निर्धारण से बचने वाली आय का पहचान विहीन निर्धारण
1[निर्धारण से बचने वाली आय का पहचान विहीन निर्धारण.
151क. (1) केंद्रीय सरकार, धारा 147 के अधीन निर्धारण, पुन: निर्धारण या पुन: संगणना अथवा धारा 148 के अधीन नोटीस जारी करने या धारा 151 के अधीन ऐसा नोटिस जारी करने को स्वीकृती देने के प्रयोजनों के लिए राजपत्र में अधिसूचना द्वारा एक स्कीम बना सकेगी, जिससे निम्नलिखित द्वारा अधिक दक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही प्रदान की जा सके—
(क) प्रौद्योगिकी रूप से संभाव्य होने की सीमा तक आय-कर प्राधिकारी और निर्धारिती या अन्य व्यक्ति के बीच अंतरपृष्ठ हटा कर ;
(ख) पैमाने की अर्थव्यवस्था और कार्यात्मक विशेषज्ञीकरण के माध्यम से संसाधनों के उपयोग को अनुकूलतम करके ;
(ग) गतिशील अधिकारिता के साथ टीम आधारित नोटिस का निर्धारण, पुन: निर्धारण, पुन: गणना या जारी करना या स्वीकृति देना आरंभ करके ।
(2) केन्द्रीय सरकार, उपधारा (1) के अधीन बनाई गई स्कीम को प्रभावी करने के प्रयोजन के लिए, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, यह निदेश दे सकेगी कि इस अधिनियम के कोई उपबंध ऐसे अपवादों, उपांतरणों और अनुकूलनों के साथ या उनके बिना लागू होंगे, जैसे अधिसूचना में विनिर्दिष्ट किए जाएं :
परन्तु कोई भी निदेश 31 मार्च, 2022 के पश्चात् जारी नही किया जाएगा ।
(3) उपधारा (1) और उपधारा (2) के अधीन जारी की गई प्रत्येक अधिसूचना जारी किए जाने के पश्चात् यथाशीघ्र संसद के प्रत्येक सदन के समक्ष रखी जाएगी ।";]
1. कराधान और अन्य विधि (कतिपय उपबंधों का शिथिलीकरण और संशोधन) अधिनियम, 2020 द्वारा 1.11.2020 से अंत:स्थापित।
[वित्त अधिनियम, 2020 द्वारा संशोधित रूप में]

