आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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धारा 115खकक

कतिपय देशी कंपनियों की आय पर कर

धारा

धारा संख्या

115खकक

अध्याय शीर्षक

अध्याय XII - कुछ विशेष मामलों में कर का निर्धारण

अधिनियम

आय-कर अधिनियम, 1961

वर्ष

2019 (सं.2)

कतिपय देशी कंपनियों की आय पर कर

कतिपय देशी कंपनियों की आय पर कर

कराधान विधि (संशोधन) अध्यादेश, 2019 द्वारा 1-4-2020 से धारा 115खक के पश्चात् धारा 115खकक और 115खकख अंत:स्थापित की जाएगी।

कतिपय देशी कंपनियों की आय पर कर

115खकक. (1) इस अधिनियम में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी किंतु धारा 115खक और धारा 115खकख के अधीन उल्लिखित उपबंधों से भिन्न इस अध्याय के उपबंधों के अधीन रहते हुए, किसी ऐसे व्यक्ति की, जो एक देशी कंपनी है, 1 अप्रैल, 2020 को या उसके पश्चात् आरंभ होने वाले निर्धारण वर्ष से सुसंगत किसी पूर्ववर्ष के लिए कुल आय की बाबत संदेय आय-कर की संगणना ऐसे व्यक्ति के विकल्पानुसार, यदि उपधारा (2) में अंतर्विष्ट शर्तें पूरी हो जाती हैं, बार्इस प्रतिशत की दर पर की जाएगी;

(2) उपधारा (1) के प्रयोजनों के लिए, निम्नलिखित शर्तें इस शर्त के अधीन रहते हुए, लागू होंगी कि कंपनी की कुल आय की संगणना,-

(i) धारा 10कक या धारा 32 की उपधारा (1) के खंड (iiक) या धारा 32कघ या धारा 33कख या धारा 33कखक या धारा 35 की उपधारा (1) के उपखंड (ii) या उपखंड (iiक) या उपखंड (iii) या उपधारा (2कक) या उपधारा (2कख) या धारा 35कघ या धारा 35गगग या धारा 35गगघ के उपबंधों के अधीन या धारा 80ञञकक के उपबंधों से भिन्न, अध्याय 6क के "ग-कतिपय आय की बाबत कटौतियां" शीर्षक के अधीन आने वाले किन्हीं उपबंधों के अधीन किसी कटौती के बिना की गर्इ है;

(ii) किसी पूर्ववर्ती निर्धारण वर्ष से अग्रनीत किसी हानि का, यदि ऐसी हानि उपखंड (i) में निर्दिष्ट किसी कटौती के कारण हुर्इ मानी जा सकती है, मुजरा किए बिना की गर्इ है; और

(iii) धारा 32 की उपधारा (1) के खंड (iiक) से भिन्न, उक्त धारा के अधीन ऐसी रीति में, जो विहित की जाए, अवधारित अवक्षयण का दावा करते हुए की गर्इ है।

(3) उपधारा (2) के उपखंड (ii) में निर्दिष्ट हानि के बारे में यह समझा जाएगा कि उसे पहले ही प्रभावी किया जा चुका है और किसी पश्चात्वर्ती वर्ष के लिए ऐसी हानि के लिए कोर्इ और कटौती अनुज्ञात नहीं की जाएगी।

(4) इस धारा में अंतर्विष्ट कोर्इ बात तब तक लागू नहीं होगी जब तक व्यक्ति द्वारा 1 अप्रैल, 2020 को या उसके पश्चात् प्रारंभ होने वाले निर्धारण वर्ष से सुसंगत किसी पूर्ववर्ष के लिए आय-कर विवरणियां देने के लिए धारा 139 की उपधारा (1) के अधीन नियत तारीख को या उससे पूर्व विहित रीति में विकल्प का प्रयोग नहीं किया जाता है और ऐसा विकल्प, एक बार प्रयोग किए जाने पर, पश्चात्वर्ती निर्धारण वर्षों को लागू होगा:

परंतु जब किसी पूर्व वर्ष के लिए विकल्प का प्रयोग कर लिया जाता है तब उसी या किसी अन्य पूर्व वर्ष के लिए उसे बाद में वापस नहीं लिया जा सकता है।

 

 

 

[वित्त (सं. 2) अधिनियम, 2019 द्वारा संशोधित रूप में]

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