शेयर पूंजी के आगे मुद्दा
शेयर पूंजी का आगे का निर्गमन I
62. (1) जहां किसी भी समय, शेयर पूंजी वाली कोई कंपनी अतिरिक्त शेयरों के निर्गमन द्वारा अपनी अभिदत्त पूंजी बढ़ाने का प्रस्ताव करती है, ऐसे शेयरों की पेशकश की जाएगी-
| (क) | उन व्यक्तियों को, जो प्रस्ताव की तिथि पर कंपनी के इक्विटी शेयरों के धारक हैं, उन शेयरों पर चुकता शेयर पूंजी के अनुपात में, परिस्थितियों के अनुसार, निम्नलिखित शर्तों के अधीन प्रस्ताव पत्र भेजकर, अर्थात्: - |
| (झ) | प्रस्ताव नोटिस द्वारा किया जाएगा जिसमें प्रस्तावित शेयरों की संख्या निर्दिष्ट की जाएगी और समय सीमा पन्द्रह दिन से कम नहीं होगी [ या निर्धारित दिनों की ऐसी कम संख्या ] और प्रस्ताव की तारीख से तीस दिन से अधिक नहीं होगी जिसके भीतर प्रस्ताव, यदि स्वीकार नहीं किया जाता है, तो अस्वीकार कर दिया गया माना जाएगा; | |
| (ii) | जब तक कि कंपनी के अनुच्छेदों में अन्यथा प्रावधान न हो , पूर्वोक्त प्रस्ताव में संबंधित व्यक्ति द्वारा उसे या उनमें से किसी को प्रस्तावित शेयरों को किसी अन्य व्यक्ति के पक्ष में त्यागने का अधिकार सम्मिलित माना जाएगा; और खंड ( i ) में निर्दिष्ट सूचना में इस अधिकार का विवरण होगा; | |
| (iii) | पूर्वोक्त नोटिस में निर्दिष्ट समय की समाप्ति के बाद, या उस व्यक्ति से जिसे ऐसी सूचना दी गई है, पूर्व सूचना प्राप्त होने पर कि वह प्रस्तावित शेयरों को स्वीकार करने से इनकार करता है, निदेशक मंडल उन्हें ऐसे तरीके से निपटान कर सकता है जो शेयरधारकों और कंपनी के लिए अहितकर न हो; |
| (ख) | to employees under a scheme of employees' stock option, subject to special resolution passed by company and subject to such conditions as may be prescribed ; or | |
| (ग) | किसी भी व्यक्ति को, यदि यह किसी विशेष संकल्प द्वारा अधिकृत है, चाहे उन व्यक्तियों में खंड ( ए ) या खंड ( बी ) में निर्दिष्ट व्यक्ति शामिल हों या नहीं, या तो नकद के लिए या नकद के अलावा किसी अन्य विचार के लिए, यदि ऐसे शेयरों की कीमत मूल्यांकन रिपोर्ट द्वारा निर्धारित की जाती है [एक पंजीकृत मूल्यांकनकर्ता की, अध्याय III के लागू प्रावधानों और निर्धारित की जा सकने वाली किसी भी अन्य शर्तों के अनुपालन के अधीन ]। |
[ (2) उपधारा (1) के खंड ( ए ) के उपखंड ( i ) में निर्दिष्ट सूचना पंजीकृत डाक या स्पीड पोस्ट या इलेक्ट्रॉनिक मोड या कूरियर या डिलीवरी के सबूत के साथ किसी अन्य मोड के माध्यम से सभी मौजूदा शेयरधारकों को निर्गम के खुलने से कम से कम तीन दिन पहले भेजी जाएगी।
(3) इस धारा की कोई बात किसी कंपनी की अभिदत्त पूंजी में उस वृद्धि पर लागू नहीं होगी जो कंपनी द्वारा जारी किए गए डिबेंचर या लिए गए ऋण से जुड़ी शर्त के रूप में विकल्प के प्रयोग के कारण हुई हो ताकि ऐसे डिबेंचर या ऋण को कंपनी में शेयरों में परिवर्तित किया जा सके:
बशर्ते कि ऐसे डिबेंचर या ऋण जारी करने की शर्तें, जिसमें ऐसा विकल्प शामिल हो, ऐसे डिबेंचर जारी करने या ऋण जुटाने से पहले कंपनी द्वारा आम बैठक में पारित विशेष प्रस्ताव द्वारा अनुमोदित कर दी गई हों।
(4) उपधारा (3) में किसी बात के होते हुए भी, जहां किसी कंपनी द्वारा कोई डिबेंचर जारी किया गया है, या किसी सरकार से ऋण प्राप्त किया गया है, और यदि वह सरकार ऐसा करना लोकहित में आवश्यक समझती है, तो वह आदेश द्वारा निर्देश दे सकती है कि ऐसे डिबेंचर या ऋण या उनका कोई भाग कंपनी में ऐसे निबंधनों और शर्तों पर शेयरों में संपरिवर्तित किया जाएगा, जो सरकार को मामले की परिस्थितियों में उचित प्रतीत हों, भले ही ऐसे डिबेंचर जारी करने या ऐसे ऋण लेने के निबंधनों में ऐसे संपरिवर्तन के लिए विकल्प प्रदान करने के लिए कोई निबंधन सम्मिलित न हो:
बशर्ते कि जहां ऐसे परिवर्तन की शर्तें और निबंधन कंपनी को स्वीकार्य न हों, वहां वह ऐसे आदेश की संसूचना की तारीख से साठ दिन के भीतर न्यायाधिकरण में अपील कर सकेगी जो कंपनी और सरकार को सुनने के पश्चात ऐसा आदेश पारित करेगा जैसा वह उचित समझे।
(5) उप-धारा (4) के अधीन परिवर्तन की शर्तों और निबंधनों का अवधारण करते समय सरकार कंपनी की वित्तीय स्थिति, यथास्थिति, डिबेंचर या ऋण जारी करने की शर्तों, ऐसे डिबेंचर या ऋण पर देय ब्याज की दर और ऐसे अन्य मामलों पर सम्यक् ध्यान देगी, जिन्हें वह आवश्यक समझे।
(6) जहां सरकार ने उपधारा (4) के अधीन किए गए आदेश द्वारा यह निदेश दिया है कि किसी डिबेंचर या ऋण या उसके किसी भाग को किसी कंपनी में शेयरों में परिवर्तित किया जाएगा और जहां उपधारा (4) के अधीन न्यायाधिकरण में कोई अपील नहीं की गई है या जहां ऐसी अपील खारिज कर दी गई है, वहां ऐसी कंपनी का ज्ञापन, जहां ऐसे आदेश का कंपनी की अधिकृत शेयर पूंजी में वृद्धि करने का प्रभाव है, परिवर्तित हो जाएगा और ऐसी कंपनी की अधिकृत शेयर पूंजी में उस राशि की वृद्धि हो जाएगी जो उन शेयरों के मूल्य की राशि के बराबर होगी जिनमें ऐसे डिबेंचर या ऋण या उनके भाग को परिवर्तित किया गया है।

