किसी अन्य व्यक्ति की आय का निर्धारण
किसी अन्य व्यक्ति की आय का निर्धारण
153ग. 67[(1)] धारा 139, धारा 147, धारा 148, धारा 149, धारा 151 और धारा 153 में किसी बात के होते हुए भी, जहां निर्धारण अधिकारी का यह समाधान हो जाता है कि कोर्इ धन, सोना-चांदी, आभूषण या अन्य बहुमूल्य वस्तु या चीज या अभिगृहीत या अध्यपेक्षित लेखा बहियां या दस्तावेज धारा 153क में निर्दिष्ट व्यक्ति से भिन्न किसी व्यक्ति का है या के हैं वहां अभिगृहीत या अध्यपेक्षित लेखा बहियां, दस्तावेज या आस्तियां ऐसे अन्य व्यक्ति पर अधिकारिता रखने वाले निर्धारण अधिकारी को सौंप दी जाएंगी और वह निर्धारण अधिकारी प्रत्येक ऐसे अन्य व्यक्ति के विरुद्ध कार्यवाही करेगा और ऐसे अन्य व्यक्ति को सूचना जारी करेगा तथा धारा 153क के उपबंधों के अनुसार ऐसे अन्य व्यक्ति की आय का निर्धारण या पुनर्निर्धारण करेगा :]
"67क[परंतु ऐसे अन्य व्यक्ति की दशा में, धारा 153क 67ख[की उपधारा (1)] के दूसरे परंतुक में धारा 132 के अधीन तलाशी लेने या धारा 132क के अधीन अध्यपेक्षा करने की तारीख के प्रति निर्देश का यह अर्थ लगाया जाएगा कि वह ऐसे अन्य व्यक्ति पर अधिकारिता रखने वाले निर्धारण अधिकारी द्वारा अभिगृहीत या अध्यपेक्षित लेखा बहियों या दस्तावेजों या आस्तियों को प्राप्त करने की तारीख के प्रति निर्देश है।
(2) जहां अभिगृहीत या अध्यपेक्षित लेखा बहियां, दस्तावेज या आस्तियां, जो उपधारा (1) में निर्दिष्ट हैं, ऐसे अन्य व्यक्ति पर अधिकारिता रखने वाले निर्धारण अधिकारी द्वारा उस पूर्ववर्ष से, जिसमें धारा 132 के अधीन तलाशी ली जाती है या धारा 132क के अधीन अध्यपेक्षा की जाती है, सुसंगत निर्धारण वर्ष के लिए आय की विवरणी देने की नियत तारीख के पश्चात् प्राप्त की गर्इ है या की गर्इ हैं और उस निर्धारण वर्ष के संबंध में ऐसे अन्य व्यक्ति पर अधिकारिता रखने वाले निर्धारण अधिकारी द्वारा अभिगृहीत या अध्यपेक्षित लेखा बहियां, दस्तावेज या आस्तियां प्राप्त करने की तारीख से पूर्व,–
(क) ऐसे अन्य व्यक्ति द्वारा आय की कोर्इ विवरणी प्रस्तुत नहीं की गर्इ है और धारा 142 की उपधारा (1) के अधीन उसे कोर्इ सूचना जारी नहीं की गर्इ है, या
(ख) ऐसे अन्य व्यक्ति द्वारा आय की विवरणी प्रस्तुत की गर्इ है किंतु धारा 143 की उपधारा (2) के अधीन किसी सूचना की तामील नहीं की गर्इ है और धारा 143 की उपधारा (2) के अधीन सूचना की तामील करने की परिसीमा समाप्त हो गर्इ है, या
(ग) निर्धारण या पुनर्निर्धारण, यदि कोर्इ हो, किया गया है,
वहां ऐसा निर्धारण अधिकारी धारा 153क में उपबंधित रीति में सूचना जारी करेगा और उस निर्धारण वर्ष के लिए ऐसे अन्य व्यक्ति की कुल आय का निर्धारण या पुनर्निर्धारण करेगा।]
67. वित्त अधिनियम, 2005 द्वारा 1.6.2003 से भूतलक्षी प्रभाव से अंत:स्थापित।
*"इस उपधारा" शब्दों के स्थान पर "उपधारा (1)" शब्द होने चाहिए।
67क. वित्त अधिनियम, 2005 द्वारा 1.6.2003 से भूतलक्षी प्रभाव से अंत:स्थापित।
67ख. वित्त अधिनियम, 2008 द्वारा 1.6.2003 से अंत:स्थापित।
[वित्त (सं. 2) अधिनियम, 2009 द्वारा संशोधित रूप में]

