सूचना जारी करने की मंजूरी
1[नोटिस जारी करने के लिए मंजूरी
151. धारा 148 और धारा 148क के प्रयोजनों के लिए विनिर्दिष्ट प्राधिकारी,—
(i) प्रधान आय-कर आयुक्त या प्रधान आय-कर निदेशक या आय-कर आयुक्त या आय-कर निदेशक होगा, यदि सुसंगत निर्धारण वर्ष के अंत से तीन वर्ष या तीन वर्ष से कम व्यपगत हो गए है;
(ii) प्रधान आय-कर मुख्य आयुक्त या प्रधान आय-कर महानिदेशक या 2[***], मुख्य आय-कर आयुक्त या आय-कर महानिदेशक होगा, यदि सुसंगत निर्धारण वर्ष के अंत से तीन वर्ष से अधिक व्यपगत हो गए हैं।]
3[परंतुक खंड (i) के प्रयोजनों के लिए, तीन वर्ष की अवधि की संगणना धारा 149 की उपधारा (1) के तीसरे परंतुक या चौथे परंतुक या पांचवें परंतुक द्वारा यथा अपवर्जित या छठवें परंतुक द्वारा बढ़ाई गई परिसीमा अवधि को हिसाब में लेने के पश्चात्, की जाएगी।]
" 151. सूचना जारी करने की मंजूरी — (1) सुसंगत निर्धारण वर्ष के अंत से चार वर्ष की अवधि की समाप्ति के पश्चात् किसी निर्धारण अधिकारी द्वारा धारा 148 के अधीन कोई सूचना जारी नहीं की जाएगी, जब तक कि प्रधान मुख्य आयुक्त या मुख्य आयुक्त या प्रधान आयुक्त या आयुक्त का, निर्धारण अधिकारी द्वारा लेखबद्ध किए गए कारणों के आधार पर यह समाधान नहीं हो जाता है कि ऐसी सूचना जारी किए जाने के लिए वह उपयुक्त मामला है।
(2) उपधारा (1) के अंतर्गत आने वाले किसी मामले से भिन्न मामले में, किसी ऐसे निर्धारण अधिकारी द्वारा, जो संयुक्त आयुक्त की पंक्ति से नीचे का है, धारा 148 के अधीन कोई सूचना तब तक जारी नहीं की जाएगी जब तक संयुक्त आयुक्त का, ऐसे निर्धारण अधिकारी द्वारा लेखबद्ध किए गए कारणों के आधार पर यह समाधान नहीं हो जाता है कि ऐसी सूचना जारी किए जाने के लिए वह उपयुक्त मामला है।
(3) उपधारा (1) और उपधारा (2) के प्रयोजनों के लिए, यथास्थिति, प्रधान मुख्य आयुक्त या मुख्य आयुक्त या प्रधान आयुक्त या आयुक्त या संयुक्त आयुक्त का, धारा 148 के अधीन सूचना जारी करने के लिए मामले की उपयुक्तता के बारे में निर्धारण अधिकारी द्वारा लेखबद्ध किए गए कारणों के आधार पर समाधान हो जाने के पश्चात्, स्वयं ऐसी सूचना जारी करना आवश्यक नहीं है।"
[वित्त अधिनियम, 2024 द्वारा संशोधित रूप में]

