आदि निर्देशकों, के लिए ऋण
[ निदेशकों को ऋण, आदि।
185. (1) कोई भी कंपनी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से किसी को कोई ऋण नहीं देगी , जिसमें बही ऋण द्वारा दर्शाया गया कोई ऋण भी शामिल है, या किसी ऋण के संबंध में कोई गारंटी नहीं देगी या कोई सुरक्षा प्रदान नहीं करेगी, -
| (क) | कंपनी का कोई निदेशक, या ऐसी कंपनी का जो उसकी होल्डिंग कंपनी है, या ऐसे किसी निदेशक का कोई साझेदार या संबंधी; या | |
| (ख) | कोई भी फर्म जिसमें ऐसा कोई निदेशक या संबंधी साझेदार हो। |
(2) कोई कंपनी किसी भी ऋण को अग्रिम कर सकती है जिसमें बही ऋण द्वारा दर्शाया गया कोई ऋण शामिल है, या किसी भी व्यक्ति द्वारा लिए गए किसी भी ऋण के संबंध में कोई गारंटी दे सकती है या कोई सुरक्षा प्रदान कर सकती है जिसमें कंपनी के किसी भी निदेशक की रुचि है, इस शर्त के अधीन कि-
| (क) | कंपनी की आम बैठक में एक विशेष प्रस्ताव पारित किया जाता है: | |
| बशर्ते कि संबंधित आम बैठक के लिए नोटिस के व्याख्यात्मक कथन में दिए गए ऋणों, दी गई गारंटी या प्रदान की गई सुरक्षा का पूरा विवरण और वह प्रयोजन जिसके लिए ऋण या गारंटी या सुरक्षा का उपयोग ऋण या गारंटी या सुरक्षा के प्राप्तकर्ता द्वारा किया जाना प्रस्तावित है और कोई अन्य प्रासंगिक तथ्य प्रकट किया जाएगा; और | ||
| (ख) | ऋण का उपयोग उधार लेने वाली कंपनी द्वारा अपनी प्रमुख व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जाता है। |
स्पष्टीकरण.- इस उपधारा के प्रयोजनों के लिए, "कोई व्यक्ति जिसमें कंपनी का कोई निदेशक हितबद्ध है" से तात्पर्य है-
| (क) | कोई निजी कंपनी जिसका कोई निदेशक निदेशक या सदस्य हो; | |
| (ख) | किसी निगमित निकाय की सामान्य बैठक में जिसकी कुल मताधिकार शक्ति का कम से कम पच्चीस प्रतिशत किसी ऐसे निदेशक द्वारा अथवा दो या अधिक ऐसे निदेशकों द्वारा मिलकर प्रयोग या नियंत्रण किया जा सकता है; या | |
| (ग) | कोई भी निगमित निकाय, जिसका निदेशक मंडल, प्रबंध निदेशक या प्रबंधक, ऋण देने वाली कंपनी के मंडल या किसी निदेशक या निदेशकों के निर्देशों या अनुदेशों के अनुसार कार्य करने का आदी है। |
(3) उपधारा (1) और (2) में निहित कोई भी बात निम्नलिखित पर लागू नहीं होगी-
| (क) | किसी प्रबंध निदेशक या पूर्णकालिक निदेशक को कोई ऋण देना— |
| (i) | कंपनी द्वारा अपने सभी कर्मचारियों को दी गई सेवा शर्तों के भाग के रूप में; या | |
| (ii) | किसी विशेष प्रस्ताव द्वारा सदस्यों द्वारा अनुमोदित किसी योजना के अनुसार; या |
| (ख) | कोई कंपनी जो अपने कारोबार के सामान्य क्रम में किसी ऋण की उचित चुकौती के लिए ऋण उपलब्ध कराती है या गारंटी या प्रतिभूतियां देती है और ऐसे ऋणों के संबंध में ब्याज उस दर से लिया जाता है जो ऋण की अवधि के निकटतम एक वर्ष, तीन वर्ष, पांच वर्ष या दस वर्ष की सरकारी प्रतिभूति की प्रचलित उपज की दर से कम नहीं होती है; या | |
| (ग) | किसी होल्डिंग कंपनी द्वारा अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी को दिया गया कोई ऋण या किसी होल्डिंग कंपनी द्वारा अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी को दिए गए किसी ऋण के संबंध में दी गई कोई गारंटी या प्रदान की गई कोई सुरक्षा; या | |
| (घ) | किसी बैंक या वित्तीय संस्थान द्वारा अपनी सहायक कंपनी को दिए गए ऋण के संबंध में होल्डिंग कंपनी द्वारा दी गई कोई गारंटी या प्रदान की गई सुरक्षा: |
बशर्ते कि खंड ( ग ) और ( घ ) के तहत दिए गए ऋणों का उपयोग सहायक कंपनी द्वारा अपनी प्रमुख व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जाता है।
(4) यदि इस धारा के उपबंधों के उल्लंघन में कोई ऋण दिया जाता है या कोई गारंटी या प्रतिभूति दी जाती है या उपलब्ध कराई जाती है या उपयोग की जाती है, तो—
| (i) | कंपनी को जुर्माने से दण्डित किया जाएगा जो पांच लाख रुपये से कम नहीं होगा, किन्तु जो पच्चीस लाख रुपये तक हो सकेगा; | |
| (ii) | कंपनी का प्रत्येक अधिकारी जो चूककर्ता होगा, उसे छह महीने तक के कारावास या पांच लाख रुपये से कम नहीं, किन्तु पच्चीस लाख रुपये तक के जुर्माने से दण्डित किया जाएगा; तथा | |
| (iii) | निदेशक या अन्य व्यक्ति जिसे कोई ऋण दिया जाता है या उसके या अन्य व्यक्ति द्वारा लिए गए किसी ऋण के संबंध में गारंटी या सुरक्षा दी जाती है या प्रदान की जाती है, वह छह महीने तक के कारावास या पांच लाख रुपये से कम नहीं, किन्तु पच्चीस लाख रुपये तक के जुर्माने या दोनों से दण्डनीय होगा। ] |

