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धारा 42

प्राइवेट प्लेसमेंट पर प्रतिभूतियों की सदस्यता के लिए प्रस्ताव या निमंत्रण

धारा

धारा संख्या

42

अध्याय शीर्षक

अध्याय III - प्रॉस्पेक्टस और प्रतिभूतियों के आबंटन

अधिनियम

कंपनी अधिनियम, 2013

वर्ष

प्राइवेट प्लेसमेंट पर प्रतिभूतियों की सदस्यता के लिए प्रस्ताव या निमंत्रण

निजी प्लेसमेंट के आधार पर शेयरों का निर्गम

भाग II

निजी प्लेसमेंट

[ निजी प्लेसमेंट के आधार पर शेयरों का निर्गम

42. (1) एक कंपनी, इस धारा के प्रावधानों के अधीन, प्रतिभूतियों का निजी प्लेसमेंट कर सकती है।

(2) निजी प्लेसमेंट केवल उन चयनित व्यक्तियों के समूह को किया जाएगा, जिन्हें बोर्ड द्वारा पहचाना गया है (जिन्हें यहां "पहचाने गए व्यक्ति" के रूप में संदर्भित किया गया है), जिनकी संख्या पचास से अधिक नहीं होगी या ऐसी उच्चतर संख्या जो निर्धारित की जा सकती है [ धारा 62 की उप-धारा (1) के खंड ( ख ) के प्रावधानों के अनुसार कर्मचारियों के स्टॉक विकल्प की योजना के तहत प्रतिभूतियों की पेशकश की जा रही कंपनी के योग्य संस्थागत खरीदारों और कर्मचारियों को छोड़कर], एक वित्तीय वर्ष में ऐसी शर्तों के अधीन, जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है।

(3) निजी प्लेसमेंट करने वाली कंपनी, निर्धारित प्रारूप और तरीके से, पहचाने गए व्यक्तियों को निजी प्लेसमेंट प्रस्ताव और आवेदन जारी करेगी, जिनके नाम और पते कंपनी द्वारा निर्धारित तरीके से दर्ज किए जाएंगे:

बशर्ते कि निजी प्लेसमेंट प्रस्ताव और आवेदन में त्याग का कोई अधिकार नहीं होगा।

स्पष्टीकरण 1.- "निजी प्लेसमेंट" का तात्पर्य है किसी कंपनी द्वारा (सार्वजनिक प्रस्ताव के माध्यम से भिन्न) निजी प्लेसमेंट प्रस्ताव-सह-आवेदन के माध्यम से व्यक्तियों के एक चयनित समूह को प्रतिभूतियों की सदस्यता या जारी करने के लिए कोई प्रस्ताव या निमंत्रण, जो इस खंड में निर्दिष्ट शर्तों को पूरा करता है।

स्पष्टीकरण II.- "योग्य संस्थागत क्रेता" का तात्पर्य भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (पूंजी निर्गम और प्रकटीकरण अपेक्षाएं) विनियम, 2009 में परिभाषित योग्य संस्थागत क्रेता से है, जिसे समय-समय पर भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड अधिनियम, 1992 (1992 का 15) के अंतर्गत संशोधित किया गया है।

स्पष्टीकरण III.- यदि कोई कंपनी, सूचीबद्ध या असूचीबद्ध, निर्धारित संख्या से अधिक व्यक्तियों को प्रतिभूतियां आबंटित करने का प्रस्ताव करती है या अभिदान आमंत्रित करती है, या आबंटित करती है, या आबंटित करने के लिए करार करती है, चाहे प्रतिभूतियों के लिए भुगतान प्राप्त हुआ हो या नहीं, या चाहे कंपनी भारत में या भारत से बाहर किसी मान्यताप्राप्त स्टॉक एक्सचेंज में अपनी प्रतिभूतियों को सूचीबद्ध करने का इरादा रखती हो या नहीं, तो उसे जनता के लिए प्रस्ताव माना जाएगा और तदनुसार वह इस अध्याय के भाग 1 के प्रावधानों द्वारा शासित होगी।

(4) निजी प्लेसमेंट निर्गम में सदस्यता लेने के इच्छुक प्रत्येक पहचाने गए व्यक्ति को निजी प्लेसमेंट में आवेदन करना होगा तथा ऐसे व्यक्ति को जारी किए गए आवेदन के साथ सदस्यता राशि का भुगतान चेक या डिमांड ड्राफ्ट या अन्य बैंकिंग चैनल द्वारा करना होगा, न कि नकद द्वारा:

बशर्ते कि कोई कंपनी निजी प्लेसमेंट के माध्यम से जुटाई गई धनराशि का उपयोग तब तक नहीं करेगी जब तक कि आवंटन नहीं किया जाता है और आवंटन की विवरणी उप-धारा (8) के अनुसार पंजीयक के पास दाखिल नहीं की जाती है।

