अंतर्राष्ट्रीय संव्यवहार के संबंध में जानकारी और दस्तावेज रखने और बनाए रखने में असफल रहने पर शास्ति
88[अंतर्राष्ट्रीय संव्यवहार के संबंध में जानकारी और दस्तावेज रखने और बनाए रखने में असफल रहने पर शास्ति
271कक. धारा 271 के उपबंधों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, यदि कोर्इ व्यक्ति ऐसी जानकारी और दस्तावेज रखने और बनाए रखने में असफल रहता है जो धारा 92घ की उपधारा (1) या उपधारा (2) द्वारा अपेक्षित है, तो निर्धारण अधिकारी या आयुक्त (अपील) यह निदेश दे सकेगा कि ऐसा व्यक्ति शास्ति के रूप में ऐसे व्यक्ति द्वारा किए गए प्रत्येक अन्तर्राष्ट्रीय संव्यवहार के मूल्य के 2 प्रतिशत के बराबर राशि का संदाय करेगा।]
88. वित्त अधिनियम, 2001 द्वारा 1.4.2002 से अंत:स्थापित।
[वित्त (सं. 2) अधिनियम, 2009 द्वारा संशोधित रूप में]

