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वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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धारा 39

विनियम बनाने की शक्ति

धारा

धारा संख्या

39

अध्याय शीर्षक

अध्याय X - विविध

अधिनियम

कंपनी सेक्रेटरी अधिनियम, 1980

वर्ष

विनियम बनाने की शक्ति

विनियम बनाने की शक्ति

विनियम बनाने की शक्ति।

39.(1) परिषद् भारत के राजपत्र में अधिसूचना द्वारा इस अधिनियम के उपबंधों को कार्यान्वित करने के प्रयोजन के लिए विनियम बना सकेगी।

(2) विशिष्टतया तथा पूर्वगामी शक्ति की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, ऐसे विनियम निम्नलिखित सभी या किसी भी विषय के लिए उपबंध कर सकेंगे, अर्थात् :-

(क)   वे वृत्तियाँ, जिन्हें धारा 2 की उपधारा (2) और प्रथम अनुसूची के भाग 1 की मद सं. [(2)] और (4) के अधीन मान्यता दी जा सकेगी;
(ख)   धारा 4 की उपधारा (1) के खंड ( ग ), ( घ ) और ( ड़ ) के प्रयोजनों के लिए परीक्षाएं और प्रशिक्षण;
(ग)   धारा 4 की उपधारा (3) या धारा 5 की उपधारा (3) के अधीन आवेदन करने और उसे मंजूर करने का तरीका;
(घ)   धारा 4 की उपधारा (3), धारा 5 की उपधारा (3), धारा 6 की उपधारा (2), धारा 15 की [***] उपधारा (3), धारा 19 की उपधारा (4) और धारा 20 की उपधारा (1) के खंड ( सी ) के अधीन संदेय फीस;
(ड़)   धारा 5 की उपधारा (3) के प्रयोजनों के लिए योग्यताएं और व्यावहारिक अनुभव;
(च)   वह प्ररूप जिसमें धारा 6 की उपधारा (2) के अधीन आवेदन किया जा सकेगा;
[ (चक)   वे परिस्थितियां जिनके अधीन धारा 6 की उप-धारा (3) के अधीन व्यवसाय प्रमाणपत्र रद्द किए जा सकेंगे ;
( चख )   धारा 12 की उपधारा (2ख) के अधीन परिषद् के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की शक्तियां, कर्तव्य और कार्य; ]
(छ)   [***]
(ज)   धारा 15 और इस अधिनियम के अन्य प्रावधानों के तहत अपने कृत्यों के निर्वहन के लिए परिषद द्वारा कारोबार का संचालन, वह स्थान जहां और वह अंतराल जिसके दौरान परिषद ऐसे कारोबार के संचालन के लिए अपनी बैठकें आयोजित करेगी, ऐसी बैठकों में अपनाई जाने वाली प्रक्रिया और उससे संबंधित सभी अन्य मामले;
[ (जक)   धारा 15 की उपधारा (2) के खंड (ड़) के अधीन व्यवसाय प्रमाणपत्र देने या अस्वीकार करने के लिए दिशानिर्देश; ]
( i)   संस्थान के सदस्यों की व्यावसायिक योग्यता की स्थिति और मानकों का विनियमन और रखरखाव, जैसा कि धारा 15 की उपधारा (2) के खंड [( छ )] द्वारा अपेक्षित है;
(ञ)   धारा 15 की उपधारा (2) के खंड [( ज )] द्वारा अपेक्षित कंपनी सचिवों के हित के मामलों में अनुसंधान करना;
(ट)   कंपनियों के प्रबंधन और संबद्ध विषयों से संबंधित पुस्तकालयों का रखरखाव और पुस्तकों और पत्रिकाओं का प्रकाशन, जैसा कि [ धारा 15 क के खंड ( च )] द्वारा अपेक्षित है;
