आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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धारा 271ककक

जहां तलाशी आरंभ की गर्इ वहां शास्ति

धारा

धारा संख्या

271ककक

अध्याय शीर्षक

अध्याय XXI - शास्तियां दंड

अधिनियम

आय-कर अधिनियम, 1961

वर्ष

2009

जहां तलाशी आरंभ की गर्इ वहां शास्ति

जहां तलाशी आरंभ की गर्इ वहां शास्ति

89[जहां तलाशी आरंभ की गर्इ वहां शास्ति

271ककक. (1) निर्धारण अधिकारी, इस अधिनियम के किन्हीं अन्य उपबंधों में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, यह निदेश दे सकेगा कि ऐसे किसी मामले में, जहां धारा 132 के अधीन तलाशी 1 जून, 2007 को या उसके पश्चात् आरंभ की गर्इ है, वहां निर्धारिती उसके द्वारा संदेय कर के, यदि कोर्इ हो, अतिरिक्त, विनिर्दिष्ट पूर्ववर्ष की अप्रकटित आय के दस प्रतिशत की दर से संगणित राशि का शास्ति के रूप में संदाय करेगा।

(2) उपधारा (1) में अंतर्विष्ट कोर्इ बात उस दशा में लागू नहीं होगी यदि निर्धारिती,–

(i) तलाशी के दौरान धारा 132 की उपधारा (4) के अधीन किसी कथन में अप्रकटित आय को स्वीकार करता है और उस रीति को, जिसमें ऐसी आय व्युत्पन्न की गर्इ है, विनिर्दिष्ट करता है;

(ii) उस रीति का प्रमाण देता है, जिसमें अप्रकटित आय व्युत्पन्न की गर्इ थी; और

(iii) अप्रकटित आय की बाबत कर और ब्याज का, यदि कोर्इ हो, संदाय करता है।

(3) धारा 271 की उपधारा (1) के खंड (ग) के उपबंधों के अधीन निर्धारिती पर उपधारा (1) में निर्दिष्ट अप्रकटित आय की बाबत कोर्इ शास्ति उद्गृहित या अधिरोपित नहीं की जाएगी।

(4) धारा 274 और धारा 275 के उपबंध, जहां तक हो सके, इस धारा में निर्दिष्ट शास्ति के संबंध में लागू होंगे।

स्पष्टीकरण–इस धारा के प्रयोजनों के लिए,–

(क) "अप्रकटित आय" से अभिप्रेत है,–

(i) विनिर्दिष्ट पूर्ववर्ष की ऐसी कोर्इ आय, जो पूर्णत: या भागत: किसी धन, सोना-चांदी, आभूषण या अन्य मूल्यवान वस्तु या चीज अथवा ऐसी लेखाबहियों या अन्य दस्तावेजों या संव्यवहारों में की किसी प्रविष्टि के रूप में, दिखाया गया हो, जो धारा 132 के अधीन तलाशी के दौरान पाए जाते हैं, जिसे,–

(अ) तलाशी की तारीख को या उससे पूर्व ऐसे पूर्ववर्ष के संबंध में सामान्य अनुक्रम में रखी गर्इ लेखाबहियों या अन्य दस्तावेजों में अभिलिखित नहीं किया गया है; या

(आ) तलाशी की तारीख से पहले मुख्य आयुक्त या आयुक्त को अन्यथा प्रकट नहीं किया गया है; या

(ii) विनिर्दिष्ट पूर्ववर्ष की ऐसी कोर्इ आय जो पूर्णत: या भागत: विनिर्दिष्ट पूर्ववर्षों के संबंध में, सामान्य अनुक्रम में रखी गर्इ लेखाबहियों या अन्य दस्तावेजों में अभिलिखित ऐसे किसी व्यय की बाबत किसी प्रविष्टि के रूप में दिखार्इ गर्इ हो, जिसे मिथ्या पाया जाता है और जिसे इस प्रकार नहीं पाया जाता, यदि तलाशी न ली गर्इ होती;

(ख) "विनिर्दिष्ट पूर्ववर्ष" से ऐसा पूर्ववर्ष अभिप्रेत है,–

(i) जो तलाशी की तारीख से पहले ही समाप्त हो गया है, किंतु ऐसे वर्ष के लिए धारा 139 की उपधारा (1) के अधीन आय की विवरणी फाइल करने की तारीख तलाशी की तारीख से पूर्व समाप्त नहीं हुर्इ है और निर्धारिती ने उक्त तारीख से पहले पूर्ववर्ष के लिए आय की विवरणी नहीं दी है; या

(ii) जिसमें तलाशी ली गर्इ थी।]

 

89. वित्त अधिनियम, 2007 द्वारा 1.4.2007 से अंत:स्थापित।

 

 

[वित्त (सं. 2) अधिनियम, 2009 द्वारा संशोधित रूप में]

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