आय-कर प्राधिकारियों के समक्ष की कार्यवाहियों का न्यायिक कार्यवाहियां होना
आय-कर प्राधिकारियों के समक्ष की कार्यवाहियों का न्यायिक कार्यवाहियां होना
88136. किसी आय-कर प्राधिकारी के समक्ष इस अधिनियम के अधीन कोर्इ कार्यवाही भारतीय दंड संहिता, 1860 (1860 का 45) की धारा 193 और 228 के अर्थ में और धारा 196 के प्रयोजनों के लिए न्यायिक कार्यवाही समझी जाएगी 89[और प्रत्येक आय-कर प्राधिकारी दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (1974 का 2) की धारा 195 के प्रयोजनों के लिए सिविल न्यायालय समझा जाएगा, किंतु अध्याय 26 के प्रयोजनों के लिए नहीं।]
88. सुसंगत केस लॉज़ के लिए देखिये टैक्समैन्स मास्टर गाइड टु इन्कम टैक्स ऐक्ट।
89. वित्त अधिनियम, 1985 द्वारा 1.4.1974 से भूतलक्षी रूप से अंत:स्थापित।
[वित्त (सं. 2) अधिनियम, 2009 द्वारा संशोधित रूप में]

