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वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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धारा 13

एक लोक सेवक द्वारा आपराधिक गलत आचरण

धारा

धारा संख्या

13

अध्याय शीर्षक

अध्याय III - अपराध और दंड

अधिनियम

भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम 1988

वर्ष

एक लोक सेवक द्वारा आपराधिक गलत आचरण

किसी लोक सेवक द्वारा आपराधिक कदाचार

किसी लोक सेवक द्वारा आपराधिक कदाचार

13. [ (1) किसी लोक सेवक के बारे में यह कहा जाता है कि उसने आपराधिक कदाचार का अपराध किया है,—

(क)   यदि वह किसी लोक सेवक के रूप में उसे सौंपी गई किसी संपत्ति या अपने नियंत्रण में किसी संपत्ति का बेईमानी से या कपटपूर्वक गबन करता है या अन्यथा अपने उपयोग के लिए परिवर्तित करता है या किसी अन्य व्यक्ति को ऐसा करने देता है; या
(ख)   यदि वह अपने कार्यकाल के दौरान जानबूझकर अवैध रूप से धन अर्जित करता है।

स्पष्टीकरण 1. - किसी व्यक्ति के बारे में यह उपधारणा की जाएगी कि उसने जानबूझकर अपने आपको अवैध रूप से समृद्ध किया है, यदि वह या उसकी ओर से कोई व्यक्ति, उसके पद की अवधि के दौरान किसी भी समय, उसके ज्ञात आय स्रोतों से अनुपातहीन धनीय संसाधन या संपत्ति पर कब्जा रखता है या कब्जा रखता था, जिसका लोक सेवक संतोषप्रद रूप से हिसाब नहीं दे सकता है।

स्पष्टीकरण 2.- ''आय के ज्ञात स्रोत'' से किसी वैध स्रोत से प्राप्त आय अभिप्रेत है । ]

(2) कोई भी लोक सेवक जो आपराधिक कदाचार करता है, उसे कम से कम [चार वर्ष] की अवधि के कारावास से, किन्तु जो [दस वर्ष] तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और वह जुर्माने से भी दण्डनीय होगा।


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