संघ या निश्चित संख्या से अधिक व्यक्तियों की भागीदारी पर प्रतिबंध
निश्चित संख्या से अधिक व्यक्तियों के जुड़ने या साझेदारी पर प्रतिबंध
464.(1) ऐसी संख्या से अधिक व्यक्तियों से मिलकर बनने वाला कोई संघ या भागीदारी जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है, किसी ऐसे कारबार को चलाने के प्रयोजन के लिए नहीं बनाई जाएगी जिसका उद्देश्य संघ या भागीदारी या उसके वैयक्तिक सदस्यों द्वारा लाभ अर्जित करना हो, जब तक कि वह इस अधिनियम के अधीन कंपनी के रूप में पंजीकृत न हो या किसी अन्य तत्समय प्रवृत्त विधि के अधीन न बनाई गई हो:
बशर्ते कि इस उप-धारा के अधीन निर्धारित व्यक्तियों की संख्या एक सौ से अधिक नहीं होगी।
(2) उप-धारा (1) की कोई बात निम्नलिखित पर लागू नहीं होगी-
| (क) | कोई व्यवसाय करने वाले हिंदू अविभाजित परिवार पर; या | |
| (ख) | किसी संघ या साझेदारी पर, यदि वह ऐसे पेशेवरों द्वारा गठित है जो विशेष अधिनियमों द्वारा शासित हैं। |
(3) उप-धारा (1) के उल्लंघन में व्यवसाय करने वाले किसी संघ या भागीदारी का प्रत्येक सदस्य जुर्माने से, जो एक लाख रुपए तक का हो सकता है, दण्डनीय होगा और ऐसे व्यवसाय में उपगत सभी दायित्वों के लिए भी व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी होगा।