(5) इस धारा के अंतर्गत कोई नया प्रस्ताव या आमंत्रण तब तक नहीं किया जाएगा जब तक कि पहले किए गए किसी प्रस्ताव या आमंत्रण के संबंध में आबंटन पूरा नहीं हो जाता है या कंपनी द्वारा उस प्रस्ताव या आमंत्रण को वापस नहीं ले लिया जाता है या त्याग नहीं दिया जाता है:

बशर्ते कि उपधारा (2) के अधीन पहचाने गए व्यक्तियों की अधिकतम संख्या के अधीन रहते हुए, कोई कंपनी किसी भी समय पहचाने गए व्यक्तियों के ऐसे वर्ग को, जैसा कि विहित किया जाए, प्रतिभूतियों का एक से अधिक निर्गम कर सकेगी।

(6) इस धारा के अधीन प्रस्ताव या आमंत्रण देने वाली कंपनी ऐसी प्रतिभूतियों के लिए आवेदन राशि की प्राप्ति की तारीख से साठ दिन के भीतर अपनी प्रतिभूतियों का आबंटन करेगी और यदि कंपनी उस अवधि के भीतर प्रतिभूतियों का आबंटन करने में समर्थ नहीं है, तो वह साठ दिन की समाप्ति से पंद्रह दिन के भीतर आवेदन राशि को अभिदाताओं को वापस कर देगी और यदि कंपनी पूर्वोक्त अवधि के भीतर आवेदन राशि वापस करने में असफल रहती है, तो वह साठवें दिन की समाप्ति से बारह प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से ब्याज सहित उस राशि को वापस करने के लिए उत्तरदायी होगी:

बशर्ते कि इस धारा के तहत आवेदन पर प्राप्त धनराशि अनुसूचित बैंक में एक अलग बैंक खाते में रखी जाएगी और इसका उपयोग किसी अन्य उद्देश्य के लिए नहीं किया जाएगा -

(क)   प्रतिभूतियों के आवंटन के विरुद्ध समायोजन के लिए; या
(ख)   धन के पुनर्भुगतान के लिए जहां कंपनी प्रतिभूतियां आवंटित करने में असमर्थ है।

(7) इस धारा के तहत प्रतिभूतियां जारी करने वाली कोई भी कंपनी किसी भी सार्वजनिक विज्ञापन को जारी नहीं करेगी या इस तरह के मुद्दे के बारे में बड़े पैमाने पर जनता को सूचित करने के लिए किसी भी मीडिया, विपणन या वितरण चैनलों या एजेंटों का इस्तेमाल नहीं करेगी।

(8) इस धारा के अंतर्गत प्रतिभूतियों का आबंटन करने वाली कंपनी, आबंटन की तारीख से पंद्रह दिनों के भीतर रजिस्ट्रार के पास आबंटन विवरणी दाखिल करेगी, जो निर्धारित तरीके से होगी , जिसमें सभी आबंटियों की पूरी सूची, उनके पूरे नाम, पते, आबंटित प्रतिभूतियों की संख्या और ऐसी अन्य प्रासंगिक जानकारी शामिल होगी, जो निर्धारित की जा सकती है ।

(9) यदि कोई कंपनी उप-धारा (8) के तहत निर्धारित अवधि के भीतर आबंटन की विवरणी दाखिल करने में चूक करती है, तो कंपनी, उसके प्रवर्तक और निदेशक प्रत्येक चूक के लिए प्रत्येक दिन के लिए एक हजार रुपये के जुर्माने के लिए उत्तरदायी होंगे, जिसके दौरान ऐसा चूक जारी रहता है, लेकिन पच्चीस लाख रुपये से अधिक नहीं।

(10) उप-धारा (11) के अधीन रहते हुए, यदि कोई कंपनी इस धारा के उल्लंघन में प्रस्ताव करती है या धन स्वीकार करती है, तो कंपनी, उसके प्रवर्तक और निदेशक दंड के लिए उत्तरदायी होंगे, जो निजी प्लेसमेंट के माध्यम से जुटाई गई राशि या दो करोड़ रुपए, जो भी कम हो, तक हो सकता है, और कंपनी दंड लगाने वाले आदेश के तीस दिन की अवधि के भीतर उप-धारा (6) में निर्दिष्ट ब्याज के साथ सभी धनराशियां ग्राहकों को वापस करेगी।

(11) उप-धारा (9) और उप-धारा (10) में किसी बात के होते हुए भी, उप-धारा (2) के प्रावधानों के अनुपालन में न किया गया कोई निजी प्लेसमेंट निर्गम सार्वजनिक प्रस्ताव समझा जाएगा और इस अधिनियम तथा प्रतिभूति संविदा (विनियमन) अधिनियम, 1956 (1956 का 42) और भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड अधिनियम, 1992 (1992 का 15) के सभी उपबंध लागू होंगे। ]


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