कुछ विशेष दशाओं में प्रतिदाय का दावा करने के लिए हकदार व्यक्ति
कुछ विशेष दशाओं में प्रतिदाय का दावा करने के लिए हकदार व्यक्ति
238. (1) जहां एक व्यक्ति की आय इस अधिनियम के किसी उपबंध के अधीन किसी अन्य व्यक्ति की कुल आय में सम्मिलित की जाती है, वहां ऐसी आय की बाबत इस अध्याय के अधीन रिफंड का हकदार केवल बाद वाला व्यक्ति ही होगा।
(1क) जहां एक नियोजक द्वारा दिए गए या दिए गए समझे गए अनुषंगी फायदों का मूल्य अध्याय 12ज के किन्हीं उपबंधों के अधीन किसी अन्य नियोजक द्वारा दिए गए या दिए गए समझे गए अनुषंगी फायदों के कुल मूल्य में सम्मिलित किया जाता है, वहां केवल पश्चात्वर्ती नियोजक ही ऐसे अनुषंगी फायदों की बाबत इस अध्याय के अधीन प्रतिदाय का हकदार होगा।
(2) जहां मृत्यु, अशक्तता, दिवाला, समापन या किसी अन्य कारण से कोर्इ व्यक्ति अपने को देय किसी प्रतिदाय का दावा करने या उसे प्राप्त करने में असमर्थ रहता है, वहां, यथास्थिति, उसका विधिक प्रतिनिधि, या न्यासी या संरक्षक या प्राप्तिकर्ता ऐसे व्यक्ति या उसकी सम्पदा के फायदे के लिए ऐसे प्रतिदाय का दावा करने या उसे प्राप्त करने का हकदार होगा।
[वित्त अधिनियम, 2024 द्वारा संशोधित रूप में]

