अनुभाग 203 क के प्रावधानों का अनुपालन करने में विफलता के लिए पेनल्टी
31[धारा 203क के उपबंधों के पालन करने में असफलता के लिए शास्ति
272खख. (1) यदि कोर्इ व्यक्ति धारा 203 के उपबंधों का अनुपालन करने में असफल रहेगा, तो उसे 32[निर्धारण] अधिकारी द्वारा पारित आदेश पर शास्ति के रूप में उतनी राशी का संदाय करेगा, जो पांच हजार रुपए तक हो सकेगी।
(2) उपधारा (1) के अधीन कोर्इ भी आदेश तब तक पारित नहीं किया गया जाएगा जब तक उस व्यक्ति को जिस पर शास्ति अधिरोपित की जानी प्रस्तावित है, मामले में सुनवार्इ का अवसर नहीं दे दिया जाता है।]
31. वित्त अधिनियम, 1987 द्वारा 1.6.1987 से अंत:स्थापित।
32. प्रत्यक्ष कर विधि (संशोधन) अधिनियम, 1987 द्वारा 1.4.1988 से "आय-कर" के स्थान पर प्रतिस्थापित।
[वित्त अधिनियम, 2000 द्वारा संशोधित रूप में]

