लाभांश वितरित करने के लिए विफलता के लिए सजा
लाभांश वितरित करने में विफलता के लिए दंड I
127.जहां किसी कंपनी द्वारा लाभांश घोषित किया गया है, किन्तु उसका भुगतान नहीं किया गया है या उसके संबंध में वारंट, लाभांश के भुगतान के हकदार किसी शेयरधारक को घोषणा की तारीख से तीस दिन के भीतर पोस्ट नहीं किया गया है, वहां कंपनी का प्रत्येक निदेशक, यदि वह जानबूझकर चूक का पक्षकार है, कारावास से, जो दो वर्ष तक का हो सकेगा और जुर्माने से, जो प्रत्येक दिन के लिए, जिसके दौरान ऐसी चूक जारी रहती है, एक हजार रुपए से कम नहीं होगा, दंडनीय होगा और कंपनी उस अवधि के दौरान, जिसके लिए ऐसी चूक जारी रहती है, अठारह प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से साधारण ब्याज का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी होगी:
बशर्ते कि इस धारा के अधीन कोई अपराध निम्नलिखित कारणों से किया गया नहीं समझा जाएगा:—
| (क) | जहां किसी कानून के लागू होने के कारण लाभांश का भुगतान नहीं किया जा सका; | |
| (ख) | जहां किसी शेयरधारक ने लाभांश के भुगतान के संबंध में कंपनी को निर्देश दिए हैं और उन निर्देशों का अनुपालन नहीं किया जा सकता है और उन्हें इसकी सूचना दे दी गई है; | |
| (ग) | जहां लाभांश प्राप्त करने के अधिकार के संबंध में विवाद हो; | |
| (घ) | जहां लाभांश को कंपनी द्वारा शेयरधारक से देय किसी राशि के विरुद्ध विधिपूर्वक समायोजित किया गया हो; या | |
| (ड़) | जहां, किसी अन्य कारण से, इस धारा के अंतर्गत अवधि के भीतर लाभांश का भुगतान करने या वारंट पोस्ट करने में विफलता कंपनी की ओर से किसी चूक के कारण नहीं थी। |

