लेखा बहियां, दस्तावेज आदि रखने, बनाए रखने या रखे रखने में असफलता
89[लेखा बहियां, दस्तावेज आदि रखने, बनाए रखने या रखे रखने में असफलता
271क. धारा 271 के उपबंधों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना यह कि यदि कोर्इ व्यक्ति धारा 44कक या तद्धीन बनाए गए नियमों द्वारा यथा अपेक्षित ऐसी किन्ही लेखा बहियों और अन्य दस्तावेजों को किसी पूर्व वर्ष के संबंध में 90[* * *] रखने और बनाए रखने में असफल रहता है या उक्त नियमों में विनिर्दिष्ट कालावधि की ऐसी लेखा बहियें और अन्य दस्तावेजें रखे नहीं रखता है, तो 91[निर्धारण अधिकारी] या 92[* * *] 93[आयुक्त (अपील)] यह निदेश दे सकेगा कि ऐसा व्यक्ति, शास्ति के रूप में 94[ऐसी राशि का संदाय करेगा जो दो हजार रुपए से कम नहीं होगी किन्तु जो एक लाख रुपए तक की हो सकेगी]।
89. कराधान विधि (संशोधन) अधिनियम, 1975 द्वारा 1.4.1976 से अंत:स्थापित।
90. कराधान विधि (संशोधन प्रकीर्ण उपबंध) अधिनियम, 1986 द्वारा 10.9.1986 से "युक्तियुक्त कारण के बिना" शब्दों का लोप किया गया था।
91. प्रत्यक्ष कर विधि (संशोधन) अधिनियम, 1987 द्वारा 1.4.1988 से "आयकर" शब्द के स्थान पर प्रतिस्थापित।
92. "उपायुक्त (अपील) या" शब्दों का वित्त (सं. 2) अधिनियम, 1998 द्वारा 1.10.1998 से लोप किया गया। इससे पूर्व "उपायुक्त (अपील)" शब्द प्रत्यक्ष कर विधि (संशोधन) अधिनियम, 1987 द्वारा 1.4.1988 से "सहायक आयुक्त (अपील)" के स्थान पर रखे गए थे और "या" शब्द वित्त (सं. 2) अधिनियम, 1977 द्वारा 10.7.1978 से अंत:स्थापित किया गया था।
93. वित्त (सं. 2) अधिनियम, 1977 द्वारा 10.7.1978 से अंत:स्थापित।
94. "ऐसी राशि जो कर राशि की दस प्रतिशत से कम नहीं होगी किंतु जो उसके पचास प्रतिशत से अधिक नहीं होगी जो अपवंचित हो जाती यदि ऐसे व्यक्ति की विवरणी की आय सही आय मान ली जाती" के स्थान पर प्रत्यक्ष कर विधि (संशोधन) अधिनियम, 1987 द्वारा 1.4.1989 से प्रतिस्थापित।
[वित्त अधिनियम, 2000 द्वारा संशोधित रूप में]

