उच्चतम न्यायालय के समक्ष सुनवार्इ
उच्चतम न्यायालय के समक्ष सुनवार्इ
262. (1) सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 (1908 का 5) के वे उपबंध जो उच्चतम न्यायालय में अपील करने से संबंधित हैं, धारा 261 के अधीन अपीलों की दशा में जहां तक हो सके उसी प्रकार लागू होंगे जैसे वे उच्च न्यायालय की डिक्रियों के विरुद्ध अपीलों की दशा में लागू होते हैं :
परन्तु इस धारा की किसी बात के बारे में यह नहीं समझा जाएगा कि वह धारा 260 की उपधारा (1) या धारा 265 के उपबंधों को प्रभावित करती है।
(2) अपील के खर्चे उच्चतम न्यायालय के विवेकानुसार होंगे।
(3) जहां उच्च न्यायालय के निर्णय में अपील में परिवर्तन किया जाता है या उसे उलट दिया जाता है वहां उच्चतम न्यायालय का आदेश ऐसी रीति से प्रभावी किया जाएगा जो उच्च न्यायालय के निर्णय के संबंध में धारा 260 में दी गर्इ है।
[वित्त अधिनियम, 2013 द्वारा संशोधित रूप में]

