विटी की योजना के अनुसार कंपनी के कर्मचारियों को जारी की गई प्रतिभूतियों को खरीदकर। |
(6) जहां कोई कंपनी उपधारा (2) के खंड ( ख ) के अधीन विशेष संकल्प या उसके परंतुक की मद ( ii ) के अधीन संकल्प के अनुसरण में इस धारा के अधीन अपने स्वयं के शेयरों या अन्य विनिर्दिष्ट प्रतिभूतियों को पुनर्खरीद का प्रस्ताव करती है, वहां वह ऐसी पुनर्खरीद से पहले पंजीयक और प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड के पास कंपनी के कम से कम दो निदेशकों द्वारा हस्ताक्षरित शोधन क्षमता की घोषणा दाखिल करेगी, जिनमें से एक प्रबंध निदेशक, यदि कोई हो, ऐसे प्ररूप में जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है और इस आशय के शपथपत्र द्वारा सत्यापित होगा कि कंपनी के निदेशक मंडल ने कंपनी के मामलों की पूरी जांच कर ली है; जिसके परिणामस्वरूप उन्होंने यह राय बनाई है कि यह अपनी देनदारियों को पूरा करने में सक्षम है और बोर्ड द्वारा अपनाई गई घोषणा की तारीख से एक वर्ष की अवधि के भीतर दिवालिया नहीं हो जाएगी:
बशर्ते कि ऐसी कंपनी द्वारा प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड के समक्ष शोधन क्षमता की कोई घोषणा दाखिल नहीं की जाएगी, जिसके शेयर किसी मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध नहीं हैं।
(7) जहां कोई कंपनी अपने स्वयं के शेयरों या अन्य निर्दिष्ट प्रतिभूतियों को पुनर्खरीद करती है, तो उसे पुनर्खरीद की अंतिम तिथि के सात दिनों के भीतर इस प्रकार खरीदे गए शेयरों या प्रतिभूतियों को समाप्त कर देना चाहिए तथा उन्हें भौतिक रूप से नष्ट कर देना चाहिए।
(8) जहां कोई कंपनी इस धारा के तहत अपने शेयरों या अन्य निर्दिष्ट प्रतिभूतियों का पुनर्खरीद पूरा करती है, वह उसी प्रकार के शेयरों या अन्य प्रतिभूतियों का कोई और निर्गम जारी नहीं करेगा, जिसमें धारा 62 की उपधारा (1) के खंड ( क ) के अधीन नए शेयरों का आबंटन या छह माह की अवधि के भीतर अन्य विनिर्दिष्ट प्रतिभूतियां शामिल हैं; बोनस निर्गम के माध्यम से या वारंट, स्टॉक विकल्प योजनाओं, स्वेट इक्विटी या वरीयता शेयरों या डिबेंचर को इक्विटी शेयरों में रूपांतरण जैसे मौजूदा दायित्वों के निर्वहन के अलावा।
(9) जहां कोई कंपनी इस धारा के अधीन अपने शेयरों या अन्य विनिर्दिष्ट प्रतिभूतियों को पुनर्खरीद करती है, वहां वह इस प्रकार खरीदे गए शेयरों या प्रतिभूतियों, पुनर्खरीद किए गए शेयरों या प्रतिभूतियों के लिए भुगतान किए गए प्रतिफल, शेयरों या प्रतिभूतियों के रद्दीकरण की तारीख, शेयरों या प्रतिभूतियों के समाप्त होने और उन्हें भौतिक रूप से नष्ट करने की तारीख तथा ऐसे अन्य ब्यौरे, जो विहित किए जाएं, का एक रजिस्टर बनाए रखेगी।
(10) कोई कंपनी, इस धारा के अंतर्गत पुनर्खरीद के पूरा होने के पश्चात, रजिस्ट्रार और प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड के पास पुनर्खरीद से संबंधित ऐसे विवरण युक्त विवरण, ऐसी समाप्ति के तीस दिन के भीतर, जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है, दाखिल करेगी :
बशर्ते कि ऐसी कंपनी द्वारा प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड के समक्ष कोई प्रतिगम दाखिल नहीं किया जाएगा, जिसके शेयर किसी मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध नहीं हैं।
(11) (11) यदि कोई कंपनी उपधारा (2) के खंड ( च ) के प्रयोजनों के लिए इस धारा के उपबंधों या प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड द्वारा बनाए गए किसी विनियमन का अनुपालन करने में कोई चूक करती है तो कंपनी जुर्माने से दंडनीय होगी जो एक लाख रुपए से कम नहीं होगा किंतु तीन लाख रुपए तक का हो सकता है और कंपनी का प्रत्येक अधिकारी जो चूक करता है, [ *** ] जुर्माने से दंडनीय होगा जो एक लाख रुपए से कम नहीं होगा किंतु [ तीन लाख रुपए ] तक का हो सकता है।
स्पष्टीकरण I. - इस धारा और धारा 70 के प्रयोजनों के लिए, "विनिर्दिष्ट प्रतिभूतियों" में कर्मचारियों के स्टॉक विकल्प या अन्य प्रतिभूतियां शामिल हैं, जिन्हें समय-समय पर केंद्रीय सरकार द्वारा अधिसूचित किया जा सकता है।
स्पष्टीकरण II .- इस धारा के प्रयोजनों के लिए, "मुक्त आरक्षित निधि" में प्रतिभूति प्रीमियम खाता भी शामिल है।