[ ( टक )   धारा 16 की उपधारा (2) के खंड ( ग ) के अधीन परिषद के सचिव तथा अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की नियुक्ति की रीति, शक्तियां, कर्तव्य, कृत्य, वेतन, फीस, भत्ते तथा सेवा के अन्य निबंधन और शर्तें; ]
(ठ)   [***]
(ड)   धारा 17 में निर्दिष्ट स्थायी समितियों और अन्य समितियों द्वारा कामकाज का संचालन, वे स्थान जहां और वे अंतराल जिन पर ऐसी समितियां ऐसे कामकाज के संचालन के लिए अपनी बैठकें करेंगी, ऐसी बैठक में अपनाई जाने वाली प्रक्रिया और उससे संबंधित अन्य सभी विषय;
[ ( डक )   धारा 18 की उपधारा (3) के अधीन लेखाओं का रखरखाव, उपधारा (4) के अधीन वार्षिक वित्तीय विवरण तैयार करने की रीति तथा उपधारा (5) के अधीन परिषद् के वार्षिक लेखाओं को तैयार करने की रीति; ]
(ढ)   धारा 19 की उपधारा (1) के अधीन [ सदस्यों का रजिस्टर ] किस प्रकार रखा जा सकेगा;
(ण)   धारा 19 की उपधारा (2) के खंड ( ड़ ) द्वारा अपेक्षित अनुसार [ सदस्यों के रजिस्टर ] में सम्मिलित की जाने वाली अन्य विशिष्टियां;
[ ( त )   धारा 20क के अंतर्गत किसी फर्म के पंजीकरण के लिए आवेदन करने का तरीका और ऐसे पंजीकरण के नियम और शर्तें;
( pa )   फर्मों के पंजी के रखरखाव का तरीका, तथा अन्य विवरण, जिसके अंतर्गत उपधारा (1) और उप-धारा (2) के अधीन फर्म के विरुद्ध कार्रवाई योग्य सूचना या शिकायत के लंबित रहने या कोई शास्ति लगाने का ब्यौरा भी शामिल है, तथा वह तरीका जिससे संस्थान में पंजीकृत फर्मों की वार्षिक सूची धारा 20ख की उप-धारा (3) के अधीन प्रकाशित की जाएगी;
( pb )   कार्रवाई योग्य सूचना और शिकायतों की स्थिति उपलब्ध कराने का तरीका और धारा 21 की उप-धारा (9) के तहत पारित आदेश;
( pc )   धारा 21क की उपधारा (1) के खंड ( क ), ( ख ) और ( ग ) के अधीन व्यक्तियों का पैनल तैयार करने की रीति तथा उपधारा (8) के अधीन पीठासीन अधिकारियों और अनुशासन बोर्ड के सदस्यों को देय भत्ते;
( pd )   उपधारा (1) के खंड ( क ), ( ख ) और ( ग ) के अधीन व्यक्तियों का पैनल तैयार करने की रीति और धारा 21ख की उपधारा (8) के अधीन पीठासीन अधिकारियों और अनुशासन समितियों के सदस्यों को देय भत्ते;
( pe )   धारा 22घ की उपधारा (2) के अधीन प्राधिकरण के अधिकारियों और कर्मचारियों के वेतन और भत्ते तथा सेवा की शर्तें; ]
(थ)   [***]
(द)   धारा 23 की उपधारा (2) के अधीन प्रादेशिक परिषद् का गठन किस प्रकार किया जा सकेगा और उसके कार्य क्या होंगे;
(ध)   वे शर्तें जिनके अधीन विदेशी योग्यताएं धारा 38 की उपधारा (3) के अधीन मान्यता प्राप्त हो सकेंगी;
(न)   कोई अन्य विषय जो अधिनियम के अंतर्गत निर्धारित किया जाना अपेक्षित है या किया जा सकता है।

(3) इस अधिनियम के तहत परिषद द्वारा बनाए गए सभी नियम पिछले प्रकाशन की शर्तों और केंद्र सरकार की मंजूरी के अधीन होंगे।

(4) [***]


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