कुछ दशाओं में उच्चतम न्यायालय को मामलों का कथन
कुछ दशाओं में उच्चतम न्यायालय को मामलों का कथन
257. यदि 1 अक्तूबर, 1998 से पूर्व धारा 254 के अधीन किए गए आदेश के विरुद्ध धारा 256 के अधीन किए गए आवेदन पर, अपील अधिकरण की यह राय है कि विधि के किसी विशिष्ट प्रश्न की बाबत उच्च न्यायालयों के विनिश्चयों में विरोध होने के कारण यह समीचीन है कि निर्देश सीधे उच्चतम न्यायालय को किया जाए तो अपील अधिकरण मामले का कथन तैयार कर सकेगा और अपने अध्यक्ष के माध्यम से उसे सीधे उच्चतम न्यायालय को निर्दिष्ट कर सकेगा।
[वित्त (सं. 2) अधिनियम, 2019 द्वारा संशोधित रूप में]

