संपत्ति को बनाए रखने के लिए आवेदन
49 बनाए रखा संपत्ति के [अनुप्रयोग.
132B. (1) संपत्ति अर्थात्, निम्नलिखित तरीके से निपटा जा सकता है (5) धारा 132 की उपधारा के तहत बनाए रखा: -
(मैं) 52A कहा उपधारा (iii) खंड में निर्दिष्ट मौजूदा दायित्व और पिछले साल के लिए प्रासंगिक सभी मूल्यांकन वर्षों के लिए नियमित रूप से मूल्यांकन या पुनर्मूल्यांकन के पूरा होने पर निर्धारित दायित्व की राशि की राशि है जो करने के लिए उस उपधारा के खंड (क) में निर्दिष्ट आय से संबंधित 50 [(किसी दंड ऐसे मूल्यांकन या पुनर्मूल्यांकन के संबंध में देय लगाया या ब्याज सहित)] और सम्मान में वह डिफ़ॉल्ट में है या डिफ़ॉल्ट रूप में माना जाता है जो की ऐसी संपत्ति के बाहर बरामद किया जा सकता है.
संपत्ति केवल पैसे की, या आंशिक रूप से पैसे की और आंशिक रूप से अन्य संपत्ति से मिलकर अगर (द्वितीय), 51 अधिकारी खंड (i) और निर्धारिती में निर्दिष्ट देनदारियों के निर्वहन में इस तरह के पैसे के लागू हो सकता है [आकलन] छुट्टी दे दी जाएगी पैसे की हद तक इस तरह के दायित्व की तो आवेदन किया.
(Iii) पैसे के अलावा अन्य संपत्ति भी अनुन्मोचित रहता खंड (क) में निर्दिष्ट किसी तरह के दायित्व के निर्वहन के लिए लागू किया जा सकता है और इस तरह की कुर्की से प्रभावित किया गया था के रूप में अगर इस उद्देश्य के लिए इस तरह की संपत्ति कुर्की के तहत किया जाना समझा जाएगा 52 [अधिकारी का आकलन या, मामला, टैक्स वसूली अधिकारी हो सकता है के रूप में] से प्राधिकरण के तहत 53 [[मुख्य आयुक्त या आयुक्त] उप - धारा के तहत (5) धारा 226 और के 53A [निर्धारण अधिकारी या, जैसा भी मामला हो सकता है , कर वसूली अधिकारी] ऐसी संपत्ति और इस तरह की बिक्री तीसरी अनुसूची में निर्धारित तरीके से प्रभावित हो जाएगा की बिक्री से ऐसी देनदारियों की राशि वसूल कर सकते हो.
(2) उप - धारा में समाहित कुछ भी नहीं (1) इस अधिनियम में निर्धारित किसी अन्य विधि द्वारा उक्त देनदारियों की राशि की वसूली रोकना होगा.
54 (3) उप - धारा (1) छुट्टी कर रहे हैं के खंड (क) में निर्दिष्ट देनदारियों रहने के बाद जो उसके किसी संपत्ति या आय झट से अधिक कर दिया है या जिनके हिरासत संपत्ति जब्त किए गए व्यक्तियों को दी जाएगी.
55 (4) (क) केन्द्रीय सरकार की दर से साधारण ब्याज का भुगतान करेगा 56 किसी भी अगर संपत्ति की, पैसे की कुल अनुभाग 132 के तहत बनाए रखा है जिसके द्वारा राशि पर प्रतिवर्ष फीसदी [पंद्रह] और आय का खंड में निर्दिष्ट मौजूदा दायित्व के निर्वहन की दिशा में बेचा (iii) की उपधारा (5) उस अनुभाग के उप खंड के खंड में निर्दिष्ट देनदारियों (मैं) को पूरा करने के लिए आवश्यक मात्रा की कुल से अधिक है (1) इस खंड की.
(ख) इस तरह के ब्याज तुरंत उप - धारा के तहत आदेश की तिथि से छह महीने की अवधि की समाप्ति के अगले तारीख से चला जाएगा (5) धारा 132 का नियमित मूल्यांकन या पुनर्मूल्यांकन की तारीख को (खंड में निर्दिष्ट मैं) की उपधारा (1) या, मामला इस तरह के आकलन या reassessments के अंतिम की तारीख करने के लिए, हो सकता है.]
प्र.49. अधिनियम, 1965 आयकर (संशोधन) द्वारा खंड 132a के रूप में सम्मिलित 1965/12/03 से प्रभावी और "132B" कराधान कानून द्वारा (संशोधन) अधिनियम, 1975 से प्रभावी renumbered 1975/01/10.
52A. नियम 112C देखें.
प्र.50. कराधान कानून (संशोधन) द्वारा डाला अधिनियम, 1975 से प्रभावी 1975/01/10.
51 अधिनियम, 1987, प्रत्यक्ष कर कानून (संशोधन) द्वारा, "आयकर" के लिए एवजी से प्रभावी 1988/01/04.
52."आयकर अधिकारी" के लिए एवजी, Ibid, प्रभावी1989/01/04.
५३.प्रत्यक्ष कर कानून (संशोधन) अधिनियम, 1987 से प्रभावी द्वारा "आयुक्त" के लिए एवजी 1988/01/04.
53A. प्रत्यक्ष कर कानून (संशोधन) द्वारा "आयकर अधिकारी" अधिनियम, 1987 से प्रभावी के लिए एवजी 1989/01/04.
54 नियम 112C देखें.
55 दत्ताजीनियम 119A देखें.
56कराधान कानून 1984/01/10 से प्रभावी (संशोधन) अधिनियम, 1984, द्वारा "बारह" के लिए एवजी; संशोधन अधिनियम की धारा 84 ब्याज की दर में वृद्धि के हित एक पहले की तारीख से प्रभार्य या देय बन गया है, जहां उन मामलों में भी, 30-9-1984 के बाद गिरने किसी भी अवधि के संबंध में लागू होगा स्पष्ट किया है कि. इससे पहले, "बारह" 1972/01/04 से प्रभावी वित्त अधिनियम, 1972, द्वारा "नौ" के लिए प्रतिस्थापित किया गया था; "नौ" कराधान कानून (संशोधन) द्वारा "छह" के लिए प्रतिस्थापित किया गया था अधिनियम, 1967 से प्रभावी 1967/01/10.

